विशाखापत्तनम स्टील प्लांट विस्फोट: मृतक संख्या बढ़कर 10, 22 कर्मचारी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) स्टील प्लांट में 8 जून 2026 को हुए भीषण लैडल विस्फोट में मरने वालों की संख्या 14 जून को बढ़कर 10 हो गई, जब कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी जी. सुरीबाबू ने एमजीएम सेवन हिल्स हॉस्पिटल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा तब हुआ था जब प्लांट की एसएमएस-1 यूनिट में लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रही एक लैडल में अचानक विस्फोट हो गया और पिघला धातु बाहर बिखर गया।
हादसे का घटनाक्रम
8 जून को हुए विस्फोट में शुरुआती तौर पर 8 कर्मचारियों की मौके पर मृत्यु हो गई थी और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद 10 जून को एक अन्य कर्मचारी कंडुला पैदिराजू का निधन हो गया। 14 जून को सुरीबाबू की मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 10 पहुँच गई है। घायलों में से दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो अन्य का उपचार जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा
9 जून को दुर्घटना स्थल का दौरा करने के बाद आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मृत कर्मचारियों के परिजनों को ₹25 लाख प्रति परिवार मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की। गंभीर रूप से घायल और आईसीयू में भर्ती कर्मचारियों को ₹10 लाख का अतिरिक्त मुआवज़ा देने का भी ऐलान किया गया।
पवन कल्याण ने यह भी स्पष्ट किया कि रिटायरमेंट लाभ के तहत स्थायी कर्मचारियों को ₹1.72 करोड़ और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को ₹45.75 लाख दिए जाएंगे। घायलों के समस्त चिकित्सा व्यय का भार प्लांट प्रबंधन वहन करेगा।
राजनीतिक संवेदना और स्थानीय नेतृत्व
गजुवाका के विधायक एवं तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राज्य अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव सुरीबाबू के निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर पोस्टमार्टम समेत सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराने की व्यवस्था की। राव ने प्लांट प्रबंधन को भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का निर्देश दिया।
जाँच और निलंबन
दुर्घटना के कारणों की पड़ताल के लिए बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक-प्रभारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय बाहरी विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। इसके साथ ही आरआईएनएल प्रबंधन ने जाँच पूरी होने तक 22 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारी स्टील मेल्ट शॉप, मटीरियल मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस विभागों से हैं। यह कदम जवाबदेही तय करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है, हालाँकि जाँच की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
आगे की राह
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरआईएनएल में सुरक्षा प्रोटोकॉल की व्यापक समीक्षा की संभावना है। घायल कर्मचारियों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और मुआवज़े की राशि शीघ्र वितरित किए जाने की उम्मीद है।