तारातला गोदाम हादसा: CM सुवेंदु अधिकारी ने 16 मृतकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के चेक सौंपे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 7 जुलाई को राज्य सचिवालय नबन्ना के सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में तारातला गोदाम छत-गिरने की दुर्घटना में जान गंवाने वाले 16 श्रमिकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के मुआवजा चेक सौंपे। 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में हुई इस दुर्घटना में निर्माणाधीन गोदाम की छत के नीचे दबकर 16 मजदूरों की मौत हो गई थी और 15 से अधिक लोग घायल हुए थे।
मुआवजे और राहत पैकेज का विवरण
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख प्रति परिवार की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की। हादसे में घायल हुए श्रमिकों को ₹1 लाख की वित्तीय सहायता दी गई। इसके अतिरिक्त, सभी घायल श्रमिकों के पूरी तरह स्वस्थ होने तक मुफ्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी को दिया गया।
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार मृतक श्रमिकों के परिवारों को मासिक आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है, हालाँकि इसकी राशि और तंत्र अभी तय नहीं हुआ है।
रोजगार और शिक्षा सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कोलकाता नगर निगम में रोजगार दिलाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडे और नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।
अधिकारी ने स्पष्ट किया, "स्मिता पांडे और अग्निमित्रा पॉल इस मामले की जाँच करेंगी और सात से दस दिनों के भीतर आपको जानकारी देंगी। अगर आपने माध्यमिक परीक्षा पास नहीं की है तो रोजगार देने में समस्या आ सकती है।" सरकार ने पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की भी घोषणा की।
हादसे की पृष्ठभूमि
यह दुर्घटना 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला क्षेत्र में हुई, जब एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई और उसके नीचे काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस हादसे में 16 लोगों की जान गई और 15 से अधिक घायल हुए। यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम बंगाल में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता
पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार दीर्घकालिक सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने परिवारों को सीधे कोलकाता नगर निगम से संपर्क करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब राज्य ने किसी औद्योगिक हादसे में रोजगार और शिक्षा सहायता को मुआवजे के साथ एक साथ जोड़ा है।
आगे क्या होगा
नगर निगम प्रशासक और शहरी विकास मंत्री सात से दस दिनों में रोजगार की संभावनाओं पर रिपोर्ट देंगी। मासिक सहायता योजना का विवरण अभी प्रतीक्षित है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा उल्लंघनों की जाँच की स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।