तारातला गोदाम हादसा: अग्निमित्रा पॉल ने फिरहाद हकीम की गिरफ्तारी की मांग, 16 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
तारातला गोदाम हादसे में 16 लोगों की मौत के बाद राजनीतिक दबाव तेज़ हो गया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 27 जून को आसनसोल में मीडिया से बातचीत के दौरान कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व मेयर और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। उन्होंने कहा कि मंजूर किए गए गोदाम के दस्तावेज़ों पर हकीम के हस्ताक्षर हैं, इसलिए उनकी जानकारी न होने का दावा स्वीकार्य नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस मामले में अब तक आर्किटेक्ट, इंजीनियर और पूर्व सरकार के मंत्री के ओएसडी कालीचरण को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने माँग की कि अब पूर्व मेयर फिरहाद हकीम को भी गिरफ्तार किया जाए। पॉल ने कहा, 'आज एफआईआर भी दर्ज हुई है और उनके कई दस्तावेज़ों पर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर हैं — उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, ऐसा हो ही नहीं सकता।'
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया था कि गोदाम निर्माण की योजना को 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी और उस पर फिरहाद हकीम तथा संबंधित KMC इंजीनियरों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और जबरन वसूली के ज़रिए कोलकाता को 'सिटी ऑफ जॉय' से 'सिटी ऑफ डेथ' में बदल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।'
सरकारी संपत्ति पर कड़ी चेतावनी
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'पिछली कई घटनाओं में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया, लेकिन दंड नहीं मिला। अब ऐसा नहीं चलेगा। यदि कोई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाएगा तो सरकार उसकी अपनी संपत्ति से हर्जाना वसूलेगी।'
यूसीसी बिल का भी ज़िक्र
पॉल ने इस मौके पर दो आगामी विधेयकों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जल्द ही दो बिल लाए जाएँगे, जिनमें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल शामिल है, ताकि सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह हादसा पश्चिम बंगाल में इमारत और निर्माण संरचनाओं के ध्वस्त होने की लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है। 16 मौतों के बाद जाँच एजेंसियों पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब देखना यह होगा कि न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या फिरहाद हकीम को समन किया जाता है।