क्या अधीर रंजन चौधरी को ममता बनर्जी को उपदेश देने का हक है? : टीएमसी नेता कुणाल घोष

सारांश
Key Takeaways
- कुणाल घोष ने भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला किया है।
- महुआ मोइत्रा पर आरोपित पोस्ट को भाजपा ने हटा लिया था।
- ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- राजनीति में संवाद और समर्पण की आवश्यकता है।
- भाजपा की महिलाओं के प्रति सोच नकारात्मक है।
कोलकाता, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं पर जोरदार पलटवार किया है।
कुणाल घोष ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा महुआ मोइत्रा पर की गई आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। यह पोस्ट बाद में हटा दी गई थी।
उन्होंने कहा, "यह भाजपा की महिलाओं के प्रति मानसिकता को दर्शाता है। जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपमान किया गया था, तब बंगाल की जनता ने उन्हें जवाब दिया। आज फिर भाजपा नेता महुआ मोइत्रा पर निजी हमला करते हैं और बाद में पोस्ट हटा लेते हैं। यही भाजपा की संस्कृति बन गई है।"
भाजपा का आरोप है कि टीएमसी एक ओर बंगाल में एसआईआर के खिलाफ आवाज उठा रही है, जबकि दूसरी ओर चुनाव आयोग को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की सूची भी उसी टीएमसी ने दी है।
इस पर कुणाल घोष ने स्पष्ट कहा, "चाहे वो एसआईआर हो या एनआरसी, तृणमूल कांग्रेस हमेशा इसका विरोध करती आई है और आगे भी करेगी।"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाया था कि अगर ममता बनर्जी एसआईआर के खिलाफ हैं, तो वे राहुल गांधी की बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल क्यों नहीं हो रही हैं, जबकि राहुल खुद एसआईआर के विरोध में रैलियां कर रहे हैं।
इस पर कुणाल घोष ने तीखे लहजे में कहा, "अधीर रंजन चौधरी को ममता बनर्जी को उपदेश देने का कोई हक नहीं है। उनकी पार्टी (कांग्रेस) को पहले अपने अंदर झांकना चाहिए। ममता बनर्जी अपने तरीके से जनहित की लड़ाई लड़ती हैं। कांग्रेस को हमें सिखाने की जरूरत नहीं है।"
--आईएनएस
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