13 अगस्त 2026
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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर कड़ा प्रहार, धान महिला समूहों को देने का ऐलान

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर कड़ा प्रहार, धान महिला समूहों को देने का ऐलान

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने CMR लक्ष्य न पूरा करने वाले राइस मिलर्स पर शिकंजा कसा — डिफॉल्टर्स का धान महिला SHG को सौंपने का ऐलान और पाँच प्रमुख जिलों में साइलो बैग पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा। हजारों करोड़ की बकाया वसूली अब कैबिनेट सब-कमेटी की निगरानी में होगी।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 12 अगस्त को CMR लक्ष्य न पूरा करने वाले राइस मिलर्स से बकाया वसूली तेज़ करने के निर्देश दिए।
डिफॉल्टर मिलर्स को आवंटित धान अब महिला स्वयं-सहायता समूहों (SHG) को सौंपा जाएगा।
बकाया वसूली के लिए विशेष दिशा-निर्देश बनाकर कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
नलगोंडा, सूर्यपेट, निजामाबाद, पेड्डापल्ली और कामारेड्डी में साइलो बैग पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।
हर विधानसभा क्षेत्र में SHG-संचालित साइलो सुविधा के लिए 50 से 100 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।
पिछली सरकार पर बकाया जमा होने में अनियमितता का आरोप; विपक्ष की आलोचना भी की।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 12 अगस्त को हैदराबाद में कस्टम मिल्ड राइस (CMR) का लक्ष्य पूरा न करने वाले राइस मिलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बकाया वसूली में तेज़ी लाने और विशेष दिशा-निर्देश तैयार करने का आदेश दिया। यह बैठक सिविल सप्लाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी की उपस्थिति में सिविल सप्लाई विभाग की समीक्षा के दौरान हुई।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ईमानदार कारोबारी सोच वाले मिलर्स के साथ सहयोगपूर्ण रवैया रखेगी, लेकिन जो मिलर्स जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'अनाज के एक-एक दाने की कीमत वसूल की जानी चाहिए।' अधिकारियों को बकाया वसूली की प्रक्रिया के लिए विशेष दिशा-निर्देश तैयार कर कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया।

डिफॉल्टर मिलर्स का धान महिला समूहों को

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि जो मिलर्स डिफॉल्टर घोषित हो चुके हैं, उन्हें पहले आवंटित किया गया धान अब महिला स्वयं-सहायता समूहों (SHG) को सौंपा जाएगा और मिलिंग की जिम्मेदारी भी उन्हीं को दी जाएगी। यह कदम एक साथ दो उद्देश्य पूरा करता है — डिफॉल्टर मिलर्स पर दबाव और महिला समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण।

पिछली सरकार पर आरोप और विपक्ष की आलोचना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर राइस मिलर्स से बकाया वसूली में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिसके चलते हजारों करोड़ रुपये का बकाया जमा हो गया। उन्होंने विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बढ़ते बकाये के लिए मौजूदा सरकार को दोषी ठहराना तथ्यों से परे है।

धान भंडारण के लिए नई योजना

हर सीजन में धान भंडारण की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। अधिक धान उत्पादन वाले जिलों — नलगोंडा, सूर्यपेट, निजामाबाद, पेड्डापल्ली और कामारेड्डी — में साइलो बैग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

हर विधानसभा क्षेत्र में इन साइलो बैग सुविधाओं के लिए 50 से 100 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे स्वयं-सहायता समूह संचालित करेंगे। इस पर राजस्व, नागरिक आपूर्ति और महिला कल्याण मंत्रियों के साथ बैठक बुलाई जाएगी।

वैकल्पिक भंडारण समाधान

मुख्यमंत्री ने वीजीबी-राम जी योजना के तहत बड़े प्लेटफॉर्म बनाने और जर्मन टेंट के उपयोग की संभावना तलाशने का सुझाव दिया। अधिकारियों को मंडल और ग्राम स्तर पर निजी गोदामों, फंक्शन हॉल, पुराने सिनेमा हॉल और अन्य शेड की पहले से पहचान कर उन्हें धान भंडारण के लिए किराये पर लेने का निर्देश दिया गया। यह बहु-आयामी रणनीति तेलंगाना की खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या SHG के पास इतनी मिलिंग क्षमता और प्रशासनिक तैयारी है। साइलो बैग पायलट प्रोजेक्ट एक व्यावहारिक विचार है, पर इसकी सफलता ज़मीन अधिग्रहण और स्थानीय क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगी — जो तेलंगाना में ऐतिहासिक रूप से धीमी रही है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में CMR डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर क्या कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने निर्देश दिया है कि डिफॉल्टर मिलर्स से बकाया वसूली के लिए विशेष दिशा-निर्देश बनाए जाएँ और कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट सौंपी जाए। जो मिलर्स जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएँगे।
डिफॉल्टर मिलर्स का धान किसे मिलेगा?
डिफॉल्टर राइस मिलर्स को पहले आवंटित धान अब महिला स्वयं-सहायता समूहों (SHG) को सौंपा जाएगा और मिलिंग की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जाएगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण और बकाया वसूली दोनों को एक साथ साधने की कोशिश है।
तेलंगाना में साइलो बैग पायलट प्रोजेक्ट कहाँ शुरू होगा?
साइलो बैग का पायलट प्रोजेक्ट नलगोंडा, सूर्यपेट, निजामाबाद, पेड्डापल्ली और कामारेड्डी — इन पाँच अधिक धान उत्पादन वाले जिलों में शुरू किया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में 50 से 100 एकड़ ज़मीन SHG-संचालित साइलो सुविधा के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
तेलंगाना में राइस मिलर्स पर इतना बकाया क्यों जमा हुआ?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के अनुसार, पिछली सरकार ने राइस मिलर्स से बकाया वसूली में अनियमितताएँ बरतीं, जिसके कारण हजारों करोड़ रुपये का बकाया जमा हो गया। हालाँकि विपक्ष इस दावे से असहमत है और मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराता है।
धान भंडारण की समस्या से निपटने के लिए और क्या उपाय किए जाएँगे?
सरकार वीजीबी-राम जी योजना के तहत बड़े प्लेटफॉर्म और जर्मन टेंट के उपयोग की संभावना तलाशेगी। इसके अलावा मंडल और ग्राम स्तर पर निजी गोदामों, फंक्शन हॉल, पुराने सिनेमा हॉल और अन्य शेड की पहले से पहचान कर उन्हें किराये पर लेने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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