जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का खतरा समाप्त, नदियों का पानी सामान्य स्तर पर
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का खतरा समाप्त है।
- नदियों और नालों का पानी सामान्य स्तर पर है।
- पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
- स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- जलभराव की संभावना बनी हुई है।
श्रीनगर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में कहीं भी बाढ़ का खतरा नहीं है। जम्मू-कश्मीर सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने शनिवार सुबह 9 बजे तक की गेज रीडिंग साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि सभी नदियां और नाले अपने खतरे के स्तर से काफी नीचे हैं।
झेलम नदी के विभिन्न स्थानों पर पानी के स्तर की बात करें तो संगम में 6.63 फीट, पम्पोर में 0.53 मीटर, मुंशीबाग में 7.05 फीट, आशाम में 4.83 फीट एवं वुल्लार में 1574.08 मीटर दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार, मुख्य नदी में फिलहाल बाढ़ की कोई संभावना नहीं है और पानी नियंत्रित स्तर पर है।
नदियों के सहायक नालों की स्थिति भी ठीक है। खुडवानी में विशो नाला में 5.21 मीटर, वाची में रामबियारा नाला में 0.33 मीटर, बटकूट में लिद्दर नाला में -0.10 मीटर, बरज़ुल्ला में दूधगंगा नाला में 1.80 मीटर और डोडरहामा में सिंध नाला में 0.64 मीटर दर्ज किया गया है। इन नालों में भी पानी अपने चेतावनी स्तर से नीचे है, जिससे स्थानीय स्तर पर फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसलिए प्रशासन और जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नदियों और नालों का पानी का स्तर वर्तमान में सुरक्षित है, लेकिन स्थिति का निरंतर अवलोकन किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की उम्मीद है। 5 से 7 अप्रैल तक मौसम आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। 8 और 9 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 10 और 11 अप्रैल को भी हल्की बारिश या ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा। निचले क्षेत्रों में जलभराव की संभावना भी है। इसके बाद 12 से 15 अप्रैल तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है और कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।