विजाग स्टील प्लांट धमाके में मृतकों की संख्या 10 हुई, सरकार ने मुआवजे और जाँच का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल), जिसे विजाग स्टील प्लांट के नाम से जाना जाता है, में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी सुरीबाबू की शनिवार, 14 जून को उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने से यह दुखद आँकड़ा दस तक पहुँच गया। शेष घायलों का इलाज किंग जॉर्ज अस्पताल (केजीएच), विशाखापत्तनम में जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
घटना की सूचना मिलते ही गाजुवाका के विधायक और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव तत्काल केजीएच पहुँचे। उन्होंने दिवंगत सुरीबाबू को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। पल्ला ने सभी आधिकारिक औपचारिकताओं — पोस्टमार्टम सहित — को बिना विलंब पूरा कराने की व्यक्तिगत निगरानी की।
पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा, 'मृतक परिवार को प्लांट प्रबंधन और सरकार दोनों की ओर से उचित मुआवजा और अन्य सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। मैं खुद इस मामले पर नज़र रख रहा हूँ।'
सरकार की प्रतिक्रिया
विधायक ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्टील प्लांट प्रबंधन से आग्रह किया कि सुरक्षा मानकों को तत्काल प्रभाव से और कड़ा किया जाए। पल्ला ने कहा, 'औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मज़दूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्लांट प्रबंधन को नियमित सेफ्टी ऑडिट, बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।'
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के उपचार का समस्त व्यय सरकार वहन करेगी।
प्रबंधन और यूनियन का रुख
आरआईएनएल प्रबंधन ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि घटना की उच्च स्तरीय जाँच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, श्रमिक यूनियनों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर सुरक्षा मानकों की पालना पर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि विजाग स्टील प्लांट में इससे पहले भी सुरक्षा संबंधी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इस धमाके ने एक बार फिर भारी उद्योगों में कार्यस्थल सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।
क्या होगा आगे
आरआईएनएल प्रबंधन द्वारा जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद है। श्रमिक यूनियनें स्वतंत्र जाँच और मुआवजे की राशि बढ़ाने की माँग पर अडिग हैं। विधायक पल्ला श्रीनिवास राव ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तक वे इस मामले में सक्रिय रहेंगे।