27 जुलाई 2026
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विशाखापतनम स्टील प्लांट हादसा: एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान, आंध्र प्रदेश से 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब

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विशाखापतनम स्टील प्लांट हादसा: एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान, आंध्र प्रदेश से 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब

सारांश

विशाखापतनम स्टील प्लांट में 150 टन पिघले स्टील के लैडल विस्फोट ने 9 जिंदगियाँ लील लीं। एनएचआरसी ने स्वतः संज्ञान लिया, आंध्र प्रदेश से 2 हफ्ते में जवाब माँगा। श्रमिक संगठनों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने विशाखापतनम स्टील प्लांट हादसे पर स्वतः संज्ञान लिया; आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को 2 सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश।
आरआईएनएल के स्टील मेल्टिंग शॉप में 150 टन पिघले स्टील से भरे लैडल के विस्फोट में अब तक 9 श्रमिकों की मौत; 5 घायल अस्पताल में भर्ती।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने की घोषणा की; आईसीयू में भर्ती घायलों को ₹10 लाख ।
स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को ₹1.72 करोड़ तक के लाभ; ठेका कर्मचारियों के परिजनों को ₹45.75 लाख ।
हादसे की जाँच के लिए बोकारो स्टील प्लांट के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन; जगन मोहन रेड्डी ने अतिरिक्त ₹1 करोड़ मुआवजे की माँग की।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने विशाखापतनम स्टील प्लांट में हुई भीषण दुर्घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि मीडिया में प्रकाशित जानकारी तथ्यात्मक रूप से सही है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। इस हादसे में अब तक 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और 5 घायल अस्पताल में भर्ती हैं।

हादसे का घटनाक्रम

यह दर्दनाक दुर्घटना सोमवार को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के विशाखापतनम स्टील प्लांट स्थित स्टील मेल्टिंग शॉप में हुई। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर करीब 150 टन पिघला हुआ स्टील ले जा रहा एक लैडल अचानक फट गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पिघला स्टील पूरे कार्यस्थल पर बिखर गया और वहाँ मौजूद कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।

प्रारंभ में 8 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान घायल ठेका कर्मचारी पायडीराजू की भी मृत्यु हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। अधिकारियों के अनुसार अभी भी 5 घायल श्रमिक दो अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

एनएचआरसी की माँगें

एनएचआरसी ने राज्य सरकार से घायल श्रमिकों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उन्हें दिए जा रहे उपचार का विवरण, तथा मृतकों के परिजनों एवं घायलों को दी गई अनुग्रह राशि (मुआवजे) का पूरा ब्यौरा माँगा है। यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है।

श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानकों की अनदेखी की, जो इस जानलेवा हादसे की मूल वजह बनी। गौरतलब है कि यह इस प्लांट में हाल के वर्षों में हुई गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है।

सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवजा

घटनास्थल का दौरा करने वाले आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मृतक श्रमिकों के परिवारों को ₹25-25 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की। आईसीयू में भर्ती घायलों को ₹10-10 लाख सहायता राशि देने का भी ऐलान किया गया।

उन्होंने बताया कि स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को सेवानिवृत्ति प्रावधानों के तहत करीब ₹1.72 करोड़ तक के लाभ मिलेंगे, जबकि ठेका कर्मचारियों के परिवारों को ₹45.75 लाख दिए जाएंगे। घायलों के इलाज का सम्पूर्ण खर्च प्लांट प्रबंधन वहन करेगा।

जाँच और विपक्ष की माँगें

हादसे की जाँच के लिए बोकारो स्टील प्लांट के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घोषित मुआवजे के अतिरिक्त प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, और विधानसभा में विशाखापतनम स्टील प्लांट के निजीकरण के विरुद्ध प्रस्ताव लाने की माँग की है।

एनएचआरसी की नोटिस और विशेषज्ञ जाँच दल की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाती है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह हादसा उस बहस को एक नई और मानवीय परत देता है। एनएचआरसी का हस्तक्षेप स्वागतयोग्य है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब विशेषज्ञ जाँच दल की रिपोर्ट सार्वजनिक हो और यह स्पष्ट हो कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी किस स्तर पर हुई। मुआवजे की घोषणाएँ राहत देती हैं, लेकिन जब तक संरचनागत सुधार नहीं होते, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापतनम स्टील प्लांट में क्या हुआ?
आरआईएनएल के विशाखापतनम स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप में सोमवार को करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 150 टन पिघला स्टील ले जा रहा एक लैडल फट गया। पिघला स्टील पूरे कार्यस्थल पर फैल गया, जिससे 9 श्रमिकों की मौत हो गई और 5 घायल हो गए।
एनएचआरसी ने इस हादसे पर क्या कार्रवाई की?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर घायलों की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार एवं मुआवजे का विस्तृत विवरण माँगा है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही है तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है।
मृतक श्रमिकों के परिवारों को कितना मुआवजा मिलेगा?
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मृतकों के परिजनों को ₹25-25 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की है। स्थायी कर्मचारियों के परिवारों को सेवानिवृत्ति प्रावधानों के तहत करीब ₹1.72 करोड़ तक के लाभ और ठेका कर्मचारियों के परिजनों को ₹45.75 लाख मिलेंगे।
हादसे की जाँच कौन करेगा?
हादसे की जाँच के लिए बोकारो स्टील प्लांट के तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है। श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिसकी जाँच यह दल करेगा।
विपक्ष ने इस हादसे पर क्या माँगें रखी हैं?
वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घोषित मुआवजे के अतिरिक्त प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि और एक परिजन को नौकरी देने की माँग की है। उन्होंने विधानसभा में विशाखापतनम स्टील प्लांट के निजीकरण के विरुद्ध प्रस्ताव लाने की भी माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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