13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धनबाद सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को भेजा ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धनबाद सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को भेजा ₹2 करोड़ का मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी की माँग

सारांश

धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को ₹2 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजकर राजनीतिक विवाद को कानूनी अखाड़े में खींच लिया है। सात दिन में माफी न मिली तो दीवानी और आपराधिक दोनों मोर्चों पर अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की चेतावनी दी गई है।

मुख्य बातें

धनबाद सांसद ढुलू महतो ने 12 जुलाई 2026 को निरसा विधायक अरूप चटर्जी को ₹2 करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस में विधायक के प्रेस वार्ता और सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को झूठा, निराधार और मानहानिकारक बताया गया है।
विधायक को 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी माँगने, आरोप वापस लेने और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित सामग्री हटाने की माँग की गई है।
माँगें न मानने पर सांसद ने सक्षम न्यायालय में दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सांसद के अनुसार यह कदम व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि सम्मान, सत्य और कानून के शासन की रक्षा के लिए उठाया गया है।

धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने 12 जुलाई 2026 को निरसा विधायक अरूप चटर्जी को ₹2 करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। सांसद के अधिवक्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में विधायक पर प्रेस वार्ता और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठे एवं निराधार आरोप लगाने का आरोप है। धनबाद की राजनीतिक खींचतान अब अदालती मैदान में पहुँचती दिख रही है।

नोटिस में क्या कहा गया

कानूनी नोटिस के अनुसार, अरूप चटर्जी ने सांसद ढुलू महतो और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए, जिनका प्रचार-प्रसार प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया माध्यमों पर हुआ। नोटिस में इन बयानों को झूठा, निराधार और मानहानिकारक करार दिया गया है। सांसद की ओर से दावा किया गया है कि इन बयानों से उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचा है।

विधायक के सामने तीन शर्तें

नोटिस में अरूप चटर्जी के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखी गई हैं। पहली — सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी माँगें। दूसरी — कथित आरोपों को वापस लें और सोशल मीडिया सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित वीडियो, पोस्ट और सामग्री हटाएँ। तीसरी — कथित प्रतिष्ठा हानि के लिए ₹2 करोड़ की क्षतिपूर्ति दें।

सांसद ढुलू महतो का पक्ष

सांसद ढुलू महतो ने कहा, 'लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना प्रमाण और तथ्यों के किसी व्यक्ति पर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाना उचित नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानूनी कदम किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि 'सम्मान, सत्य और कानून के शासन की रक्षा' के लिए उठाया गया है।

अनुपालन न होने पर अगला कदम

महतो ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित सात दिनों की अवधि में नोटिस की माँगों का पालन नहीं किया गया, तो वे सक्षम न्यायालय में दीवानी और आपराधिक — दोनों प्रकार की कार्रवाई शुरू करेंगे। गौरतलब है कि धनबाद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला कुछ समय से जारी है, और यह नोटिस उस विवाद को औपचारिक कानूनी रूप देने का पहला कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अधिक औपचारिक चरण का संकेत है — जहाँ मीडिया की लड़ाई अदालत तक पहुँच रही है। हालाँकि, ₹2 करोड़ की माँग और सात दिन की समयसीमा दबाव की रणनीति के रूप में भी पढ़ी जा सकती है, न कि केवल न्यायिक राहत की माँग के रूप में। असली सवाल यह है कि क्या अरूप चटर्जी के कथित बयानों में कोई तथ्यात्मक आधार था — जिसकी जाँच अदालत में ही हो सकती है। जब तक दोनों पक्षों के दावे सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं होते, इस विवाद को केवल एकतरफे दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ढुलू महतो ने अरूप चटर्जी को मानहानि नोटिस क्यों भेजा?
धनबाद सांसद ढुलू महतो के अनुसार, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने प्रेस वार्ता और सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचा। इसी कारण उनके अधिवक्ता के माध्यम से ₹2 करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा गया है।
नोटिस में अरूप चटर्जी से क्या माँगा गया है?
नोटिस में तीन मुख्य माँगें हैं — सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी, सभी डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कथित मानहानिकारक सामग्री हटाना, और ₹2 करोड़ की क्षतिपूर्ति। भविष्य में ऐसे बयान न देने की शर्त भी शामिल है।
यदि अरूप चटर्जी नोटिस का जवाब नहीं देते तो क्या होगा?
सांसद ढुलू महतो ने स्पष्ट किया है कि सात दिनों की निर्धारित अवधि में माँगें न मानने पर वे सक्षम न्यायालय में दीवानी और आपराधिक — दोनों प्रकार की कार्रवाई शुरू करेंगे। यह मामला अदालती लड़ाई में बदल सकता है।
यह विवाद किस पृष्ठभूमि में उभरा है?
धनबाद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला कुछ समय से जारी है। अरूप चटर्जी निरसा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जबकि ढुलू महतो धनबाद लोकसभा सीट के सांसद हैं। यह नोटिस उस राजनीतिक विवाद को औपचारिक कानूनी रूप देने का पहला कदम माना जा रहा है।
मानहानि के इस मामले में ₹2 करोड़ की राशि कैसे तय की गई?
नोटिस के अनुसार यह राशि सांसद ढुलू महतो की कथित प्रतिष्ठा हानि के मुआवज़े के रूप में माँगी गई है। भारतीय कानून में मानहानि के मामलों में क्षतिपूर्ति की राशि वादी द्वारा दावा की गई हानि के आधार पर तय होती है, और अंतिम निर्णय न्यायालय करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले