आईडीएफ में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका: ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' में 20%25 महिलाएं शामिल

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आईडीएफ में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका: ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' में 20%25 महिलाएं शामिल

सारांश

इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने 'रोरिंग लायन' अभियान के दौरान महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनके योगदान के आंकड़े साझा किए हैं। जानें, कैसे महिलाएं इस अभियान का अहम हिस्सा बन गई हैं।

Key Takeaways

  • महिलाओं का 20%25 हिस्सा ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' में शामिल है।
  • महिला लड़ाकू सैनिकों की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है।
  • आईडीएफ में 90%25 भूमिकाएं महिलाओं के लिए खुली हैं।
  • स्वास्थ्य और कल्याण की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है।
  • 2025 तक 35%25 स्थायी सेवा कर्मियों में महिलाएं होंगी।

इजरायल, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने अभियान "रोरिंग लायन" के दौरान महिलाओं की उपलब्धियों और सेवा से संबंधित आंकड़े साझा किए हैं।

आईडीएफ ने कहा कि संस्थापन के प्रारंभ से ही महिलाएं इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) में सेवा में सक्रिय हैं और उनका योगदान बल की सफलता में महत्वपूर्ण है। आज, "रोरिंग लायन" अभियान के दौरान महिलाएं आईडीएफ की परिचालन गतिविधियों का एक अनिवार्य हिस्सा बनी हुई हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, आईडीएफ ने महिलाओं के लिए युद्ध भूमिकाओं की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए कई नए उपाय लागू किए हैं। आईडीएफ में 90 प्रतिशत से अधिक भूमिकाएं महिलाओं के लिए खुली हैं, जिसमें लगभग 20 प्रतिशत लड़ाकू बल महिलाएं शामिल हैं। युद्ध के समय महिला सैनिकों ने विभिन्न युद्ध क्षेत्रों में पेशेवरता और दृढ़ संकल्प के साथ योगदान दिया है।

ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' की शुरुआत के साथ, कई आरक्षित बलों को सक्रिय किया गया है, और वर्तमान में सभी आरक्षित सैनिकों में लगभग 20 प्रतिशत महिलाएं हैं।

महिला सैनिकों के शारीरिक, मानसिक, और पेशेवर कल्याण की सुरक्षा प्रत्येक निर्णय में प्राथमिकता है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) अपने सैन्य कर्मियों की क्षमता को अधिकतम करने के लिए प्रयासरत है और उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक समायोजन भी करता है।

आईडीएफ के अनुसार, 2015 में लड़ाकू बलों में महिलाओं की संख्या 7.2 प्रतिशत थी, जो अब एक दशक बाद बढ़कर 21.2 प्रतिशत हो गई है। महिला सैनिकों की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। 2025 तक स्थायी सेवा कर्मियों में महिलाओं की संख्या लगभग 35 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर महिलाओं की उपस्थिति लगभग 24 प्रतिशत है और कर्नल पद पर यह संख्या लगभग 15 प्रतिशत है।

ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के दौरान, नौसेना अधिकारी पाठ्यक्रम से स्नातक लगभग 25 महिला कमांडर और लगभग 130 महिला नौसैनिक लड़ाकू सैनिकों के साथ अभियानों में शामिल हैं। इस अभियान के दौरान, नौसेना में खुफिया, योजना, कमान और गोलाबारी-निर्देशन भूमिकाओं में लगभग 40 प्रतिशत कर्मी महिलाएं हैं। वायु रक्षा प्रणाली में भी लगभग 50 प्रतिशत कर्मी महिलाएं हैं। इस ऑपरेशन के दौरान वायु सेना में लगभग 5,000 महिला आरक्षित सैनिक सेवा में हैं। सैपिर (स्पीयर) ब्रिगेड की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध बटालियन में 40 प्रतिशत से अधिक महिला सैनिक शामिल हैं।

Point of View

जो न केवल आईडीएफ की ताकत को बढ़ाती हैं, बल्कि इस बात का प्रमाण भी हैं कि आधुनिक युद्ध में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यह परिवर्तन न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

आईडीएफ में महिलाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है?
महिलाएं आईडीएफ में 20%25 लड़ाकू बल का हिस्सा हैं, जो उनके योगदान को दर्शाता है।
ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' क्या है?
यह इजरायल रक्षा बल का एक अभियान है जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है।
महिलाओं की संख्या में वृद्धि कैसे हुई है?
2015 में यह संख्या 7.2%25 थी, जो अब बढ़कर 21.2%25 हो गई है।
महिला सैनिकों के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
महिला सैनिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की सुरक्षा आईडीएफ की प्राथमिकता है।
आईडीएफ में महिलाओं की भविष्य की संभावनाएं क्या हैं?
2025 तक स्थायी सेवा कर्मियों में महिलाओं की संख्या लगभग 35%25 होने की उम्मीद है।
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