28 जून 2026
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ममता के वफादारों पर चुनिंदा कार्रवाई हो रही है, BJP जिम्मेदार: कुणाल घोष का आरोप

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ममता के वफादारों पर चुनिंदा कार्रवाई हो रही है, BJP जिम्मेदार: कुणाल घोष का आरोप

सारांश

TMC विधायक कुणाल घोष का सीधा आरोप — ममता बनर्जी के वफादारों को पुराने मामलों में घसीटा जा रहा है, जबकि दूसरे खेमे को बख्शा जा रहा है। तारातला हादसे में फिरहाद हकीम पर कार्रवाई न होने का सवाल उठाकर घोष ने BJP पर पक्षपात का सीधा इल्जाम लगाया।

मुख्य बातें

TMC विधायक कुणाल घोष ने 28 जून को कोलकाता में आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के वफादार नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
घोष के अनुसार इस चुनिंदा कार्रवाई के पीछे BJP का हाथ है; दूसरे खेमे के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
तारातला बिल्डिंग हादसे में स्वीकृत नक्शे पर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए।
घोष ने सुवेंदु अधिकारी के विधानसभा बयान को भी चुनौती दी।
TMC के आंतरिक विवादों को घोष ने 'पूरी तरह आंतरिक मामला' बताया, लेकिन राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने 28 जून को कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान नेताओं और विधायकों को पुराने मामलों एवं अन्य आरोपों के जरिए जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, इस चुनिंदा कार्रवाई के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ है।

मुख्य आरोप: पक्षपातपूर्ण कार्रवाई

कुणाल घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन नेताओं ने ममता बनर्जी का साथ मजबूती से दिया है, उन्हें गिरफ्तार कर दबाव में लाया जा रहा है, जबकि दूसरे खेमे के नेताओं के विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्होंने कहा, 'पार्टी की उस धारा को निशाना बनाया जा रहा है जिसे ममता बनर्जी ने स्वयं खड़ा किया था।' घोष के अनुसार, इस असंतुलन से राजनीतिक पक्षपात की आशंका साफ झलकती है।

पार्टी के आंतरिक विवाद पर घोष का रुख

TMC विधायक ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर जो विवाद सामने आ रहे हैं, वे पूरी तरह आंतरिक मामले हैं। उन्होंने विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि जिन समितियों और संगठनों की आलोचना की जा रही है, उन्हीं में आरोप लगाने वाले कई लोग स्वयं पदाधिकारी हैं। घोष के मुताबिक, यह स्थिति भ्रम और विरोधाभास पैदा करती है।

रितब्रता विवाद और राजनीतिक माहौल

घोष ने रितब्रता से जुड़े कथित विवादों का भी जिक्र किया, हालांकि उन्होंने इन आरोपों पर कोई ठोस टिप्पणी करने से परहेज किया। उनका कहना था कि इन मुद्दों को लेकर जानबूझकर राजनीतिक माहौल तैयार किया जा रहा है।

तारातला हादसा और फिरहाद हकीम पर सवाल

तारातला बिल्डिंग हादसे का मुद्दा उठाते हुए कुणाल घोष ने विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी के बयान पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित इमारत के स्वीकृत नक्शे पर पूर्व मेयर और वरिष्ठ TMC नेता फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? घोष ने तर्क दिया कि यदि दस्तावेजों के आधार पर जिम्मेदारी तय होनी है, तो सभी संबंधित व्यक्तियों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

आगे की राजनीतिक दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर गुटबाजी की चर्चाएँ तेज हैं और BJP लगातार पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि कुणाल घोष का यह बयान पार्टी नेतृत्व की ओर से नहीं, बल्कि एक विधायक की व्यक्तिगत राय के रूप में सामने आया है। आने वाले दिनों में TMC किस तरह इन आंतरिक तनावों को संभालती है, यह बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब BJP पश्चिम बंगाल में हर आंतरिक दरार को चुनावी अवसर में बदलने की कोशिश में है। 'चुनिंदा कार्रवाई' का आरोप नया नहीं है, लेकिन एक बैठे हुए TMC विधायक का इसे सार्वजनिक रूप से उठाना पार्टी अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। तारातला हादसे में फिरहाद हकीम को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे TMC की आंतरिक जवाबदेही की परीक्षा भी हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि घोष का बयान ममता बनर्जी की केंद्रीय सत्ता को चुनौती नहीं, बल्कि उसकी रक्षा का प्रयास है — और यही इसे और जटिल बनाता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
TMC विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि BJP ममता बनर्जी के वफादार नेताओं और विधायकों को पुराने मामलों और आरोपों के जरिए जानबूझकर निशाना बना रही है, जबकि दूसरे खेमे के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उनके अनुसार यह राजनीतिक पक्षपात का स्पष्ट उदाहरण है।
तारातला बिल्डिंग हादसे में कुणाल घोष ने क्या सवाल उठाए?
कुणाल घोष ने कहा कि यदि तारातला की संबंधित इमारत के स्वीकृत नक्शे पर पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने माँग की कि दस्तावेजों के आधार पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए तो सभी संबंधित व्यक्तियों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए।
TMC के आंतरिक विवाद के बारे में घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि पार्टी के भीतर के विवाद पूरी तरह आंतरिक मामले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग समितियों और संगठनों की आलोचना कर रहे हैं, वे स्वयं उन्हीं संस्थाओं के पदाधिकारी हैं, जो स्थिति को विरोधाभासी बनाता है।
रितब्रता विवाद पर कुणाल घोष का क्या रुख है?
घोष ने रितब्रता से जुड़े कथित विवादों का उल्लेख किया, लेकिन उन पर कोई ठोस टिप्पणी नहीं की। उनका कहना था कि इन मुद्दों को लेकर जानबूझकर राजनीतिक माहौल तैयार किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बयान का क्या असर हो सकता है?
एक बैठे हुए TMC विधायक का सार्वजनिक रूप से पार्टी के भीतर पक्षपात का आरोप लगाना TMC की एकजुट छवि को प्रभावित कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP पश्चिम बंगाल में TMC के आंतरिक मतभेदों को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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