मेघालय में HIV जागरूकता: 'इंटेंसिफाइड IEC कैंपेन 3.0' से राज्यभर में दो महीने का अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय सरकार एचआईवी और यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए 'इंटेंसिफाइड IEC कैंपेन 3.0' की शुरुआत करने जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शिलांग के लेडी कीन कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम से यह अभियान औपचारिक रूप से प्रारंभ होगा, जिसमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री वाइलाडमिकी श्यल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। यह राज्यव्यापी अभियान दो महीने तक चलेगा और युवाओं, शुरुआती जांच, उपचार तथा बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने पर केंद्रित रहेगा।
अभियान की पृष्ठभूमि और ज़रूरत
मेघालय एड्स कंट्रोल सोसाइटी के नवंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 10,000 से अधिक लोगों में एचआईवी/एड्स की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें लगभग 500 बच्चे भी शामिल हैं। राष्ट्रीय एचआईवी अनुमानों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि मेघालय में वयस्कों में एचआईवी का प्रसार राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला विशेष रूप से चिंता का केंद्र बनकर उभरा है। यह ऐसे समय में आया है जब सामाजिक बाधाएं अक्सर लोगों को समय पर जांच करवाने और इलाज लेने से रोकती हैं।
अभियान की रणनीति और लक्षित समूह
यह अभियान पारंपरिक संदेशों से आगे बढ़कर बहु-स्तरीय रणनीति अपनाएगा। शिक्षण संस्थानों, ग्रामीण क्षेत्रों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समुदायों तक पहुंचा जाएगा। इसके लक्षित समूहों में किशोर और युवा, छात्र, गर्भवती महिलाएं, संवेदनशील समुदाय, स्वास्थ्यकर्मी, सरकारी अधिकारी, सामुदायिक प्रतिनिधि, मीडिया पेशेवर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत रैलियां, रोडशो, ग्राम बैठकें, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, स्क्रीनिंग व काउंसलिंग शिविर और घर-घर संपर्क अभियान चलाए जाएंगे। जानकारी को अधिक सुलभ बनाने के लिए कम्युनिटी रेडियो, डिजिटल माध्यम, लोक प्रदर्शन और फ्लैश मॉब का भी उपयोग किया जाएगा।
मुख्य विषय और संदेश
अभियान एचआईवी के संचरण और बचाव, सुरक्षित यौन व्यवहार, एसटीआई की रोकथाम, शुरुआती पहचान व उपचार, और एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर केंद्रित रहेगा। गौरतलब है कि यह अभियान नशीले पदार्थों के सेवन और एचआईवी के प्रसार के बीच के संबंध को भी रेखांकित करेगा — जो पूर्वोत्तर भारत के संदर्भ में एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू है।
पिछले प्रयासों की विरासत
मेघालय ने पहले भी एचआईवी जागरूकता के लिए समुदाय-आधारित तरीके अपनाए हैं, विशेष रूप से जयंतिया हिल्स में, जहां युवा-केंद्रित अभियानों में जांच, सटीक जानकारी और एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति सहानुभूति पर बल दिया गया। 'IEC कैंपेन 3.0' इन्हीं प्रयासों की अगली और अधिक विस्तृत कड़ी है।
आगे की राह
दो महीने के इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सामाजिक कलंक को कम करने के प्रयास कितने प्रभावी रहते हैं और कितने लोग स्वेच्छा से जांच व उपचार के लिए आगे आते हैं। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम राज्य में एचआईवी की स्थिति को नियंत्रित करने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास माना जा रहा है।