विशाखापतनम स्टील प्लांट हादसा: एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान, आंध्र प्रदेश से 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने विशाखापतनम स्टील प्लांट में हुई भीषण दुर्घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि मीडिया में प्रकाशित जानकारी तथ्यात्मक रूप से सही है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। इस हादसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और 5 घायल अस्पताल में भर्ती हैं।
हादसे का घटनाक्रम
यह दर्दनाक दुर्घटना सोमवार को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापतनम स्टील प्लांट स्थित स्टील मेल्टिंग शॉप में हुई। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर करीब 150 टन पिघला हुआ स्टील ले जा रहा एक लैडल अचानक फट गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पिघला स्टील पूरे कार्यस्थल पर बिखर गया और वहाँ मौजूद कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
प्रारंभ में 8 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान घायल ठेका कर्मचारी पायडीराजू की भी मृत्यु हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। अधिकारियों के अनुसार अभी भी 5 घायल श्रमिक दो अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
एनएचआरसी की माँगें
एनएचआरसी ने राज्य सरकार से घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उन्हें दिए जा रहे उपचार का विवरण, तथा मृतकों के परिजनों एवं घायलों को दी गई अनुग्रह राशि (मुआवजे) का पूरा ब्यौरा माँगा है। यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है।
श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों की अनदेखी की, जो इस जानलेवा हादसे की मूल वजह बनी। गौरतलब है कि यह इस प्लांट में हाल के वर्षों में हुई गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा
घटनास्थल का दौरा करने वाले आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मृतक श्रमिकों के परिवारों को ₹25-25 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की। आईसीयू में भर्ती घायलों को ₹10-10 लाख सहायता राशि देने का भी ऐलान किया गया।
उन्होंने बताया कि स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को सेवानिवृत्ति प्रावधानों के तहत करीब ₹1.72 करोड़ तक के लाभ मिलेंगे, जबकि ठेका कर्मचारियों के परिवारों को ₹45.75 लाख दिए जाएंगे। घायलों के इलाज का सम्पूर्ण खर्च प्लांट प्रबंधन वहन करेगा।
जाँच और विपक्ष की माँगें
हादसे की जाँच के लिए बोकारो स्टील प्लांट के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घोषित मुआवजे के अतिरिक्त प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, और विधानसभा में विशाखापतनम स्टील प्लांट के निजीकरण के विरुद्ध प्रस्ताव लाने की माँग की है।
एनएचआरसी की नोटिस और विशेषज्ञ जाँच दल की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाती है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।