स्पार्क कार्यक्रम से मेघालय के 20,000 छात्रों को मिली नई राह, CM संगमा बोले — भविष्य के लिए तैयार होंगे युवा
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 2 सितंबर को तुरा में आयोजित स्पार्क मेघालय जिला टैलेंट इवेंट को संबोधित करते हुए कहा कि तेज़ी से बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं के लिए सबसे ज़रूरी है — जिम्मेदारी निभाने, उद्देश्य से जुड़ने, समस्याओं की पहचान करने और उनका समाधान खोजने की क्षमता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का स्कूल प्रोग्राम्स इन आर्टिकुलेशन, रेजिलिएंस एंड काइंडनेस (SPARK) कार्यक्रम इन्हीं बुनियादी दक्षताओं को विकसित करने के लिए तैयार किया गया है।
शिक्षा और तकनीक की रफ़्तार का फ़र्क
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों का असर दिखने में वर्षों लग जाते हैं, जबकि तकनीकी परिवर्तन कहीं अधिक तेज़ गति से हो रहा है। उन्होंने कहा, "आज लिया गया शिक्षा संबंधी फैसला कई बार 10 साल बाद असर दिखाता है, लेकिन दुनिया अगले दशक में पूरी तरह बदल सकती है। स्पार्क जैसे कार्यक्रम बच्चों की क्षमता को निखारने और उन्हें बदलाव के अनुरूप ढलने के लिए तैयार करते हैं।"
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकारें अपने-अपने मॉडल आज़मा रही हैं। मेघालय का स्पार्क उन चुनिंदा राज्य पहलों में से एक है जिसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NEP की सर्वश्रेष्ठ पहल के रूप में मान्यता दी है।
कार्यक्रम का विस्तार और आँकड़े
स्पार्क की शुरुआत 2024 में एक पायलट परियोजना के रूप में हुई थी, जब राज्य के सभी 12 जिलों के 25 सरकारी स्कूलों के 5,143 छात्रों को इसमें शामिल किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब यह कार्यक्रम 53 मॉडल परिसरों के 12,078 छात्रों तक पहुँच चुका है — जिनमें 6,592 छात्राएँ और 5,486 छात्र शामिल हैं। कुल मिलाकर इस पहल से 20,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से इसका विस्तार किया गया, जो इस कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।
शिक्षकों का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने स्पार्क फॉर टीचर्स पहल का भी उल्लेख किया। इसके अंतर्गत 287 स्कूलों के 526 शिक्षकों ने जिला मुख्यालयों में 30 घंटे का विशेष अर्ध-आवासीय प्रशिक्षण पूरा किया है। संगमा ने स्पष्ट किया कि स्पार्क, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार योजनाओं का विकल्प नहीं है — बल्कि यह छात्रों को इन अवसरों का बेहतर उपयोग करने योग्य बनाता है।
मेघालय की प्रतिभा और गुणवत्ता पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने राज्य की खेल प्रतिभाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि मेघालय के दूरदराज़ क्षेत्रों में बिना जूते और औपचारिक प्रशिक्षण के भी विश्वस्तरीय प्रतिभाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मेघालय की प्रगति संख्या से नहीं, बल्कि गुणवत्ता से तय होगी।
अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए संगमा ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय उन्हें भी घबराहट होती थी और उनके समय में स्पार्क जैसा कोई मार्गदर्शन कार्यक्रम उपलब्ध नहीं था। उन्होंने स्पार्क टीम और सहयोगी संस्था एवेन्यू की सराहना की।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि स्पार्क को एक दीर्घकालिक कार्यक्रम के रूप में जारी रखा जाएगा। उनका मानना है कि आज बच्चों में विकसित हो रहा आत्मविश्वास आने वाले दशकों में मेघालय की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। तकनीक भले ही नियमित कार्यों की जगह ले ले, लेकिन मानवीय समस्या-समाधान क्षमता की ज़रूरत हमेशा बनी रहेगी।