ममता के नाम पर टिकट लेकर भाजपा जाना जनता से धोखा: टीएमसी विधायक कुणाल घोष
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने 8 जून 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी के जो नेता अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में जाने की सोच रहे हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम पर जनता से वोट माँगे थे — और अब उनका यह रुख मतदाताओं के विश्वास के साथ सीधा धोखा है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस संभावित दलबदल को लेकर हलचल तेज है।
कुणाल घोष का सीधा आरोप
घोष ने स्पष्ट कहा कि जिन नेताओं के NDA के साथ जाने की चर्चा है, वे वही लोग हैं जिन्होंने 'दीदी, दीदी' के नारे लगाकर और ममता बनर्जी के नाम का इस्तेमाल कर चुनावी टिकट हासिल किया था। उनके अनुसार, ऐसी राजनीति को जनता अच्छी नज़र से नहीं देखती और इससे संबंधित नेताओं की साख पर गंभीर असर पड़ता है।
घोष ने इन नेताओं पर 'सस्ती राजनीति' करने का आरोप लगाया। हालाँकि, उन्होंने BJP पर सीधे दोषारोपण करने से परहेज़ किया और कहा कि पार्टी छोड़ने की यह प्रवृत्ति कुछ नेताओं की रणनीतिक सोच का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इससे TMC कमज़ोर नहीं होगी।
राष्ट्रीय बनाम राज्य स्तर का मामला
घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राष्ट्रीय राजनीति से सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि वे राज्य स्तर के प्रवक्ता हैं और राष्ट्रीय निर्णयों पर टिप्पणी का अधिकार लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व संभालने वाले वरिष्ठ प्रतिनिधियों को है। पार्टी के भीतर यह विषय उच्च स्तर पर विचाराधीन बताया गया है।
संगठनात्मक बदलाव पर सवाल
इस बीच TMC विधायक अशोक देब ने पार्टी में हुए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को राज्य अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी उन्हें समाचार माध्यमों से मिली — इस निर्णय के बारे में पहले से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी। इस बयान ने पार्टी के भीतर संवाद और संगठनात्मक प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय पर टिप्पणी
घोष ने वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय के राजनीतिक रुख पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ नेता समय-समय पर पार्टी छोड़ते और वापस आते रहे हैं। इसे उन्होंने व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय बताते हुए इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया।
आगे क्या
पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक खींचतान के बीच यह दलबदल की अटकलें आने वाले हफ्तों में पार्टी की एकजुटता की असली परीक्षा लेंगी। वरिष्ठ नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।