महुआ मोइत्रा की पारदर्शिता टिप्पणियों पर भाजपा का पलटवार, केया घोष ने टीएमसी को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल भाजपा की प्रवक्ता केया घोष ने रविवार, 21 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उसके नेताओं पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के चुनावी खर्च और वित्तीय पारदर्शिता संबंधी बयानों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ करने से पहले उन्हें अपने राजनीतिक अतीत पर भी नज़र डालनी चाहिए।
मोइत्रा की टिप्पणियों पर केया घोष का जवाब
केया घोष ने कहा, 'नैतिकता और पारदर्शिता की बात करने वाले नेताओं से जुड़े विवाद पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं।' उन्होंने महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया कि वे दोहरे मानदंड अपना रही हैं।
दल-बदल विवाद पर भाजपा का पक्ष
महुआ मोइत्रा ने टीएमसी के बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन सांसदों का उपयोग केवल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कर रही है और परिसीमन विधेयक पास होने के बाद इनकी राजनीतिक उपयोगिता समाप्त हो जाएगी। इस पर केया घोष ने पलटवार करते हुए कहा, '2021 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के कई निर्वाचित विधायक टीएमसी में शामिल हुए थे, उस समय इस प्रकार की आलोचना क्यों नहीं हुई?' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी दल के दो-तिहाई से अधिक जनप्रतिनिधि किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होते हैं, तो दल-बदल कानून के तहत स्थिति भिन्न होती है। घोष के अनुसार, 'टीएमसी नेताओं की मौजूदा टिप्पणियाँ उनकी राजनीतिक बेचैनी को दर्शाती हैं।'
अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड उड़ान पर सवाल
केया घोष ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दिल्ली यात्रा के लिए निजी चार्टर्ड विमान के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'एक जनप्रतिनिधि के तौर पर इतनी महंगी यात्रा के लिए धन के स्रोत को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।' घोष ने इस मामले की जाँच की माँग भी की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और पश्चिम बंगाल दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा प्रवक्ता ने राज्य की पूर्व सरकारों की आलोचना की और कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले योग दिवस को सरकारी स्तर पर वह महत्त्व नहीं दिया गया जिसका वह हकदार था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे और योग दिवस कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ी है। इसके साथ ही उन्होंने 20 जून को 'पश्चिम बंगाल दिवस' के रूप में मनाए जाने का स्वागत किया और इसे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान एवं ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने का अवसर बताया।
राज्य में बदलाव का दावा
केया घोष ने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद आम लोगों और व्यवसायियों को बदलाव का अनुभव हो रहा है। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती शासन के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जबकि अब माहौल बदल रहा है और लोगों में नई उम्मीद जगी है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है और भाजपा तथा टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।