24 जुलाई 2026
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विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में लैडल विस्फोट: 8 श्रमिकों की मौत, PM मोदी ने PMNRF से ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान

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विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में लैडल विस्फोट: 8 श्रमिकों की मौत, PM मोदी ने PMNRF से ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान

सारांश

विशाखापत्तनम के RINL स्टील प्लांट में 1,500°C पिघले स्टील से भरी लैडल के फटने से 8 श्रमिकों की जान गई। PM मोदी ने PMNRF से ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान किया। जाँच शुरू, सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश।

मुख्य बातें

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (RINL) में 8 जून को दोपहर 4:15 बजे लैडल विस्फोट में 8 श्रमिकों की मौत , 6 घायल ।
मृतकों में 6 नियमित कर्मचारी और 2 ठेका श्रमिक ; पहचाने गए नाम: अप्पा राव, प्रभाकर राव, कृष्णा, रमणा और त्रिनाथ ।
PM नरेंद्र मोदी ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 अनुग्रह राशि की घोषणा की।
चंद्रबाबू नायडू ने राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए; उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने भी शोक जताया।
हादसे की औपचारिक जाँच शुरू ; प्लांट में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के आदेश।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (RINL) में सोमवार, 8 जून को हुए एक भीषण औद्योगिक हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए। दोपहर करीब 4:15 बजे SMS-2 और STC-3 हीट फैसिलिटी में 1,500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर पिघला हुआ स्टील ढो रही लैडल में अचानक विस्फोट हो गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा भारत के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम इस्पात संयंत्रों में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है।

हादसे का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट उस समय हुआ जब SMS-2 और STC-3 हीट फैसिलिटी में पिघले स्टील को लैडल के ज़रिए उठाने की प्रक्रिया चल रही थी। विस्फोट के साथ ही बड़ी मात्रा में तरल धातु बाहर फैल गई, जिससे आसपास काम कर रहे श्रमिकों को बचने का मौका नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही प्लांट कर्मचारियों, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

मृतकों में 6 नियमित कर्मचारी और 2 ठेका श्रमिक शामिल हैं। पहचान हो चुके पाँच मृतकों के नाम अप्पा राव, प्रभाकर राव, कृष्णा, रमणा और त्रिनाथ हैं। 6 घायलों में से तीन को किम्स अस्पताल और तीन को सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

PM मोदी की प्रतिक्रिया और मुआवज़े का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए हादसे से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।' प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की।

राज्य और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर लिखा, 'विशाखा स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना ने मुझे गहरा झटका दिया है। इस हादसे में कई श्रमिकों की मौत की खबर बेहद दुखद है। मैंने संबंधित अधिकारियों से बात की है और सभी सरकारी विभागों के समन्वय से राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।' उन्होंने सभी विभागों को प्रभावित परिवारों की सहायता में समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी शोक व्यक्त करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात राज्यमंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा, 'विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (RINL) में हुए इस दुखद लैडल विस्फोट हादसे से मैं बेहद आहत हूं। औद्योगिक सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जाँच के बाद ही चल सकेगा और केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

जाँच और आगे की कार्रवाई

हादसे के कारणों की औपचारिक जाँच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने प्लांट में सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि RINL देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उत्पादकों में से एक है और इस संयंत्र में पिछले कुछ वर्षों से निजीकरण को लेकर श्रमिक संगठनों और सरकार के बीच तनाव भी रहा है। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर देशभर में बहस तेज़ है। जाँच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कर्मचारियों की कटौती और रखरखाव के बजट पर दबाव झेल रहा है। जब कोई सार्वजनिक उपक्रम आर्थिक तंगी में होता है, तो सुरक्षा मानक सबसे पहले कमज़ोर पड़ते हैं — और लैडल जैसे उच्च-जोखिम उपकरणों की नियमित जाँच की अनदेखी इसी का परिणाम हो सकती है। PMNRF मुआवज़ा ज़रूरी राहत है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जाँच में संस्थागत लापरवाही की जवाबदेही तय होगी या यह भी 'मानवीय भूल' के खाते में बंद हो जाएगी। औद्योगिक सुरक्षा को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' कहना पर्याप्त नहीं — उसे सत्यापन-योग्य ऑडिट रिकॉर्ड और जवाबदेह अधिकारियों की ज़रूरत है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में क्या हादसा हुआ?
8 जून को RINL विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के SMS-2 और STC-3 हीट फैसिलिटी में लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला स्टील ढो रही लैडल में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हुए।
PM मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए क्या मुआवज़ा घोषित किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
हादसे में कितने लोग मारे गए और घायल हुए, और उनकी पहचान क्या है?
हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हुई — जिनमें 6 नियमित कर्मचारी और 2 ठेका श्रमिक शामिल हैं। पाँच मृतकों की पहचान अप्पा राव, प्रभाकर राव, कृष्णा, रमणा और त्रिनाथ के रूप में हुई है। 6 घायलों में से तीन किम्स अस्पताल और तीन सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने संबंधित अधिकारियों से बात कर सभी सरकारी विभागों को राहत कार्य में समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर हादसे को 'गहरा झटका' बताया और राहत कार्य तेज़ करने की बात कही।
हादसे की जाँच कब तक पूरी होगी और आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार हादसे के कारणों की औपचारिक जाँच शुरू कर दी गई है और विस्तृत जाँच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएंगे। केंद्रीय मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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