बेलगावी में शिवम एसोसिएट्स के मालिक शिवानंद नीलन्ना पर निवेश धोखाधड़ी का पहला केस दर्ज, CID जांच जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बेलगावी में शिवम एसोसिएट्स के मालिक शिवानंद नीलन्ना पर निवेश धोखाधड़ी का पहला केस दर्ज, CID जांच जारी

सारांश

बेलगावी में शिवम एसोसिएट्स के मालिक शिवानंद नीलन्ना के खिलाफ 36% वार्षिक ब्याज का झाँसा देकर ₹5 लाख हड़पने का पहला केस दर्ज हुआ है। CID ने जाँच अपने हाथ में ली, छापेमारी जारी है और पुलिस ने अन्य पीड़ित निवेशकों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

मुख्य बातें

शिवानंद नीलन्ना ('शिवम एसोसिएट्स') के खिलाफ कागवाड़ पुलिस स्टेशन में 20 मई 2025 को पहला आधिकारिक केस दर्ज।
शिकायतकर्ता कृष्णा अप्पन्ना अपराज ने आरोप लगाया कि 36% वार्षिक ब्याज का लालच देकर ₹5 लाख की ठगी की गई।
कंपनी ने न ब्याज दिया, न मूलधन लौटाया; माँगने पर संपर्क करना बंद कर दिया।
CID ने मामले की जाँच अपने हाथ में ली है और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।
पुलिस ने अन्य प्रभावित निवेशकों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

कर्नाटक के बेलगावी जिले के कागवाड़ पुलिस स्टेशन में 20 मई 2025 को 'शिवम एसोसिएट्स' के मालिक शिवानंद नीलन्ना के खिलाफ निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी के आरोप में पहली आधिकारिक शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता कृष्णा अप्पन्ना अपराज ने आरोप लगाया है कि उन्हें 36 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रलोभन देकर ₹5 लाख का निवेश करवाया गया, जो बाद में न तो ब्याज सहित और न ही मूलधन के रूप में लौटाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

अपराज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अप्रैल 2025 में अलग-अलग चरणों में कुल ₹5 लाख शिवम एसोसिएट्स में जमा किए थे। कंपनी ने नियमित ब्याज भुगतान और समय पर मूलधन वापसी का आश्वासन दिया था। निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद जब अपराज ने अपनी राशि वापस माँगी, तो आरोपी पक्ष ने पहले टाल-मटोल की और फिर संपर्क करना ही बंद कर दिया।

यह शिवानंद नीलन्ना के खिलाफ कागवाड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज होने वाला पहला आधिकारिक मामला है। सूत्रों के अनुसार, इस कंपनी से जुड़े कई अन्य निवेशकों ने भी लाखों से करोड़ों रुपए गँवाने की शिकायतें की हैं।

CID की जाँच और छापेमारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध जाँच विभाग (CID) ने इस पूरे प्रकरण की जाँच अपने हाथ में ले ली है। CID की टीम पिछले कई दिनों से विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ कर रही है। पुलिस और CID की संयुक्त जाँच फिलहाल जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

कागवाड़ पुलिस ने शिकायत मिलते ही भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जाँच शुरू कर दी गई है और शीघ्र ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी।

अन्य पीड़ितों से अपील

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने उन सभी निवेशकों से आगे आने की अपील की है जिन्होंने कथित तौर पर शिवम एसोसिएट्स में पैसा लगाया और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, अधिक शिकायतें मिलने पर मामले की व्यापकता और स्पष्ट होगी।

आगे क्या होगा

CID और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जाँच के साथ यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच में कितने और निवेशक प्रभावित पाए जाते हैं और आरोपी के खिलाफ कब गिरफ्तारी की कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नियामकीय जागरूकता की कमी और स्थानीय विश्वास का फायदा उठाकर ऐसी कंपनियाँ अक्सर वर्षों तक चलती रहती हैं। यह मामला कर्नाटक में उन दर्जनों स्थानीय 'निवेश फर्मों' के पैटर्न से मेल खाता है जो सेबी (SEBI) के दायरे से बाहर काम करती हैं। असली सवाल यह है कि CID की जाँच कितने और पीड़ितों और कितनी बड़ी राशि तक पहुँचती है — पहला केस अक्सर हिमशैल की नोक मात्र होता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवानंद नीलन्ना पर क्या आरोप हैं?
शिवानंद नीलन्ना पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी 'शिवम एसोसिएट्स' के ज़रिए निवेशकों को 36% वार्षिक ब्याज का प्रलोभन देकर लाखों-करोड़ों रुपए जमा करवाए और बाद में न ब्याज दिया, न मूलधन लौटाया। बेलगावी के कागवाड़ पुलिस स्टेशन में 20 मई 2025 को इस संबंध में पहला आधिकारिक केस दर्ज हुआ है।
शिकायतकर्ता ने कितनी राशि गँवाई और कैसे?
शिकायतकर्ता कृष्णा अप्पन्ना अपराज ने अप्रैल 2025 में अलग-अलग चरणों में कुल ₹5 लाख शिवम एसोसिएट्स में जमा किए थे। कंपनी ने 36% वार्षिक ब्याज और समय पर मूलधन वापसी का वादा किया था, लेकिन निर्धारित समय बाद न ब्याज मिला और न राशि वापस की गई।
इस मामले की जाँच कौन कर रहा है?
अपराध जाँच विभाग (CID) ने इस पूरे प्रकरण की जाँच अपने हाथ में ले ली है और पिछले कई दिनों से विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ कर रही है। कागवाड़ पुलिस और CID मिलकर संयुक्त जाँच कर रहे हैं।
क्या शिवानंद नीलन्ना के खिलाफ और भी शिकायतें हैं?
सूत्रों के अनुसार, शिवानंद नीलन्ना और शिवम एसोसिएट्स पर कई अन्य निवेशकों ने भी लाखों-करोड़ों रुपए गँवाने की शिकायतें की हैं। यह कागवाड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज पहला आधिकारिक केस है, और पुलिस ने अन्य पीड़ितों से आगे आने की अपील की है।
प्रभावित निवेशक शिकायत कैसे दर्ज करा सकते हैं?
पुलिस ने सभी प्रभावित निवेशकों से कागवाड़ पुलिस स्टेशन में आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। जाँच एजेंसियाँ अधिक शिकायतों के आधार पर मामले की पूरी व्यापकता स्थापित करना चाहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले