7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तारातला गोदाम हादसा: CM सुवेंदु अधिकारी ने 16 मृतकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के चेक सौंपे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तारातला गोदाम हादसा: CM सुवेंदु अधिकारी ने 16 मृतकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के चेक सौंपे

सारांश

तारातला गोदाम हादसे के 13 दिन बाद CM सुवेंदु अधिकारी ने 16 मृतकों के परिजनों को ₹10-10 लाख के चेक सौंपे और घायलों को ₹1 लाख दिए। सरकार ने मुफ्त इलाज, बच्चों की पढ़ाई और नगर निगम में रोजगार दिलाने का भी वादा किया।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 7 जुलाई को नबन्ना सभागार में 16 मृतक श्रमिकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के मुआवजा चेक सौंपे।
हादसे में घायल श्रमिकों को ₹1 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
सभी घायलों को पूरी तरह स्वस्थ होने तक मुफ्त इलाज और दवाइयाँ देने का निर्देश स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी को दिया गया।
पीड़ित परिवारों के सदस्यों को कोलकाता नगर निगम में योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी स्मिता पांडे और अग्निमित्रा पॉल को सौंपी गई; 7-10 दिनों में रिपोर्ट अपेक्षित।
सरकार पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी और मासिक आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है।
यह हादसा 24 जून को तारातला , दक्षिण कोलकाता में हुआ था, जिसमें 16 की मौत और 15 से अधिक घायल हुए थे।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 7 जुलाई को राज्य सचिवालय नबन्ना के सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में तारातला गोदाम छत-गिरने की दुर्घटना में जान गंवाने वाले 16 श्रमिकों के परिवारों को ₹10-10 लाख के मुआवजा चेक सौंपे। 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में हुई इस दुर्घटना में निर्माणाधीन गोदाम की छत के नीचे दबकर 16 मजदूरों की मौत हो गई थी और 15 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मुआवजे और राहत पैकेज का विवरण

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख प्रति परिवार की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की। हादसे में घायल हुए श्रमिकों को ₹1 लाख की वित्तीय सहायता दी गई। इसके अतिरिक्त, सभी घायल श्रमिकों के पूरी तरह स्वस्थ होने तक मुफ्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी को दिया गया।

अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार मृतक श्रमिकों के परिवारों को मासिक आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है, हालाँकि इसकी राशि और तंत्र अभी तय नहीं हुआ है।

रोजगार और शिक्षा सहायता की घोषणा

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कोलकाता नगर निगम में रोजगार दिलाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडे और नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

अधिकारी ने स्पष्ट किया, "स्मिता पांडे और अग्निमित्रा पॉल इस मामले की जाँच करेंगी और सात से दस दिनों के भीतर आपको जानकारी देंगी। अगर आपने माध्यमिक परीक्षा पास नहीं की है तो रोजगार देने में समस्या आ सकती है।" सरकार ने पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की भी घोषणा की।

हादसे की पृष्ठभूमि

यह दुर्घटना 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला क्षेत्र में हुई, जब एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई और उसके नीचे काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस हादसे में 16 लोगों की जान गई और 15 से अधिक घायल हुए। यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम बंगाल में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

सरकार की प्रतिबद्धता

पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार दीर्घकालिक सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने परिवारों को सीधे कोलकाता नगर निगम से संपर्क करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब राज्य ने किसी औद्योगिक हादसे में रोजगार और शिक्षा सहायता को मुआवजे के साथ एक साथ जोड़ा है।

आगे क्या होगा

नगर निगम प्रशासक और शहरी विकास मंत्री सात से दस दिनों में रोजगार की संभावनाओं पर रिपोर्ट देंगी। मासिक सहायता योजना का विवरण अभी प्रतीक्षित है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा उल्लंघनों की जाँच की स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि गोदाम की छत गिरी क्यों — और क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए कोई जवाबदेह होगा। रोजगार का वादा 'शैक्षणिक योग्यता की शर्त' के साथ आता है, जो उन परिवारों के लिए बाधा बन सकती है जिनके सदस्य अनपढ़ या अल्पशिक्षित हैं — यानी ठीक वे लोग जो असंगठित निर्माण क्षेत्र में काम करते हैं। मासिक सहायता और शिक्षा खर्च के वादे अभी भी अनिश्चित हैं; इनका ठोस ढाँचा और समयसीमा सामने नहीं आई है। जब तक दुर्घटना की जाँच रिपोर्ट और जिम्मेदारी तय नहीं होती, यह राहत पैकेज न्याय का विकल्प नहीं बन सकता।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारातला गोदाम हादसा क्या था और कब हुआ?
यह हादसा 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में हुआ, जब एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई और उसके नीचे काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हुई और 15 से अधिक घायल हुए।
मृतक श्रमिकों के परिवारों को कितना मुआवजा मिला?
CM सुवेंदु अधिकारी ने 7 जुलाई को 16 मृतक श्रमिकों के परिवारों को ₹10-10 लाख की एकमुश्त आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। हादसे में घायल हुए श्रमिकों को ₹1 लाख की वित्तीय सहायता दी गई।
घायल श्रमिकों के इलाज का खर्च कौन उठाएगा?
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी को निर्देश दिया कि सभी घायल श्रमिकों को पूरी तरह स्वस्थ होने तक मुफ्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएँ। यह सुविधा राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी।
पीड़ित परिवारों के सदस्यों को रोजगार कैसे मिलेगा?
CM ने कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडे और नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल को पीड़ित परिवारों के सदस्यों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नगर निगम में रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। 7 से 10 दिनों के भीतर परिवारों को जानकारी दी जाएगी।
क्या सरकार पीड़ित परिवारों को मासिक सहायता भी देगी?
CM अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार मृतक श्रमिकों के परिवारों को मासिक आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है, हालाँकि इसकी राशि और तंत्र अभी तय नहीं हुआ है। इसके अलावा पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले