तारातला गोदाम हादसा: 9 मौतें, पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की मंजूरी पर सीएम सुवेंदु का सख्त रुख
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके तारातला में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 जून 2025 को खुलासा किया कि इस गोदाम के निर्माण की मंजूरी कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व मेयर और पश्चिम बंगाल के पूर्व नगर मामलों एवं शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने दी थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मंजूरी का पूरा विवरण
मुख्यमंत्री के अनुसार, गोदाम निर्माण योजना को 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी। स्वीकृत योजना पर फिरहाद हकीम के अलावा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजन दास, असिस्टेंट इंजीनियर निर्मलेंदु सरकार और सब असिस्टेंट इंजीनियर अमीनुर शेख के हस्ताक्षर भी थे। हकीम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार विधायक रह चुके हैं।
मुख्यमंत्री का विधानसभा में बयान
सुवेंदु अधिकारी ने सदन में कहा, "पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और जबरन वसूली के ज़रिए 'सिटी ऑफ जॉय' को 'सिटी ऑफ डेथ' में बदल दिया। यह आपके पापों का नतीजा है। मंजूर किए गए प्लान पर पूर्व मेयर के हस्ताक्षर हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले TMC-नियंत्रित KMC बोर्ड ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण नहीं खरीदे, जिसके कारण भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट को बचाव कार्य के लिए बुलाना पड़ा।
भ्रष्टाचार और 'काली' की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दावा किया कि KMC क्षेत्र में बिल्डिंग योजनाओं की मंजूरी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बताया कि इन गड़बड़ियों के पीछे 'काली' नाम के एक व्यक्ति का हाथ था, जो KMC की मंजूरी प्रक्रिया को प्रभावित करता था। अधिकारी ने कहा, "काली की गिरफ्तारी के बाद सारी जानकारी सामने आ जाएगी। ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास पर तृणमूल भवन का निर्माण उसी ने करवाया था। एफआईआर दर्ज कर ली गई है।" यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में इमारत ढहने की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं और हर बार जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रहा है।
बचाव अभियान और नुकसान
बुधवार को हुए इस हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट के जवानों ने उचित उपकरणों के साथ मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने माना कि पूर्ववर्ती सरकार की लापरवाही के कारण KMC के पास पर्याप्त आपातकालीन संसाधन नहीं थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में KMC क्षेत्र में इमारत गिरने की यह कोई पहली बड़ी घटना नहीं है।
आगे की कार्रवाई
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जाँच जारी है। 'काली' की गिरफ्तारी के बाद और खुलासे होने की संभावना है। पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और संबंधित इंजीनियरों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। यह मामला पश्चिम बंगाल में शहरी निर्माण की जवाबदेही और नगर निकायों की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।