महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कदम, एचपीवी वैक्सीन का वितरण

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महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कदम, एचपीवी वैक्सीन का वितरण

सारांश

महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, एचपीवी वैक्सीन का मुफ्त वितरण किया गया। जानें इस पहल के महत्व और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विचार।

Key Takeaways

  • महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा हर दिन सुनिश्चित होना चाहिए।
  • एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।
  • समाज में जागरूकता फैलाना सभी की जिम्मेदारी है।
  • चिकित्सा सेवा में मानवीय मूल्यों का होना आवश्यक है।
  • सरकार और संस्थाओं का सहयोग इस पहल की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में रविवार को जन भवन, लखनऊ में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की एमबीबीएस और बीडीएस की १२० छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए मुफ्त एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन की पहली डोज दी गई। इस पहल के तहत महिला स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता का संदेश फैलाया गया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है, लेकिन समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हर दिन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं होना चाहिए जब महिलाओं को असुरक्षा या कठिनाइयों का सामना करना पड़े और समाज उनके साथ खड़ा न हो।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और चिकित्सकों की समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उनका सीधा संबंध मरीजों और उनके जीवन से होता है। चिकित्सा सेवा में संवेदनशीलता, सहानुभूति और समर्पण जैसे मानवीय मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। एक चिकित्सक का मरीज और उसके परिवार के साथ व्यवहार भी उपचार की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्यपाल ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों और वरिष्ठ चिकित्सकों के आदर्श व्यवहार से प्रेरणा लेकर चिकित्सा सेवा में मानवीय मूल्यों को अपनाएं और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखें।

उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण की पहल लगभग तीन वर्ष पहले जन भवन से ही प्रारंभ की गई थी, जब जन भवन के कर्मचारियों की बालिकाओं को इसकी तीनों डोज उपलब्ध कराई गई थीं। इसके बाद कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के सहयोग से उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में जन भवन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत प्रदेश के सभी आठ आकांक्षी जिलों में बालिकाओं को तीन लाख मुफ्त वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जनहितकारी अभियान में विभिन्न संस्थाएं और समाज के लोग भी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।

राज्यपाल ने बताया कि पुलिस कर्मियों की बालिकाओं के लिए भी एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत लखनऊ से हुई थी और अब यह पहल प्रदेश के लगभग सभी जिलों में प्रारंभ हो चुकी है। एचपीवी टीकाकरण केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला अभियान है और लोगों को इसके प्रति जागरूक कर बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण के राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। यह पहल महिला स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अंत में कहा कि समाज सेवा का कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है। यदि हम ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज की सेवा करते हैं तो इससे न केवल लोगों को लाभ मिलता है, बल्कि यह कार्य ईश्वर को भी प्रसन्न करता है।

Point of View

यह पहल महिला स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाता है बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

एचपीवी वैक्सीन क्या है?
एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाने के लिए दी जाती है, जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है।
यह पहल कब शुरू हुई?
यह पहल लगभग तीन वर्ष पहले जन भवन से शुरू की गई थी।
कौन सी छात्राओं को वैक्सीन दी गई?
एमबीबीएस और बीडीएस की 120 छात्राओं को वैक्सीन की पहली डोज दी गई।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाना है।
क्या यह वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध है?
यह वैक्सीन विशेष रूप से प्रदेश के आकांक्षी जिलों में बालिकाओं के लिए मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।
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