क्या नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली पुलिस का नोटिस वास्तव में चौंकाने वाला है? : डीके शिवकुमार

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क्या नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली पुलिस का नोटिस वास्तव में चौंकाने वाला है? : डीके शिवकुमार

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा जारी नोटिस को चौंकाने वाला बताया है। उन्होंने इसे न केवल परेशान करने वाला, बल्कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र भी करार दिया। क्या यह मामला राजनीतिक उत्पीड़न का उदाहरण है? जानें पूरी कहानी इस लेख में।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने नोटिस को चौंकाने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संस्थानों में कुछ भी गलत नहीं है।
शिवकुमार ने इसे परेशान करने का प्रयास बताया।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि शिवकुमार के पास महत्वपूर्ण जानकारी है।
यह मामला राजनीतिक उत्पीड़न का प्रतीक हो सकता है।

बेंगलुरु, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड मामले में उन्हें जारी किया गया नोटिस को चौंकाने वाला बताया है।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, "यह मेरे लिए चौंकाने वाला है। मैंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सारी डिटेल्स दे दी थीं। ईडी ने मुझे और मेरे भाई को बुलाया था। हमने सारी जानकारी दे दी थी। हमारे इंस्टीट्यूशन में कुछ भी गलत नहीं है; कांग्रेस सदस्य होने के नाते, हमने इसे सपोर्ट किया।"

उन्होंने कहा, "दूसरा, छिपाने के लिए कुछ नहीं है। सब कुछ साफ-साफ है। मुझे नहीं पता कि ईडी के चार्जशीट फाइल करने के बाद भी पुलिस को केस रजिस्टर करने की क्या जरूरत थी। हम इसका सामना करेंगे और कानून की अदालत में लड़ेंगे।"

शिवकुमार ने आगे कहा, "यह सिर्फ परेशान करने के लिए किया जा रहा है। इसमें कुछ नहीं है। यह हमारा पैसा है, और हम जिसे चाहें उसे दे सकते हैं। हम टैक्स देते हैं, और इसमें कुछ भी गैर-कानूनी शामिल नहीं है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) का मामला पुराना है, और चार्जशीट पहले ही फाइल हो चुकी है। और क्या जांच करनी है?"

उन्होंने कहा, "सिर्फ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनके समर्थकों को परेशान करने के लिए, वे कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे कल (शुक्रवार) नोटिस मिला, और यह हैरान करने वाला है। मैं इसे पढ़ रहा हूं, और जब मैं इसे पूरी तरह समझ जाऊंगा, तो जवाब दूंगा। D. K. सुरेश (शिवकुमार के छोटे भाई और कांग्रेस सांसद) को भी नोटिस मिला है क्योंकि उन्होंने डोनेशन दिया था।"

इस कदम को गलत बताते हुए उन्होंने कहा, "नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन हमारी पार्टी के इंस्टीट्यूशन हैं। हम, कांग्रेस नेताओं ने, जब वे वित्तीय मुश्किल में थे, तो अपने ट्रस्ट के जरिए उन्हें सपोर्ट किया। मेरे जैसे कई नेताओं ने उनकी मदद की है। मैं कानूनी नजरिए से नोटिस की जांच करूंगा। यह हमें परेशान करने के लिए किया जा रहा है, और यह सही नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।"

दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले में शिवकुमार को नोटिस जारी किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस का मानना ​​है कि शिवकुमार के पास इस मामले से जुड़ी अहम जानकारी है, इसलिए नोटिस जारी किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल कानूनी प्रक्रियाओं से कहीं अधिक है। क्या यह राजनीतिक उत्पीड़न का एक हिस्सा है? इससे जुड़ी जटिलताएँ और आगे की कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
नेशनल हेराल्ड केस एक विवादास्पद मामला है जिसमें कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
डी. के. शिवकुमार ने नोटिस को क्यों चौंकाने वाला बताया?
डी. के. शिवकुमार ने नोटिस को चौंकाने वाला बताया क्योंकि उन्हें लगता है कि यह राजनीतिक उत्पीड़न का एक हिस्सा है।
क्या शिवकुमार ने ईडी को जानकारी दी थी?
हाँ, उन्होंने कहा कि उन्होंने ईडी को सारी जानकारी पहले ही दे दी थी।
नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन क्या हैं?
नेशनल हेराल्ड एक समाचार पत्र है, जबकि यंग इंडियन एक कंपनी है जो इसके स्वामित्व में है।
क्या यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल सकता है?
इस मामले में राजनीतिक रंग चढ़ने की संभावना है, विशेषकर कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रिया के कारण।
राष्ट्र प्रेस
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