विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: पवन कल्याण और लोकेश ने घायलों से मुलाकात की, मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख मुआवज़े का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने मंगलवार, 9 जून को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे के घायल कर्मचारियों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। सोमवार को हुए इस हादसे में 8 कर्मचारियों की मौत हो गई थी और 6 अन्य घायल हो गए थे।
मुआवज़े और सहायता का ऐलान
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने केआईएमएस आइकॉन हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों से मिले और उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि सरकार सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।
पवन कल्याण ने घोषणा की कि स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि प्रत्येक घायल कर्मचारी को ₹10 लाख की सहायता प्रदान की जाएगी।
हादसे का विवरण
सोमवार को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पिघला हुआ स्टील ढोने वाली एक लैडल (बड़ी धातु-कड़ाही) के अचानक फटने से यह दुर्घटना हुई। अधिकारियों के अनुसार, लैडल में भरा पिघला लोहा लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर था। लैडल के फटते ही बड़ी मात्रा में पिघला स्टील बाहर बह गया, जिससे आसपास मौजूद कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए। 8 कर्मचारियों की मौके पर या बाद में मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जाँच और सुरक्षा उपाय
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह जाँचेगी कि प्लांट प्रबंधन ने सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए थे या नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय इस्पात मंत्रालय द्वारा गठित जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जाँच के दौरान हर पहलू पर गहराई से विचार किया जाएगा।
पवन कल्याण ने विशाखापत्तनम और उसके आसपास बार-बार होने वाले औद्योगिक हादसों को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने उद्योगों के प्रबंधन से सेफ्टी ऑडिट कराने और संबंधित अधिकारियों को सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टील प्लांट के भविष्य पर आश्वासन
पवन कल्याण ने यह भी स्पष्ट किया कि विशाखापत्तनम स्टील प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष चाहते हैं कि यह प्लांट पब्लिक सेक्टर में ही रहे और सरकार इस दिशा में प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं को समझने के लिए उनके साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
लोकेश और अन्य नेताओं का दौरा
मंत्री नारा लोकेश ने किंग जॉर्ज हॉस्पिटल (केजीएच) में मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी और केएमएस हॉस्पिटल तथा सेवन हिल्स हॉस्पिटल में उपचाराधीन घायलों से मुलाकात की। उनके साथ केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा और राज्य की गृह मंत्री अनीता भी मौजूद थीं। लोकेश ने डॉक्टरों को घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पवन कल्याण के साथ इस दौरे में नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेन्दला मनोहर और विशाखापत्तनम दक्षिण के विधायक वामसीकृष्ण श्रीनिवास यादव भी शामिल रहे। सरकार ने आश्वस्त किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता मिलती रहेगी और इस दुखद हादसे की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी।