तारातला हादसा: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, दिलीप घोष ने TMC को ठहराया जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 25 जून 2026 को न्यूटाउन में मीडिया से बात करते हुए दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के निकट हुए गोदाम शेड हादसे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई और अनेक घायल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरने से हुई जनहानि के बाद चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मंत्री घोष ने कहा कि इस हादसे में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण और जांच की मांग
घोष ने आरोप लगाया कि TMC शासनकाल में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य शुरू किए गए, जिनकी अब जांच होगी। उन्होंने कहा, 'टीएमसी के शासनकाल में कई अवैध निर्माण शुरू किए गए थे, जिनकी जांच होगी। इसके लिए कौन जिम्मेदार है और इसमें कौन शामिल है? ऐसी घटनाओं की ठीक से जांच होनी चाहिए, खासकर निर्माण से जुड़ी उन बड़ी दुर्घटनाओं की जो बहुत गंभीर प्रकृति की होती हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती सीपीएम सरकार के दौरान बड़ा बाजार में बार-बार आग लगने की घटनाएं होती थीं, जिनसे सैकड़ों करोड़ की संपत्ति नष्ट हुई थी।
अभिषेक बनर्जी के विदेश यात्रा प्रकरण पर टिप्पणी
कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा TMC नेता अभिषेक बनर्जी को आंख के ऑपरेशन के लिए विदेश जाने की अनुमति न दिए जाने पर घोष ने कहा, 'जिस तरह अभिषेक पर केस चल रहे हैं, उसके अनुसार तो विदेश जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। जब सरकार में थे तब क्यों नहीं विदेश जाकर ऑपरेशन कराया? लोग सब समझ रहे हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बनर्जी के खिलाफ कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
TMC के आठ विधायकों के निलंबन पर प्रतिक्रिया
TMC के आठ विधायकों के निलंबन को लेकर घोष ने पार्टी की आंतरिक उठापटक पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'पहले विरोधी विधायकों ने ममता बनर्जी को उनके पद से हटाया। अब ममता बनर्जी विधायकों को निकाल रही हैं। ऐसे चलता रहा तो कुछ दिन में ही टीएमसी ही खत्म हो जाएगी।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह TMC के भीतर गहरे गुटीय संघर्ष का संकेत है।
आगे क्या होगा
तारातला हादसे की जांच जारी है और अधिकारियों के अनुसार अवैध निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां TMC नेताओं की कथित संलिप्तता के दावों की किस हद तक पुष्टि कर पाती हैं।