लाल किले से 'वंदे मातरम' का पहला सामूहिक गायन: भाजपा ने बताया ऐतिहासिक, विपक्ष पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुख्य समारोह का नेतृत्व करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इसे देशवासियों के लिए गौरव और ऐतिहासिक महत्व का क्षण बताया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ भाजपा नेता अश्विनी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के संकल्प के अनुरूप यह आयोजन एक नई परंपरा की शुरुआत है। उन्होंने कहा, 'जैसे लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि के तौर पर जल अर्पित करते हैं, वैसे ही 'वंदे मातरम' गाकर हम उन सभी शहीदों और देश की आजादी में योगदान देने वालों को श्रद्धांजलि देंगे। यह इतिहास में एक यादगार पल होगा।'
भाजपा नेता श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने कहा कि इस गीत के बोल युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की मजबूत भावना जगाते हैं। उनके अनुसार, लाल किले जैसे प्रतीकात्मक स्थल से इसका गायन करोड़ों लोगों में देशभक्ति की लौ और तेज करेगा।
विपक्ष के विरोध पर पलटवार
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा 'वंदे मातरम' गायन पर जताई गई आपत्ति के जवाब में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने लोकसभा का बहिष्कार किया, चुपचाप प्रस्ताव पास होने दिया और बाद में वोट-बैंक की राजनीति के चलते बाहर विरोध के बयान दिए।
श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने विपक्ष के रुख पर कहा कि 'वंदे मातरम' का विरोध करना देश में देशभक्ति की भावना का विरोध करने के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मदरसों में इसे स्वीकार नहीं किया जाता, तो महाराष्ट्र की आम जनता भी इसे स्वीकार नहीं करेगी।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 'वंदे मातरम' बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणा की भूमिका निभाई थी। यह भारत का राष्ट्रीय गीत है, जबकि 'जन गण मन' राष्ट्रगान है। लाल किले की प्राचीर से इसका प्रथम सामूहिक गायन इस परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
आगे क्या
15 अगस्त 2026 को होने वाले इस आयोजन पर पूरे देश की निगाहें होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस सामूहिक गायन की व्यवस्था और भागीदारी किस पैमाने पर होती है, और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया किस दिशा में जाती है।