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विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: मृतकों के परिजनों को स्थायी नौकरी, ₹25 लाख मुआवजा और आवास का ऐलान

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विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: मृतकों के परिजनों को स्थायी नौकरी, ₹25 लाख मुआवजा और आवास का ऐलान

सारांश

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में 1,500 डिग्री सेल्सियस पर पिघले लोहे की लैडल फटने से हुई इस अभूतपूर्व दुर्घटना के बाद केंद्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को स्थायी नौकरी, ₹25 लाख मुआवजा और आवास का भरोसा दिया है। इस्पात मंत्रालय ने विशेष जांच समिति भी गठित की है।

मुख्य बातें

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पिघले स्टील की लैडल फटने से भीषण हादसा हुआ; पिघले लोहे का तापमान करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस था।
केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा देने की घोषणा की।
मृतकों के परिजनों को स्थायी नौकरी , बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और प्लांट परिसर में आवास देने का आश्वासन।
इस्पात मंत्रालय ने हादसे की जाँच के लिए विशेष जांच समिति गठित की।
चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय इस्पात मंत्री से बात कर गहन जाँच और अधिकतम सहायता का अनुरोध किया।
राममोहन नायडू के अनुसार देश के किसी स्टील प्लांट में यह पहली बार ऐसी घटना सामने आई है।

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद केंद्र सरकार ने 9 जून 2026 को मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में स्थायी नौकरी दी जाएगी, उनके बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च प्लांट वहन करेगा, और शोकाकुल परिवारों को प्लांट परिसर के भीतर आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा।

हादसे का स्वरूप और कारण

अधिकारियों के अनुसार, यह दुर्घटना तब हुई जब अत्यधिक तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रही एक लैडल में विस्फोट हो गया और बड़ी मात्रा में पिघला हुआ धातु बाहर फैल गया। पिघले हुए लोहे का तापमान करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस था, जिसके कारण हादसा अत्यंत भयावह साबित हुआ। मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि देश के किसी स्टील प्लांट में इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है, जिससे स्थिति का आकलन करना भी आसान नहीं था।

मुआवजा और राहत पैकेज

केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त हादसे में घायल हुए सभी लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार और स्टील प्लांट प्रबंधन प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जांच समिति का गठन

इस्पात मंत्रालय ने हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जाँच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। राममोहन नायडू ने बताया कि वे केंद्रीय इस्पात मंत्री कुमारस्वामी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुँचे थे। यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर पहले से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं।

राज्य सरकार की भूमिका

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय इस्पात मंत्री से सीधी बात की और घटना की गहन जाँच कराने के साथ-साथ मृतकों के परिवारों को अधिकतम सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। राज्य सरकार ने भी हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

सुरक्षा पर संकल्प

केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो। गौरतलब है कि यह हादसा देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में से एक में हुआ है, जो श्रमिक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर व्यापक पुनर्विचार की माँग करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि देश के एक प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम में 1,500 डिग्री सेल्सियस पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल इतने कमज़ोर क्यों थे। मंत्री का यह स्वीकारोक्ति कि 'देश में पहली बार ऐसी घटना हुई' — यह राहत नहीं, बल्कि चिंता का विषय है, क्योंकि इसका अर्थ है कि इससे निपटने की तैयारी शून्य थी। जांच समिति का गठन ज़रूरी है, लेकिन जब तक उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं होती, यह घोषणाएँ केवल क्षति-नियंत्रण तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा कैसे हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रही एक लैडल में विस्फोट हो गया, जिससे बड़ी मात्रा में पिघला धातु बाहर फैल गया। केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि देश के किसी स्टील प्लांट में इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है।
मृतकों के परिवारों को क्या मुआवजा मिलेगा?
केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा परिजनों को स्टील प्लांट में स्थायी नौकरी, बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और प्लांट परिसर में आवास उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है।
हादसे की जांच कौन करेगा?
इस्पात मंत्रालय ने हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जाँच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की है। केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू और इस्पात मंत्री कुमारस्वामी स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय इस्पात मंत्री से सीधी बात कर गहन जाँच और मृतकों के परिवारों को अधिकतम सहायता का अनुरोध किया है। राज्य सरकार ने भी हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
हादसे में घायल कर्मचारियों के इलाज की क्या व्यवस्था है?
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी कर्मचारियों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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