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तारातला गोदाम हादसा: 9 मौतें, पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की मंजूरी पर सीएम सुवेंदु का सख्त रुख

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तारातला गोदाम हादसा: 9 मौतें, पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की मंजूरी पर सीएम सुवेंदु का सख्त रुख

सारांश

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से 9 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में खुलासा किया कि इस गोदाम की मंजूरी TMC के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने दी थी। एफआईआर दर्ज, 'काली' नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी से और खुलासे की उम्मीद।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से अब तक 9 लोगों की मौत और कई घायल।
गोदाम निर्माण की मंजूरी 17 जनवरी को दी गई थी — स्वीकृत योजना पर पूर्व मेयर फिरहाद हकीम समेत तीन KMC इंजीनियरों के हस्ताक्षर।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में कहा — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
KMC में आपातकालीन उपकरणों की कमी के कारण भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट को बचाव कार्य में उतारना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने 'काली' नामक व्यक्ति को KMC मंजूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का मुख्य सूत्रधार बताया; एफआईआर दर्ज ।

कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके तारातला में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 जून 2025 को खुलासा किया कि इस गोदाम के निर्माण की मंजूरी कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व मेयर और पश्चिम बंगाल के पूर्व नगर मामलों एवं शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने दी थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मंजूरी का पूरा विवरण

मुख्यमंत्री के अनुसार, गोदाम निर्माण योजना को 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी। स्वीकृत योजना पर फिरहाद हकीम के अलावा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजन दास, असिस्टेंट इंजीनियर निर्मलेंदु सरकार और सब असिस्टेंट इंजीनियर अमीनुर शेख के हस्ताक्षर भी थे। हकीम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार विधायक रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री का विधानसभा में बयान

सुवेंदु अधिकारी ने सदन में कहा, "पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और जबरन वसूली के ज़रिए 'सिटी ऑफ जॉय' को 'सिटी ऑफ डेथ' में बदल दिया। यह आपके पापों का नतीजा है। मंजूर किए गए प्लान पर पूर्व मेयर के हस्ताक्षर हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले TMC-नियंत्रित KMC बोर्ड ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण नहीं खरीदे, जिसके कारण भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट को बचाव कार्य के लिए बुलाना पड़ा।

भ्रष्टाचार और 'काली' की भूमिका

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दावा किया कि KMC क्षेत्र में बिल्डिंग योजनाओं की मंजूरी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बताया कि इन गड़बड़ियों के पीछे 'काली' नाम के एक व्यक्ति का हाथ था, जो KMC की मंजूरी प्रक्रिया को प्रभावित करता था। अधिकारी ने कहा, "काली की गिरफ्तारी के बाद सारी जानकारी सामने आ जाएगी। ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास पर तृणमूल भवन का निर्माण उसी ने करवाया था। एफआईआर दर्ज कर ली गई है।" यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में इमारत ढहने की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं और हर बार जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रहा है।

बचाव अभियान और नुकसान

बुधवार को हुए इस हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट के जवानों ने उचित उपकरणों के साथ मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने माना कि पूर्ववर्ती सरकार की लापरवाही के कारण KMC के पास पर्याप्त आपातकालीन संसाधन नहीं थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में KMC क्षेत्र में इमारत गिरने की यह कोई पहली बड़ी घटना नहीं है।

आगे की कार्रवाई

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जाँच जारी है। 'काली' की गिरफ्तारी के बाद और खुलासे होने की संभावना है। पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और संबंधित इंजीनियरों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। यह मामला पश्चिम बंगाल में शहरी निर्माण की जवाबदेही और नगर निकायों की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निर्माण और जवाबदेही तीनों एक ही राजनीतिक छत्रछाया में चलते रहे। पूर्व मेयर के हस्ताक्षर और 'काली' जैसे बिचौलिए की कथित भूमिका यह संकेत देती है कि यह अकेली घटना नहीं, बल्कि एक ढाँचागत खामी का नतीजा है। सवाल यह है कि नई सरकार सिर्फ पुराने दोषियों पर कार्रवाई तक सीमित रहेगी या KMC की पूरी मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी। बिना संस्थागत सुधार के, अगला हादसा केवल समय की बात होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारातला गोदाम हादसा क्या है और कितने लोगों की जान गई?
कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम ढह गया, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जानकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में दी।
फिरहाद हकीम का इस हादसे से क्या संबंध है?
KMC के पूर्व मेयर और पश्चिम बंगाल के पूर्व नगर मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम ने 17 जनवरी को इस गोदाम की निर्माण योजना को मंजूरी दी थी। स्वीकृत योजना पर उनके और तीन KMC इंजीनियरों के हस्ताक्षर हैं।
बचाव कार्य में सेना को क्यों बुलाना पड़ा?
मुख्यमंत्री के अनुसार पूर्ववर्ती TMC-नियंत्रित KMC बोर्ड ने आपातकालीन स्थितियों के लिए आधुनिक उपकरण नहीं खरीदे थे। इस कमी के कारण भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट को उचित उपकरणों के साथ बचाव कार्य में उतारना पड़ा।
'काली' कौन है और इस मामले में उसकी क्या भूमिका बताई जा रही है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में दावा किया कि 'काली' नामक व्यक्ति KMC की बिल्डिंग मंजूरी प्रक्रिया को प्रभावित करता था और ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास पर तृणमूल भवन का निर्माण भी उसी ने करवाया था। एफआईआर दर्ज हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के बाद और खुलासे होने की बात कही गई है।
इस हादसे के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी?
एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जाँच जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पूर्व मेयर हकीम, संबंधित इंजीनियरों और अन्य दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 'काली' की गिरफ्तारी को जाँच में निर्णायक कदम बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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