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बांग्लादेश में खसरे से 758 मौतें, डेंगू के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य तंत्र पर दोहरा संकट

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बांग्लादेश में खसरे से 758 मौतें, डेंगू के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य तंत्र पर दोहरा संकट

सारांश

बांग्लादेश में खसरे से मौतों का आँकड़ा 758 पर पहुँच गया है और प्रतिदिन 900 से अधिक नए मरीज़ अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इसी बीच जून में डेंगू से 72% मौतें दर्ज होने और मानसून के चरम पर होने से विशेषज्ञों ने दोहरी महामारी की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में खसरे से जुड़ी पुष्ट और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 758 हो गई — 664 संदिग्ध, 94 प्रयोगशाला-पुष्ट।
पिछले 24 घंटों में 5 और बच्चों की मौत; 879 नए संदिग्ध और 90 नए पुष्ट मामले दर्ज।
कुल संदिग्ध संक्रमण 1,11,480 ; पुष्ट मामले 13,500 ; 15 मार्च से 94,340 अस्पताल में भर्ती।
इस वर्ष कुल डेंगू मौतों में से 72% और मामलों में से 48% अकेले जून में दर्ज।
BMU के एसोसिएट प्रोफेसर फज़ल रब्बी चौधरी ने मानसून में मच्छर प्रजनन से अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव की चेतावनी दी।
विशेषज्ञों ने सरकार से लार्वा-नाशक अभियान, अस्थायी उपचार केंद्र और अलग डेंगू वार्ड की माँग की।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 12 जुलाई को रविवार सुबह 8 बजे (स्थानीय समय) तक के पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से पाँच और बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में खसरे से जुड़ी पुष्ट और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 758 पर पहुँच गई है। इसी बीच डेंगू के मामलों में तेज़ी ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता और बढ़ा दी है।

खसरे के ताज़ा आँकड़े

बांग्लादेश स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, संदिग्ध खसरे से हुई मौतों की संख्या 664 है, जबकि प्रयोगशाला जाँच से पुष्ट मौतें 94 पर बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटों में 879 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध संक्रमणों की संख्या 1,11,480 हो गई है। इसी अवधि में प्रयोगशाला-पुष्ट 90 नए मामले दर्ज किए गए, और कुल पुष्ट मामलों की संख्या अब 13,500 है।

DGHS के आँकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से अब तक 94,340 संदिग्ध खसरा मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें से 90,605 ठीक होकर घर लौट चुके हैं। हालाँकि, प्रतिदिन 900 से अधिक नए मरीज़ अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य ढाँचे पर भारी दबाव बना हुआ है।

डेंगू का बढ़ता साया

खसरे के संकट के बीच डेंगू की स्थिति भी तेज़ी से बिगड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष अब तक दर्ज कुल डेंगू मामलों में से 48 प्रतिशत मामले और कुल मौतों में से 72 प्रतिशत मौतें अकेले जून माह में रिकॉर्ड की गई हैं। ढाका के बड़े सरकारी अस्पताल, जो पहले भी डेंगू के प्रकोप में हज़ारों मरीज़ों का बोझ उठा चुके हैं, इस समय खसरे के मरीज़ों की भारी संख्या से जूझ रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि जुलाई और अगस्त में मानसून के चरम पर एडीज़ मच्छरों के प्रजनन को नहीं रोका गया, तो डेंगू के आँकड़े और भयावह हो सकते हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी

बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी (BMU) के आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर फज़ल रब्बी चौधरी ने कहा कि खसरे के मामलों में कमी आनी शुरू हुई है, लेकिन यह गति उम्मीद से धीमी है। उन्होंने कहा, 'इसी समय मानसून मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है और डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं। इससे निश्चित रूप से अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।'

विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि दोनों बीमारियों के लक्षण कुछ हद तक मिलते-जुलते हो सकते हैं, जिससे सटीक निदान और उचित उपचार में देरी का जोखिम बढ़ जाता है।

सरकार से अपील

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार से तत्काल कदम उठाने की माँग की है — मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के अभियान तेज़ करना, अस्थायी उपचार केंद्र बढ़ाना और अस्पतालों में डेंगू के लिए अलग वार्ड स्थापित करना, ताकि दोनों महामारियों से एक साथ प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यह स्थिति ऐसे समय में और गंभीर हो जाती है जब देश का स्वास्थ्य तंत्र पहले से ही अत्यधिक दबाव में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की कमज़ोर स्वास्थ्य अवसंरचना का परिणाम है — जहाँ एक बीमारी से निपटते-निपटते दूसरी दस्तक दे देती है। जून में डेंगू से 72% मौतें और अब मानसून का चरम — यह संयोग नहीं, बल्कि पूर्वानुमानित आपदा है जिसकी तैयारी नहीं हुई। खसरे के टीकाकरण में चूक और मच्छर नियंत्रण की उपेक्षा एक साथ सामने आई हैं, जो नीतिगत प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाती हैं। बांग्लादेश सरकार के लिए यह वक्त केवल आँकड़े जारी करने का नहीं, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य क्षमता विस्तार का है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
DGHS के आँकड़ों के अनुसार, 12 जुलाई तक बांग्लादेश में खसरे से जुड़ी कुल 758 मौतें दर्ज हो चुकी हैं — जिनमें 664 संदिग्ध और 94 प्रयोगशाला-पुष्ट मौतें शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में पाँच और बच्चों की मौत हुई।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
12 जुलाई तक बांग्लादेश में खसरे के 1,11,480 संदिग्ध और 13,500 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले दर्ज हो चुके हैं। 15 मार्च से अब तक 94,340 संदिग्ध मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 90,605 ठीक हो चुके हैं।
बांग्लादेश में डेंगू का खतरा इतना गंभीर क्यों है?
रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष के कुल डेंगू मामलों में से 48% और मौतों में से 72% अकेले जून में दर्ज हुईं। मानसून के चरम पर एडीज़ मच्छरों के प्रजनन में तेज़ी की आशंका है, जो पहले से खसरे के बोझ तले दबे अस्पतालों पर और दबाव डाल सकती है।
BMU के विशेषज्ञ फज़ल रब्बी चौधरी ने क्या चेतावनी दी?
बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर फज़ल रब्बी चौधरी ने कहा कि खसरे के मामलों में कमी उम्मीद से धीमी है और मानसून मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। उनके अनुसार डेंगू के बढ़ते मामले अस्पतालों पर निश्चित रूप से अतिरिक्त दबाव डालेंगे।
बांग्लादेश सरकार से विशेषज्ञों ने क्या माँग की है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के अभियान तेज़ करने, अस्थायी उपचार केंद्र बढ़ाने और अस्पतालों में डेंगू के लिए अलग वार्ड स्थापित करने की अपील की है। इसका उद्देश्य खसरे और डेंगू — दोनों महामारियों से एक साथ प्रभावी ढंग से निपटना है।
राष्ट्र प्रेस
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