विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: मृतकों की संख्या 9 हुई, डिप्टी CM पवन कल्याण ने ₹25 लाख मुआवजे का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार, 9 जून को हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। बुधवार को सेवन हिल्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान कॉन्ट्रैक्ट वर्कर पिदिरजू की चोटों के कारण मौत हो गई, जिससे इस दुर्घटना की मानवीय कीमत और गहरी हो गई। पाँच अन्य घायल कर्मचारी अभी भी दो अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
हादसे का घटनाक्रम
सोमवार को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पिघले हुए स्टील से भरा एक लैडल (बड़ा धातु-पात्र) फट गया, जिससे लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला स्टील बड़ी मात्रा में लीक हो गया। अधिकारियों के अनुसार इस विस्फोट में 8 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बुधवार को एक और घायल कर्मचारी के निधन से मृतकों की कुल संख्या 9 पहुँच गई।
पिदिरजू का मर्मस्पर्शी अंतिम संदेश
अस्पताल ले जाए जाने के दौरान पिदिरजू द्वारा रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा हुआ। अपनी जान बचने की उम्मीद न होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे वर्मा को निर्देश दिए कि वह अपनी माँ का ख्याल रखे और यह सुनिश्चित करे कि उनका छोटा भाई अपनी पढ़ाई जारी रखे। यह संदेश औद्योगिक सुरक्षा की अनदेखी की मानवीय कीमत को उजागर करता है।
डिप्टी CM का मुआवजा और राहत पैकेज
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को दुर्घटना स्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों के लिए व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की। हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल और ICU में भर्ती कर्मचारियों को ₹10 लाख का मुआवजा मिलेगा।
पवन कल्याण ने यह भी बताया कि रिटायरमेंट लाभ के तहत स्थायी कर्मचारियों को ₹1.72 करोड़ और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को ₹45.75 लाख दिए जाएंगे। प्लांट प्रबंधन सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगा।
प्रभावित परिवारों के लिए अन्य सुविधाएँ
मारे गए कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा निर्बाध जारी रहेगी। उनके परिवार के सदस्य, कर्मचारी की रिटायरमेंट की उम्र तक, स्टील प्लांट के क्वार्टर में निःशुल्क निवास कर सकते हैं। जो प्रभावित परिवार फिलहाल टाउनशिप के बाहर किराए के मकानों में रह रहे हैं, उन्हें इच्छानुसार टाउनशिप के भीतर आवास आवंटित किया जाएगा।
जाँच और आगे की कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बोकारो स्टील प्लांट की एक तीन सदस्यीय समिति इस हादसे की विस्तृत जाँच करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह हादसा देश के सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर नए सिरे से सवाल खड़े करता है।