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वाईएस जगन 14 जुलाई को विशाखापत्तनम में लापता मछुआरों के परिजनों से मिलेंगे, सरकार पर उठाए सवाल

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वाईएस जगन 14 जुलाई को विशाखापत्तनम में लापता मछुआरों के परिजनों से मिलेंगे, सरकार पर उठाए सवाल

सारांश

विशाखापत्तनम तट पर नाव दुर्घटना में छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। वाईएस जगन 14 जुलाई को पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। वाईएसआरसीपी ने बचाव में 20 घंटे की देरी और विभागों के बीच समन्वय की कमी पर सरकार को घेरा है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी 14 जुलाई को विशाखापत्तनम के जब्बारपेट में लापता छह मछुआरों के परिजनों से मिलेंगे।
जगन सुबह 10:30 बजे विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पहुँचेंगे और एकमात्र जीवित बचे कारी चिन्ना से भी मुलाकात करेंगे।
दुर्घटना तट से आठ समुद्री मील दूर हुई, फिर भी बचाव दल को पहुँचने में लगभग 20 घंटे लगे।
वाईएसआरसीपी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू , उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य मंत्रियों की चुप्पी पर सवाल उठाए।
विशाखापत्तनम में मतदाता सूची के विशेष संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया को 10 दिन और बढ़ाने की माँग की गई।

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी 14 जुलाई को विशाखापत्तनम पहुँचकर हाल ही में हुई नाव दुर्घटना में लापता हुए छह मछुआरों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। यह जानकारी वाईएसआरसीपी विशाखापत्तनम जिला अध्यक्ष केके राजू ने 12 जुलाई को दी। दुर्घटना विशाखापत्तनम तट से महज आठ समुद्री मील की दूरी पर हुई थी।

दौरे का कार्यक्रम

जगन मोहन रेड्डी सुबह 10:30 बजे विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर उतरेंगे और वहाँ से सीधे विशाखापत्तनम दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के जब्बारपेट में पीड़ित परिवारों के घर जाएँगे। वे दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे कारी चिन्ना और उनके परिजनों से भी मुलाकात करेंगे।

बचाव अभियान पर गंभीर सवाल

केके राजू ने इस त्रासदी पर सरकार की प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना तट से मात्र आठ समुद्री मील की दूरी पर हुई, फिर भी उन्नत तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में लगभग 20 घंटे लग गए। उनके अनुसार तटरक्षक बल, नौसेना, समुद्री पुलिस, मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी इस त्रासदी की एक प्रमुख वजह रही।

राजू ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने छह लापता मछुआरों का पता लगने से पहले ही बचाव अभियान को रोकने का निर्णय क्यों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कारी चिन्ना को बचाने का झूठा श्रेय लेने की कोशिश की।

नेताओं की चुप्पी पर निशाना

केके राजू ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि विशाखापत्तनम जिले के प्रतिनिधि गृह मंत्री ने अब तक पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश और कृषि मंत्री के. अचन्नाइडु की इस त्रासदी पर चुप्पी साधने के लिए आलोचना की। राजू का कहना है कि मंत्रियों ने प्रभावित परिवारों की बात सुने बिना ही मुआवजे के चेक वितरित कर दिए।

मतदाता सूची संशोधन पर भी उठे सवाल

केके राजू ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम की 97 प्रतिशत शहरी आबादी और उच्च प्रवासन दर के कारण मतदाता सत्यापन अत्यंत कठिन है। आधिकारिक रिपोर्टों और जमीनी हकीकत में अंतर का हवाला देते हुए उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त से मतदाता सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया को कम से कम दस दिन और बढ़ाने का आग्रह किया।

आगे क्या होगा

जगन मोहन रेड्डी की यह यात्रा विपक्ष की ओर से सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। लापता मछुआरों की तलाश और बचाव अभियान की स्थिति तथा सरकार की जवाबदेही पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तटीय आपदा प्रबंधन की गहरी खामियों का संकेत है। तटरक्षक बल, नौसेना, समुद्री पुलिस और मत्स्य विभाग के बीच समन्वय की विफलता कोई नई बात नहीं — यह पैटर्न भारत के कई तटीय राज्यों में बार-बार देखा गया है। असली सवाल यह है कि मुआवजे के चेक वितरित करने से पहले सरकार ने परिवारों की बात क्यों नहीं सुनी। जगन की यात्रा विपक्षी राजनीति का हिस्सा हो सकती है, लेकिन बचाव अभियान रोकने का निर्णय और जवाबदेही का अभाव — ये सवाल राजनीति से परे हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापत्तनम नाव दुर्घटना में कितने मछुआरे लापता हैं?
विशाखापत्तनम तट से आठ समुद्री मील दूर हुई नाव दुर्घटना में छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे कारी चिन्ना हैं।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी विशाखापत्तनम कब पहुँचेंगे?
वाईएस जगन मोहन रेड्डी 14 जुलाई को सुबह 10:30 बजे विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पहुँचेंगे और सीधे जब्बारपेट में पीड़ित परिवारों से मिलने जाएँगे।
बचाव अभियान में 20 घंटे की देरी क्यों हुई?
वाईएसआरसीपी के अनुसार तटरक्षक बल, नौसेना, समुद्री पुलिस, मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में लगभग 20 घंटे लग गए, जबकि दुर्घटना तट से महज आठ समुद्री मील दूर हुई थी।
वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने लापता मछुआरों का पता लगने से पहले ही बचाव अभियान रोक दिया, कारी चिन्ना को बचाने का झूठा श्रेय लिया और परिवारों की बात सुने बिना मुआवजे के चेक वितरित कर दिए। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों पर चुप्पी साधने का आरोप भी लगाया गया है।
विशाखापत्तनम में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) का मुद्दा क्या है?
वाईएसआरसीपी जिला अध्यक्ष केके राजू ने कहा कि विशाखापत्तनम की 97 प्रतिशत शहरी आबादी और उच्च प्रवासन दर के कारण मतदाता सत्यापन कठिन है। उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त से सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया को कम से कम दस दिन और बढ़ाने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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