10 अगस्त 2026
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महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे की तैयारी, TMC बागी सांसदों ने वर्चुअल बैठक में लिया फैसला

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महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे की तैयारी, TMC बागी सांसदों ने वर्चुअल बैठक में लिया फैसला

सारांश

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर बागी सांसदों पर ₹40 करोड़ लेकर पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया — अब ये बागी सांसद कानूनी पलटवार की तैयारी में हैं। पश्चिम बंगाल की यह अंदरूनी लड़ाई अब अदालत तक पहुँच सकती है।

मुख्य बातें

TMC बागी लोकसभा सांसदों ने 21 जून को वर्चुअल बैठक कर महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे पर विचार किया।
बागी समूह का नेतृत्व डॉ.
काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय कर रही हैं; सभी अब NCPI में शामिल हो चुके हैं।
मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि प्रत्येक बागी सांसद को NCPI जॉइन करने के लिए कम से कम ₹40 करोड़ मिले।
मोइत्रा के पोस्ट में दावा था — ₹4 करोड़ एडवांस और 36 महीनों तक ₹1 करोड़ प्रति माह ।
शताब्दी रॉय ने मानहानि मुकदमे की संभावना की पुष्टि की; औपचारिक कानूनी कार्रवाई अभी विचाराधीन।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पार्टी के बागी लोकसभा सांसदों के समूह ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है। 21 जून को हुई एक वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में फैले इन बागी सांसदों ने इस कानूनी कदम पर चर्चा की। इस समूह का नेतृत्व चार बार की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और अभिनेत्री-सांसद शताब्दी रॉय कर रही हैं।

विवाद की जड़: मोइत्रा का सोशल मीडिया पोस्ट

विवाद तब शुरू हुआ जब महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दो बागी TMC सांसदों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पैसे के बदले पार्टी छोड़कर त्रिपुरा स्थित नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का निर्णय लिया। मोइत्रा ने दावा किया कि प्रत्येक सांसद को NCPI में शामिल होने के लिए कम से कम ₹40 करोड़ दिए गए।

यह पोस्ट महाराष्ट्र के एक अलग राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी थी। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के कुछ सांसदों के बागी होने की चर्चाओं के बीच ठाकरे गुट के संजय राउत ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि कुछ सांसदों को ₹15 करोड़ देकर तोड़ा जा रहा है। इसी पोस्ट को साझा करते हुए मोइत्रा ने TMC बागियों पर तंज कसा और लिखा, 'सिर्फ 15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? हमारे सूत्रों के अनुसार उन्हें ₹4 करोड़ एडवांस और बाकी 36 महीनों तक ₹1 करोड़ प्रति माह मिल रहे हैं।'

बागी सांसदों की प्रतिक्रिया और वर्चुअल बैठक

सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर हुई इस वर्चुअल बैठक में बागी सांसदों ने मोइत्रा के आरोपों को आधारहीन और मानहानिकारक बताया। शताब्दी रॉय ने मानहानि मुकदमे की संभावना की पुष्टि करते हुए कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि ये सभी बागी सांसद और विधायक अब NCPI में शामिल हो चुके हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर बगावत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पश्चिम बंगाल विधानसभा के कई बागी विधायक भी मोइत्रा के सोशल मीडिया हमलों का निशाना बन रहे हैं।

मोइत्रा का पक्ष: पहले इस्तीफा, फिर बोलें

महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा है कि जो सांसद और विधायक TMC के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्टी छोड़ रहे हैं, वे मतदाताओं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उनका तर्क है कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोलने से पहले इन नेताओं को अपनी सीट से इस्तीफा देना चाहिए।

क्या होगा आगे

अभी तक बागी सांसदों की ओर से कोई औपचारिक कानूनी नोटिस नहीं भेजा गया है और मानहानि का मुकदमा दायर होना अभी कथित तौर पर विचाराधीन है। यदि मुकदमा दायर होता है, तो यह TMC के आंतरिक संकट को एक नया कानूनी आयाम देगा और पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें वे आरोप हैं जिनकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — और यही कानूनी जोखिम है। बागी सांसदों द्वारा मानहानि का रास्ता चुनना दर्शाता है कि TMC की यह अंदरूनी लड़ाई अब सोशल मीडिया से अदालत की ओर बढ़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या पार्टी से बाहर जा चुके ये नेता इस मुकदमे को राजनीतिक वैधता दिलाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं — क्योंकि अदालत में टिकना तब तक मुश्किल होगा जब तक ठोस साक्ष्य सामने न आएँ। पश्चिम बंगाल में यह बगावत उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जहाँ क्षेत्रीय दलों के भीतर असंतोष तेज़ी से संगठित विपक्ष का रूप ले रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि मुकदमे की वजह क्या है?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि बागी TMC सांसदों ने ₹40 करोड़ लेकर पार्टी छोड़ी और NCPI जॉइन की। इसी पोस्ट को आधार बनाकर बागी सांसद मानहानि का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रहे हैं।
TMC के बागी सांसदों का नेतृत्व कौन कर रहा है?
बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व चार बार की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और अभिनेत्री-सांसद शताब्दी रॉय कर रही हैं। ये सभी अब त्रिपुरा स्थित नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो चुके हैं।
महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में क्या दावा किया था?
मोइत्रा ने दावा किया कि बागी सांसदों को NCPI में शामिल होने के लिए ₹4 करोड़ एडवांस और इसके बाद 36 महीनों तक ₹1 करोड़ प्रति माह दिए जा रहे हैं, यानी कुल कम से कम ₹40 करोड़। यह दावा उन्होंने सूत्रों के हवाले से किया।
क्या मानहानि का मुकदमा दायर हो चुका है?
नहीं, अभी तक कोई औपचारिक मुकदमा दायर नहीं हुआ है। शताब्दी रॉय ने पुष्टि की है कि बागी सांसद इस पर विचार कर रहे हैं। 21 जून को हुई वर्चुअल बैठक में इस पर चर्चा हुई, लेकिन कानूनी कार्रवाई अभी विचाराधीन है।
महुआ मोइत्रा का बागी सांसदों पर क्या कहना है?
मोइत्रा का कहना है कि जो सांसद और विधायक TMC के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्टी छोड़ रहे हैं, वे मतदाताओं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने से पहले इन नेताओं को अपनी सीट से इस्तीफा देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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