80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम्', 150 वर्ष पूर्ण होने पर ऐतिहासिक आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
15 अगस्त 2026 को देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा — पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन किया जाएगा। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 10 अगस्त को बताया कि वर्ष 2026 में 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, और इस अवसर को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से चिह्नित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक सामूहिक गायन
प्रधानमंत्री के लाल किले पहुँचने पर 'वंदे मातरम्' का गायन होगा, जिसके बाद ध्वजारोहण और राष्ट्र को संबोधन होगा। ज्ञान पथ पर 2,500 एनसीसी कैडेट और 'माई भारत' स्वयंसेवक मिलकर 'वंदे मातरम्' की आकृति बनाएंगे। भारतीय वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' का बैनर लेकर उड़ान भरेगा और उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस को एकसूत्र में बाँधने वाले इस राष्ट्रीय गीत को सम्मान देने के लिए 8 अगस्त से देशभर में सैन्य बैंड प्रस्तुतियाँ आरंभ हो चुकी हैं। सेना, नौसेना, वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, आईडीएस, आरपीएफ और असम राइफल्स के बैंड 343 प्रमुख स्थानों पर 15 अगस्त तक प्रदर्शन करेंगे, जिनमें आम नागरिक भी भाग ले सकेंगे।
युवाशक्ति और विकसित भारत 2047 पर विशेष फोकस
इस वर्ष के समारोह में 'युवा शक्ति' को केंद्र में रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है और उन्हें लाल किले की प्राचीर के निकट बैठाया जाएगा। समारोह स्थल की सजावट में भारत की परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक में हुई प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो विकसित भारत 2047 की यात्रा को रेखांकित करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार युवाओं को नीति-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने पर लगातार जोर दे रही है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के उत्कृष्ट इंटर्न, सफल स्टार्टअप उद्यमी, पीएम कौशल विकास योजना के प्रशिक्षित युवा और राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों से जुड़े नवप्रवर्तक भी 5,000 विशेष अतिथियों की सूची में शामिल हैं।
समाज के हर वर्ग को सम्मान
सरकार ने उन लोगों को विशेष रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया है जो पर्दे के पीछे रहकर समाज की सेवा करते हैं। पीएम स्वनिधि योजना के स्ट्रीट वेंडर, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यरत सफाईकर्मी, दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा परियोजना से जुड़े श्रमिक तथा दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के वार्ड अटेंडेंट भी समारोह में आमंत्रित हैं।
इसके अतिरिक्त महिला उद्यमी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के लाभार्थी भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में 1,500 से अधिक लोगों को भी बुलाया गया है।
प्रतियोगिताएँ और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था
रक्षा मंत्रालय और माईगव के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिताओं के लगभग 600 विजेताओं को भी समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इनमें 'विकसित भारत 2047 के निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका' विषय पर निबंध प्रतियोगिता, 'भारत 1947 बनाम भारत 2047' विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता और संविधान, महिला स्वतंत्रता सेनानियों, अंतरिक्ष व परमाणु तकनीक से जुड़े ऑनलाइन क्विज शामिल हैं।
अतिथियों की सुविधा के लिए 6 स्थानों पर 25 क्लॉक रूम, 200 स्वयंसेवक, 20 व्हीलचेयर और सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवा की व्यवस्था की गई है। आमंत्रितों के लिए निःशुल्क मेट्रो यात्रा, गूगल और मैपल्स मैप पर ट्रैफिक जानकारी तथा बारिश की स्थिति में रेन पॉन्चो भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष के निमंत्रण पत्र पर 'सेवा तीर्थ' की थीम अंकित है, जो कर्तव्य, सेवा और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का प्रतीक है। जल संरक्षण के संदेश को ध्यान में रखते हुए बैठने वाले परिसरों के नाम देश की प्रमुख झीलों पर रखे गए हैं।
आगे क्या
15 अगस्त 2026 को लाल किले पर होने वाला यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। कार्यक्रम के बाद एनसीसी कैडेट और माई भारत स्वयंसेवकों की भागीदारी से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगाँठ का यह उत्सव देशभर में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव की नई लहर उत्पन्न करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।