विजाग स्टील प्लांट विस्फोट में 8 की मौत: रामचंद्र राव ने जताया शोक, जांच और मुआवजे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार, 8 जून को हुए एक भीषण विस्फोट में 8 कर्मचारियों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए, जब पिघला हुआ स्टील ले जा रही एक लैडल में विस्फोट हुआ और लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ लोहा बड़ी मात्रा में बाहर बह निकला। इस दुखद हादसे पर तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है।
हादसे का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में अत्यधिक उच्च तापमान पर पिघला हुआ स्टील एक लैडल में ले जाया जा रहा था। लैडल में अचानक हुए विस्फोट के बाद पिघला हुआ लोहा बड़े पैमाने पर लीक हो गया, जिसने आसपास मौजूद कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया। 8 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा दी गई।
रामचंद्र राव की प्रतिक्रिया
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मंगलवार को कहा, 'विजाग ब्लास्ट में आठ लोगों की मौत पर हम संवेदना व्यक्त करते हैं। यह एक दुर्घटना है जिसकी जांच होनी चाहिए। ऐसे हादसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और कामगारों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
PM मोदी और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में कहा, 'विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए हादसे से दुखी हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दे रहा है।'
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की समीक्षा बैठक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मुख्य सचिव साई प्रसाद, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विशाखापत्तनम के जिला कलेक्टर के साथ हादसे की विस्तृत समीक्षा की। जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को घटना के कारणों, घायलों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं और मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर देशभर में बहस जारी है। गौरतलब है कि विशाखापत्तनम स्टील प्लांट देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में से एक है। जांच के नतीजे और सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारी किस पर तय की जाएगी।