मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस अधिकारी और राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस अधिकारी और राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार

सारांश

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इंदौर के लोकायुक्त ने दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं।
  • लोकायुक्त ने रिश्वतखोरी के दो मामलों में कार्रवाई की।
  • पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा गया।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
  • नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

भोपाल, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाने के प्रयास जारी हैं। लोकायुक्त द्वारा सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा रही है।

इसी संदर्भ में, पुलिस विभाग के सहायक उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इंदौर के लोकायुक्त दल ने खरगोन के कसरावद में सहायक उप निरीक्षक रवीन्द्र कुमार गुरु को 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

इंदौर के पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक मांगीलाल उपाध्याय ग्राम चंदावड, तहसील भगवानपुरा, जिला खरगोन का निवासी है और खेती करता है। उपाध्याय के खिलाफ कसरावद निवासी राजेश बागदरे ने पुलिस थाना कसरावद में जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी।

उपाध्याय के खिलाफ थाना कसरावद में दर्ज शिकायत का समाधान करने के बदले सहायक उप निरीक्षक गुरु द्वारा उपाध्याय से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। उपाध्याय ने इस मामले की शिकायत इंदौर लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की।

शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर शुक्रवार को एक ट्रैप दल का गठन किया गया, जिसके तहत सहायक उप निरीक्षक रवीन्द्र कुमार गुरु को श्यामलाल उपाध्याय से कसरावद बस स्टैंड पर 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इसी प्रकार का एक और मामला शिवपुरी जिले के पोहरी से सामने आया है। जहां नक्शा में सुधार के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। ब्रकभान सिंह ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर को आवेदन दिया कि ज़मीन का नक्शा सुधारने के एवज में 5000 रुपये रिश्वत की मांग की गई, जिसमें से 1000 रुपये पहले ही दिए जा चुके थे।

राजस्व निरीक्षक देवेंद्र जैन को 2000 रुपये की राशि देते समय रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त दल ने आरोपी जैन को रिश्वत राशि अपने घर के नीचे, मेला ग्राउंड के सामने सिद्धेश्वर कॉलोनी शिवपुरी में पकड़ा।

Point of View

लेकिन यह देखना होगा कि क्या ये प्रयास वास्तविक परिणाम लाते हैं। नागरिकों को न्याय दिलाने में यह कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी, यह भविष्य में स्पष्ट होगा।
NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ कौन कार्रवाई कर रहा है?
मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त कार्रवाई कर रहा है।
कितने पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया?
दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
रिश्वत की राशि कितनी थी?
एक मामले में 7000 रुपये और दूसरे में 2000 रुपये की रिश्वत ली जा रही थी।
रिश्वतखोरी के खिलाफ क्या कानून लागू है?
भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
क्या यह कार्रवाई प्रभावी मानी जा रही है?
यह कार्रवाई समाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके प्रभाव की जांच भविष्य में की जाएगी।
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