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ईडी की बड़ी कार्रवाई: शिवम एसोसिएट्स पर छापा, ₹2,110.97 करोड़ की कथित ठगी उजागर

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ईडी की बड़ी कार्रवाई: शिवम एसोसिएट्स पर छापा, ₹2,110.97 करोड़ की कथित ठगी उजागर

सारांश

ईडी ने बेलगावी, चिक्कोडी और निपाणी में एक साथ छापे मारकर शिवम एसोसिएट्स की कथित ₹2,110.97 करोड़ की अवैध जमा योजना का भंडाफोड़ किया। निवेशकों को हर महीने 3% रिटर्न का लालच दिया गया, लेकिन ₹1,777.08 करोड़ अभी भी लापता हैं।

मुख्य बातें

ईडी की मैंगलोर इकाई ने 7 अगस्त 2026 को बेलगावी , चिक्कोडी और निपाणी में शिवम एसोसिएट्स के ठिकानों पर पीएमएलए धारा 17 के तहत छापे मारे।
शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को प्रति माह 3% रिटर्न का वादा कर कुल ₹2,110.97 करोड़ जमा किए।
केवल ₹333.89 करोड़ के भुगतान की पहचान हुई; ₹1,777.08 करोड़ की राशि अभी भी लापता।
एजेंटों को निवेशक जुटाने पर 0.5% कमीशन दिया जाता था।
जांच के दायरे में शिवम प्रोडक्शंस , शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड और शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड सहित कई संस्थाएँ।
छापेमारी में अहम दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य जब्त; आगे की जांच जारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मैंगलोर इकाई ने 7 अगस्त 2026 को बेलगावी, चिक्कोडी और निपाणी में शिवम एसोसिएट्स तथा इससे जुड़े व्यक्तियों व संस्थाओं के कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत की गई इस कार्रवाई में कथित तौर पर ₹2,110.97 करोड़ की अवैध जमा योजना का पर्दाफाश हुआ है।

मामले की पृष्ठभूमि

जांच की शुरुआत मालामारुति पुलिस स्टेशन, बेलगावी में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर हुई। यह एफआईआर 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' और 'कर्नाटक प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट, 2004' के तहत दर्ज की गई थी। एफआईआर में आरोप है कि आम जनता को अत्यधिक और निश्चित रिटर्न का प्रलोभन देकर निवेश के लिए उकसाया गया।

मुख्य आरोप और वित्तीय जाल

पीएमएलए के तहत जांच में सामने आया कि शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर ने निवेशकों को प्रति माह 3 प्रतिशत रिटर्न का वादा कर जनता से कुल ₹2,110.97 करोड़ जमा किए। इसके बदले में केवल ₹333.89 करोड़ के भुगतान की पहचान की गई है, जबकि ₹1,777.08 करोड़ की राशि का अभी तक पता नहीं चल पाया है। निवेशकों को लुभाने वाले एजेंटों को 0.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

प्रारंभिक बैंक विश्लेषण से पता चला कि व्यावसायिक, व्यक्तिगत और मध्यस्थ खातों के ज़रिए बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन हुआ — जिसमें स्टॉक ब्रोकरों, फिक्स्ड-डिपॉजिट खातों और अन्य लाभार्थियों को किए गए ट्रांसफर भी शामिल हैं।

जांच के दायरे में आई संस्थाएँ

ईडी ने जांच में शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर, सुभाष रामागोडा नंदरगी, महेश एस नीलनवर, शिवम प्रोडक्शंस, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड, शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड और अन्य संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं के बीच एक सुव्यवस्थित वित्तीय संबंध की पहचान की है। इन सभी के बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण से परस्पर जुड़े लेनदेन का एक बड़ा जाल सामने आया है।

छापेमारी में मिले सबूत

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने अपराध से अर्जित धन के सृजन, स्थानांतरण, लेयरिंग और पार्किंग से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य बरामद एवं जब्त किए। इनमें फंड के पुनर्निवेश, अचल संपत्तियों में निवेश और विभिन्न संबद्ध व्यक्तियों के साथ लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।

आगे की जांच

ईडी के अनुसार, जब्त सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में अनियमित जमा योजनाओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियाँ सख्त रुख अपना रही हैं। गौरतलब है कि ₹1,777.08 करोड़ की लापता राशि की बरामदगी इस जांच की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

110.97 करोड़ की यह कथित जमा योजना कर्नाटक में अनियमित वित्तीय योजनाओं की एक लंबी श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है — जहाँ उच्च रिटर्न का प्रलोभन देकर मध्यमवर्गीय और ग्रामीण निवेशकों को निशाना बनाया जाता है। चिंताजनक यह है कि ₹1,777.08 करोड़ की लापता राशि यह सवाल उठाती है कि धन कहाँ और किन परिसंपत्तियों में छिपाया गया। ईडी की कार्रवाई देर से हुई या समय पर — यह तो जांच बताएगी, लेकिन असली परीक्षा पीड़ित निवेशकों को धन वापसी दिलाने की होगी, जो अब तक ऐसे मामलों में अपवाद रही है, नियम नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवम एसोसिएट्स पर ईडी की कार्रवाई क्यों हुई?
शिवम एसोसिएट्स और उससे जुड़े व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को प्रति माह 3% रिटर्न का वादा कर कथित तौर पर ₹2,110.97 करोड़ की अवैध जमा राशि एकत्र की। बेलगावी पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने पीएमएलए के तहत जांच शुरू कर 7 अगस्त को छापे मारे।
इस मामले में कितनी राशि लापता है?
जांच के अनुसार कुल ₹2,110.97 करोड़ जमा किए गए, जिनमें से केवल ₹333.89 करोड़ के भुगतान की पहचान हुई है। शेष ₹1,777.08 करोड़ की राशि अभी तक बरामद नहीं हो पाई है।
किन-किन संस्थाओं और व्यक्तियों पर जांच चल रही है?
ईडी की जांच के दायरे में शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्दप्पा नीलनवर, सुभाष रामागोडा नंदरगी, महेश एस नीलनवर, शिवम प्रोडक्शंस, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड और शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन सभी के बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
तलाशी में ईडी ने धन के सृजन, स्थानांतरण, लेयरिंग और पार्किंग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। इनमें अचल संपत्तियों में निवेश और विभिन्न संबद्ध व्यक्तियों के साथ लेनदेन के रिकॉर्ड भी शामिल हैं।
यह मामला किन कानूनों के तहत दर्ज है?
मूल एफआईआर 'बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019' और 'कर्नाटक प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट, 2004' के तहत दर्ज की गई। ईडी की कार्रवाई पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के अंतर्गत की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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