26 जून 2026
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संजय जाजू तेलंगाना के नए मुख्य सचिव नियुक्त, उद्योग व IT विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी

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संजय जाजू तेलंगाना के नए मुख्य सचिव नियुक्त, उद्योग व IT विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी

सारांश

तेलंगाना में बड़ा प्रशासनिक बदलाव — मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने संजय जाजू को मुख्य सचिव चुना, जो BRS से अलग रहे और फरवरी 2029 तक सेवा में रहेंगे। यह चयन 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।

मुख्य बातें

संजय जाजू को तेलंगाना का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया; आदेश 26 जून 2026 को जारी।
वह 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे के.
रामकृष्ण राव का स्थान लेंगे।
जाजू 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और फरवरी 2029 तक सेवा में रहेंगे।
उन्हें उद्योग, वाणिज्य, आईटीई एवं सी विभाग तथा SPEED का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।
पूर्व में वह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
सुवर्णा 30 जून को सेवामुक्त; विनय कुमार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक का अतिरिक्त प्रभार।

तेलंगाना सरकार ने 26 जून 2026 को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय जाजू को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली सरकार ने इस संबंध में शुक्रवार को औपचारिक आदेश जारी किए। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी जाजू, 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे के. रामकृष्ण राव का स्थान लेंगे।

नियुक्ति का विवरण और अतिरिक्त प्रभार

सरकार ने एक अलग आदेश के ज़रिए मुख्य सचिव जाजू को कई महत्वपूर्ण विभागों का 'फुल एडिशनल चार्ज' भी सौंपा है। वह सरकार के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी (उद्योग और वाणिज्य, आईटीई एवं सी विभाग) तथा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में उद्योग और निवेश सेल के अतिरिक्त प्रभारी होंगे। इसके साथ ही वह 'स्मार्ट प्रोएक्टिव एफिशिएंट एंड इफेक्टिव डिलीवरी' (SPEED) के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी और सीईओ का कार्यभार भी संभालेंगे।

केंद्र की मंजूरी और वापसी

जाजू की नियुक्ति को लेकर पहले से ही अटकलें थीं, क्योंकि केंद्र सरकार ने नियुक्ति से मात्र दो दिन पूर्व उन्हें तेलंगाना वापस भेजने की स्वीकृति दी थी। इससे पहले वह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे। केंद्र में उनका कार्यकाल 15 वर्षों से अधिक का रहा है।

चयन के पीछे की रणनीति

मुख्यमंत्री रेड्डी ने जाजू को प्राथमिकता देने के दो प्रमुख कारण बताए जाते हैं। पहला, वह पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार से जुड़े नहीं रहे, जिससे उन्हें एक तटस्थ और निष्पक्ष अधिकारी माना जाता है। दूसरा, वह फरवरी 2029 के अंत तक सेवा में रहेंगे, जो 2028 के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों की दृष्टि से अनुकूल है।

गौरतलब है कि 1992 बैच के दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी — जयेश रंजन और विकास राज — क्रमशः 2027 और 2028 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जाजू को इसीलिए चुना ताकि शीर्ष प्रशासनिक पद पर निरंतरता बनी रहे।

संजय जाजू का प्रशासनिक अनुभव

जाजू को नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) की ऑनलाइन सेवाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने का श्रेय दिया जाता है। पूर्वोत्तर मंत्रालय से पहले उन्होंने रक्षा उत्पादन विंग में अतिरिक्त सचिव और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया। अविभाजित आंध्र प्रदेश में वह तत्कालीन हैदराबाद नगर निगम के कमिश्नर और IT विभाग में सचिव रह चुके हैं।

वन विभाग में भी बदलाव

सरकार ने 30 जून से आईएफएस अधिकारी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. सी. सुवर्णा को सेवा से मुक्त करने का आदेश दिया है। उनके स्थान पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन विनय कुमार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक का पूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा, कुछ अन्य आईएएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। जाजू की नियुक्ति के साथ तेलंगाना प्रशासन में एक नए अध्याय की शुरुआत होती दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोचा-समझा राजनीतिक दांव है — ऐसा अधिकारी जो BRS की छाया से मुक्त हो और 2028 के चुनावों तक पद पर बना रहे। लेकिन सवाल यह है कि क्या 15 साल केंद्र में बिताने के बाद जाजू तेलंगाना की ज़मीनी ज़रूरतों और राज्य-विशेष राजनीतिक पेचीदगियों से उतनी ही तेज़ी से तालमेल बिठा पाएंगे। उद्योग, IT और SPEED जैसे महत्वाकांक्षी विभागों का अतिरिक्त प्रभार एक साथ सौंपना उनकी क्षमता पर भरोसे का संकेत है, पर यह बोझ भी भारी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय जाजू कौन हैं और उन्हें तेलंगाना का मुख्य सचिव क्यों नियुक्त किया गया?
संजय जाजू 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वह पूर्ववर्ती BRS सरकार से जुड़े नहीं रहे और फरवरी 2029 तक सेवा में रहेंगे।
संजय जाजू किसकी जगह लेंगे और कब से कार्यभार संभालेंगे?
जाजू, 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे के. रामकृष्ण राव की जगह लेंगे। सरकार ने 26 जून को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
संजय जाजू को कौन-कौन से अतिरिक्त विभागों का प्रभार दिया गया है?
उन्हें उद्योग और वाणिज्य, आईटीई एवं सी विभाग के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी तथा CMO में उद्योग और निवेश सेल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा वह SPEED के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी और सीईओ का कार्यभार भी संभालेंगे।
तेलंगाना के वन विभाग में क्या बदलाव हुए हैं?
आईएफएस अधिकारी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. सी. सुवर्णा को 30 जून से सेवामुक्त किया जा रहा है। उनके स्थान पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन विनय कुमार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक का पूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जाजू को 1992 बैच के अन्य अधिकारियों पर प्राथमिकता क्यों दी गई?
1992 बैच के जयेश रंजन और विकास राज क्रमशः 2027 और 2028 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री ने जाजू को इसलिए चुना ताकि 2028 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों तक शीर्ष प्रशासनिक पद पर निरंतरता बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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