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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का निर्देश: राजस्व नुकसान रोकें, बजट लक्ष्य हासिल करें

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का निर्देश: राजस्व नुकसान रोकें, बजट लक्ष्य हासिल करें

सारांश

तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने एक ही दिन दो अहम बैठकों में राज्य की प्रशासनिक दिशा तय की — एक तरफ वाणिज्यिक कर, खनन और आबकारी में राजस्व रिसाव बंद करने के कड़े निर्देश, दूसरी तरफ हैदराबाद को AI-संचालित 'कॉग्निटिव सिटी' बनाने का महत्वाकांक्षी विजन।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी ने 1 जुलाई 2026 को MCR HRD, हैदराबाद में उच्च-स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
वाणिज्यिक कर, आबकारी और खनन विभागों में राजस्व हानि पूरी तरह रोकने के निर्देश; HMDA और TGIIC पर विशेष फोकस।
राजस्व वसूली के लिए समर्पित 'चेजिंग सेल' गठित करने का आदेश।
बजट वास्तविक आँकड़ों पर आधारित हो, काल्पनिक नहीं — विभाग-वार बजट और भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता।
हैदराबाद में ट्रैफिक सिग्नलों को AI से जोड़ने और 'कॉग्निटिव सिटी' मॉडल अपनाने का प्रस्ताव।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बजट में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राजस्व संग्रह को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। MCR HRD संस्थान, हैदराबाद में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागों की राजस्व स्थिति का विस्तृत आकलन किया और कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश दिए।

राजस्व संग्रह पर मुख्य निर्देश

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने कहा कि वाणिज्यिक कर (Commercial Tax), आबकारी, खनन (Mining) और अन्य संबंधित विभागों में राजस्व की किसी भी प्रकार की क्षति को पूरी तरह रोका जाए। उन्होंने विशेष रूप से हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) और तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (TGIIC) से राजस्व जुटाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व वृद्धि और निधि संग्रह में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, विभागों को अपनी क्षमता और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।

'चेजिंग सेल' और बजट सुधार

रेवंत रेड्डी ने राजस्व वसूली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक समर्पित 'चेजिंग सेल' गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रस्तावित बजट काल्पनिक आँकड़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीनी वास्तविकता के आधार पर तैयार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लंबित परियोजनाओं और अन्य कार्यों के अनुसार विभाग-वार बजट तैयार किया जाए और परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार संबंधित विभागों को हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।

हैदराबाद ट्रैफिक प्रबंधन में AI और तकनीक

एक अलग बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूरे हैदराबाद में ट्रैफिक सिग्नलों के एकीकरण (Integration) का प्रस्ताव रखा। उन्होंने निर्बाध यातायात प्रबंधन के लिए सिग्नल प्रणाली को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने पर विशेष बल दिया, विशेष रूप से मानसून के दौरान यातायात प्रवाह को नियंत्रित करने के संदर्भ में।

दो प्रमुख तकनीकी संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री को हैदराबाद ट्रैफिक पायलट प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि शहरी चुनौतियों के त्वरित समाधान के लिए आधुनिक तकनीक का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है।

'कॉग्निटिव सिटी' का विजन

बैठक में 'नेक्स्ट जेनरेशन इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर' और 'फिजिकल इंटेलिजेंस' पर आधारित समाधानों पर चर्चा हुई। प्रस्तावित 'कॉग्निटिव सिटी' मॉडल के तहत ऐसे शहरी माहौल की परिकल्पना की गई है, जो रियल-टाइम भीड़ के आधार पर ट्रैफिक सिग्नल को स्वतः समायोजित कर सके, पानी के रिसाव का पूर्व-पता लगा सके, मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति प्रबंधित कर सके और आपातकाल में एम्बुलेंस व अग्निशमन वाहनों के लिए मार्ग स्वतः खाली कर सके।

दोनों संगठनों ने तेज़ी से बढ़ते शहरों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नई तकनीक अपनाने पर ज़ोर दिया, जिससे सरकारी कामकाज की दक्षता बढ़ेगी, नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिलेंगी और डेटा-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर नियोजन को बल मिलेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार राजस्व अनुशासन और स्मार्ट शहरी बुनियादी ढाँचे — दोनों मोर्चों पर एक साथ अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

AI-आधारित 'कॉग्निटिव सिटी' का विजन महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पायलट प्रोजेक्ट से आगे क्रियान्वयन की रफ्तार क्या रहती है। राजस्व अनुशासन और तकनीकी आधुनिकीकरण — दोनों एक साथ साधना प्रशासनिक इच्छाशक्ति की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM रेवंत रेड्डी ने राजस्व संग्रह को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 1 जुलाई 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वाणिज्यिक कर, आबकारी और खनन विभागों में राजस्व हानि पूरी तरह रोकी जाए और बजट लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राजस्व जुटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने HMDA और TGIIC पर विशेष ध्यान देने को कहा।
'चेजिंग सेल' क्या है और इसे क्यों बनाया जाएगा?
'चेजिंग सेल' एक समर्पित इकाई होगी जो राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करेगी। CM रेवंत रेड्डी ने इसे राजस्व संग्रह में तेज़ी लाने और किसी भी प्रकार की लापरवाही रोकने के उद्देश्य से गठित करने का आदेश दिया।
तेलंगाना सरकार हैदराबाद ट्रैफिक प्रबंधन में AI का उपयोग कैसे करेगी?
CM रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के सभी ट्रैफिक सिग्नलों को आपस में जोड़ने और उन्हें AI से संचालित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत मानसून में यातायात नियंत्रण, रियल-टाइम भीड़ के अनुसार सिग्नल समायोजन और आपातकालीन वाहनों के लिए स्वतः मार्ग खाली करने जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
'कॉग्निटिव सिटी' मॉडल क्या है?
'कॉग्निटिव सिटी' एक ऐसा स्मार्ट शहरी ढाँचा है जो AI, सेंसर और रोबोटिक्स की मदद से रियल-टाइम में यातायात, जल आपूर्ति, बिजली वितरण और आपातकालीन सेवाओं का स्वचालित प्रबंधन करता है। हैदराबाद में इस मॉडल को लागू करने की संभावनाओं पर 1 जुलाई की बैठक में चर्चा हुई।
HMDA और TGIIC पर विशेष ध्यान क्यों दिया गया?
हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) और तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (TGIIC) राज्य के प्रमुख राजस्व-सृजन निकाय हैं। CM रेवंत रेड्डी ने इन दोनों संस्थाओं से राजस्व संग्रह में तेज़ी लाने के लिए विशेष निर्देश दिए, क्योंकि शहरी विकास और औद्योगिक बुनियादी ढाँचे से जुड़ी आय बजट लक्ष्यों के लिए अहम है।
राष्ट्र प्रेस
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