विशाखापत्तनम नाव हादसा: 4 दिन की तलाश बेकार, 6 लापता मछुआरे मृत घोषित, परिवारों को ₹10-10 लाख
सारांश
मुख्य बातें
विशाखापत्तनम तट पर नाव पलटने के बाद 4 जुलाई 2026 से लापता 6 मछुआरों को अब मृत मान लिया गया है। चार दिन तक चले व्यापक तलाशी अभियान में भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड की टीमों को कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद 8 जुलाई को अधिकारियों ने अभियान रोकने का फैसला किया। आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रत्येक लापता मछुआरे के परिवार को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
हादसे का घटनाक्रम
विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के 7 मछुआरे 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए रवाना हुए थे। 4 जुलाई को तट की ओर लौटते समय नाव में तकनीकी खराबी आई और वह पलट गई। एक मछुआरे को एक मर्चेंट जहाज के क्रू ने बचाया, जो सोमवार को तट पर पहुँचा — उसी से मिली जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई तय की।
तलाशी अभियान और उसकी सीमाएँ
कोस्ट गार्ड के दो जहाजों और दो हेलीकॉप्टरों की मदद से मंगलवार आधी रात तक खोज जारी रही। भारतीय नौसेना की टीमें भी इस अभियान में शामिल थीं। 72 घंटे से अधिक की व्यापक तलाश के बाद भी छहों मछुआरों का कोई पता नहीं चला। अधिकारियों के अनुसार, समुद्री परिस्थितियों और बीते समय को देखते हुए जीवित मिलने की संभावना न के बराबर रह गई थी।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत राशि
राज्य के मंत्री कोल्लू रवींद्र ने लापता मछुआरों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख का चेक सौंपा। इस राशि में मत्स्य पालन विभाग की ओर से ₹5 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख शामिल हैं। मंत्री ने मीडिया को बताया कि व्यापक खोज के बावजूद कोई सुराग न मिलने के कारण मछुआरों को मृत मान लिया गया है।
आम मछुआरों पर असर
यह हादसा विशाखापत्तनम तटीय क्षेत्र के मछुआरा समुदाय के लिए गहरा आघात है। विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के ये परिवार अपने एकमात्र कमाने वाले सदस्यों को खो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तटीय मछुआरों की सुरक्षा और आधुनिक संचार उपकरणों की कमी को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
राहत राशि वितरण के बाद राज्य सरकार से मछुआरों की समुद्री सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक नीतिगत कदमों की माँग उठने की संभावना है। मछुआरा संगठन नावों में जीपीएस ट्रैकिंग और आपातकालीन संचार उपकरण अनिवार्य करने की पुरानी माँग को फिर से उठा सकते हैं।