झालावाड़ में सूदखोर गिरफ्तार: 3 साल में ₹5.86 करोड़ की अवैध वसूली, 521 खाली चेक और 178 स्टैंप पेपर जब्त
सारांश
Key Takeaways
राजस्थान के झालावाड़ जिले की अकलेरा पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एक कुख्यात सूदखोर को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर 'ब्याज पर ब्याज' (डांडी ब्याज) की शोषणकारी प्रथा के जरिए कमजोर लोगों को कर्ज के दुष्चक्र में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से ₹5.86 करोड़ के अवैध वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, 521 दस्तखत किए हुए खाली चेक और 178 स्टैंप पेपर समेत भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए हैं।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
28 अप्रैल 2026 को अक्लेरा के आदर्श नगर निवासी घनश्याम शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शर्मा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें कर्ज के जाल में फंसाया, लगातार बकाया राशि बढ़ाता रहा और विरोध करने पर धमकियाँ देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
विशेष टीम का गठन और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार और अतिरिक्त एसपी भगचंद मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसकी निगरानी डिप्टी एसपी बृजेश कुमार जाट ने की। थाना प्रभारी (एसएचओ) धर्मराज के नेतृत्व में टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सुगनचंद (44 वर्ष) को गिरफ्तार किया। सुगनचंद मूल रूप से खुरी का रहने वाला है और वर्तमान में अक्लेरा की नई बस्ती में रह रहा था।
कैसे चलता था सूदखोरी का रैकेट
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपी पहले भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे कर्ज देता था और फिर उन पर 'डांडी ब्याज' लगाकर बकाया राशि कई गुना बढ़ा देता था। देरी होने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाता था। वसूली के लिए 10-12 साथियों का एक नेटवर्क कर्जदारों को डराने-धमकाने का काम करता था। वित्तीय रिकॉर्ड से पता चलता है कि 2023 में ₹1.46 करोड़, 2024 में ₹1.83 करोड़ और 2025 में ₹2.56 करोड़ की अवैध वसूली हुई — तीन वर्षों में कुल ₹5.86 करोड़।
जब्त किए गए दस्तावेज और सबूत
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 178 स्टैंप पेपर (जिनमें से 38 पर दस्तखत थे और वे खाली थे), 521 दस्तखत किए हुए खाली चेक, 14 लोन रजिस्टर, 143 डायरी, 2,916 हिसाब की पर्चियाँ और जमीन-जायदाद के 26 सौदों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार ये दस्तावेज एक बड़े अवैध ऋण नेटवर्क के ठोस सबूत हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और आगे की जाँच
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुगनचंद पर हत्या की कोशिश, मारपीट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े पूर्व मामले दर्ज हैं। अधिकारी अब उसके साथियों की पहचान करने, वित्तीय संपर्कों का पता लगाने और अन्य पीड़ितों को खोजने में जुटे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध साहूकारी, अत्यधिक ब्याज वसूली या वित्तीय शोषण की किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुँचाएँ।