30 जून 2026
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मेघालय के आर्थिक बदलाव की कुंजी उद्यमिता: सीएम कॉनराड संगमा ने लॉन्च किया 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम

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मेघालय के आर्थिक बदलाव की कुंजी उद्यमिता: सीएम कॉनराड संगमा ने लॉन्च किया 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम

सारांश

मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने शिलांग में 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम शुरू किया और जुलाई को 'उद्यमी माह' घोषित किया। 50 उद्यमियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा — उद्यमिता ही मेघालय के असली आर्थिक बदलाव की कुंजी है।

मुख्य बातें

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा ने 30 जून 2026 को शिलांग में 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जुलाई 2026 को राज्य में 'उद्यमी माह' के रूप में मनाया जाएगा — स्टोरीटेलिंग, जनसंपर्क और सोशल मीडिया अभियान चलेंगे।
कार्यक्रम में मेघालय के विभिन्न हिस्सों से आए 50 उद्यमियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
सीएम ने कहा: "सरकार आधार तैयार करती है, लेकिन अर्थव्यवस्था को गति देने का काम उद्यमिता करती है।" भविष्य में खेल, कृषि, शिक्षा और लोक सेवा के उत्कृष्ट व्यक्तियों को भी इस पहल के तहत सम्मानित किया जाएगा।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 30 जून 2026 को शिलांग में राज्य सरकार के 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि उद्यमिता ही सतत आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन की असली बुनियाद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित करना और राज्य में उद्यमशीलता की संस्कृति को व्यापक रूप से फैलाना है।

सरकार की भूमिका और उद्यमियों की ताकत

मुख्यमंत्री संगमा ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी अनुकूल नीतियाँ, मज़बूत बुनियादी ढाँचा और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना है — लेकिन वास्तविक आर्थिक प्रगति उद्यमियों के संकल्प और परिश्रम से ही आती है। उन्होंने कहा, "सरकार आधार तैयार करती है, लेकिन अर्थव्यवस्था को गति देने का काम उद्यमिता करती है।"

उन्होंने उद्यमिता को दीर्घकालिक आर्थिक विकास और टिकाऊ आजीविका का सबसे मज़बूत स्तंभ बताया। यह ऐसे समय में आया है जब मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्य रोज़गार के सीमित अवसरों और पलायन जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

जुलाई बनेगा 'उद्यमी माह'

संगमा ने घोषणा की कि जुलाई 2026 को राज्य में 'उद्यमी माह' के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान स्टोरीटेलिंग सेशन, जनसंपर्क कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियानों के ज़रिए मेघालय के सफल उद्यमियों की कहानियाँ आम जनता तक पहुँचाई जाएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हम आपकी कहानियों को दुनिया तक पहुँचाना चाहते हैं। जो आपको सामान्य लगता है, वही दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि समाज में सफलता की कहानियों को सामने लाना इसलिए ज़रूरी है ताकि अधिक से अधिक लोग उनसे प्रेरणा ले सकें।

50 उद्यमियों को मिला सम्मान

इस कार्यक्रम में मेघालय के विभिन्न हिस्सों से आए 50 उद्यमियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इन उद्यमियों ने मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद भी किया और अपने व्यवसाय के विस्तार तथा राज्य में उद्यमशीलता को और सशक्त बनाने के लिए सुझाव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राइम (PRIME) और इसके ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रमों के तहत कई ज़मीनी स्तर के उद्यमियों ने छोटे कारोबार से शुरुआत कर आज अपने उत्पाद बड़े शहरों तक पहुँचाने में सफलता हासिल की है।

युवाओं से अपील और भविष्य की योजना

संगमा ने युवाओं और नए उद्यमियों से आग्रह किया कि वे असफलताओं या नकारात्मक प्रतिक्रियाओं से हतोत्साहित न हों। उन्होंने कहा कि एक सफल व्यवसाय खड़ा करना आसान नहीं — इसमें अनिश्चितता, आर्थिक जोखिम और रातों की नींद तक गँवानी पड़ती है — लेकिन जुनून, दृढ़ता और निरंतर प्रयास ही सच्चे उद्यमी की पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' पहल आगे चलकर खेल, कृषि, शिक्षा और लोक सेवा सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित करेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि मेघालय में नवाचार, उद्यमिता और उत्कृष्टता की एक स्थायी संस्कृति विकसित हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में उद्यमिता की असली बाधाएँ — सीमित बाज़ार पहुँच, कमज़ोर लॉजिस्टिक्स और वित्त तक पहुँच — केवल सम्मान समारोहों से नहीं टूटतीं। गौरतलब है कि मेघालय में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर रही है और PRIME जैसे कार्यक्रमों के परिणाम अभी तक व्यापक पैमाने पर सत्यापित नहीं हुए हैं। 'उद्यमी माह' की घोषणा राजनीतिक दृष्टि से प्रभावी है, पर असली कसौटी यह होगी कि इन 50 सम्मानित उद्यमियों की सफलता को नीतिगत ढाँचे में कैसे समेटा जाता है। बिना मापने योग्य लक्ष्यों के, यह पहल प्रेरणा तो दे सकती है — पर संरचनात्मक बदलाव के लिए और ज़्यादा की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय का 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' कार्यक्रम क्या है?
यह मेघालय सरकार की एक पहल है जिसे मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 30 जून 2026 को शिलांग में लॉन्च किया। इसका उद्देश्य कृषि, खेल, शिक्षा, व्यवसाय और लोक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित करना और उनकी कहानियों से अन्य लोगों को प्रेरित करना है।
मेघालय में 'उद्यमी माह' कब और कैसे मनाया जाएगा?
जुलाई 2026 को मेघालय में 'उद्यमी माह' के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान स्टोरीटेलिंग सेशन, जनसंपर्क कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियानों के ज़रिए राज्य के सफल उद्यमियों की कहानियाँ आम जनता तक पहुँचाई जाएँगी।
सीएम कॉनराड संगमा ने उद्यमिता को मेघालय के लिए क्यों ज़रूरी बताया?
संगमा ने कहा कि सरकार केवल नीतियाँ और बुनियादी ढाँचा दे सकती है, लेकिन वास्तविक आर्थिक प्रगति उद्यमियों के प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने उद्यमिता को सतत आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन और टिकाऊ आजीविका का सबसे मज़बूत आधार बताया।
इस कार्यक्रम में कितने उद्यमियों को सम्मानित किया गया?
30 जून 2026 को शिलांग में आयोजित इस कार्यक्रम में मेघालय के विभिन्न हिस्सों से आए 50 उद्यमियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इन उद्यमियों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर व्यवसाय विस्तार और उद्यमिता को मज़बूत बनाने के सुझाव भी साझा किए।
PRIME कार्यक्रम का मेघालय के उद्यमियों से क्या संबंध है?
PRIME (Promoting Rural Industry and Market Entrepreneurship) और इसके ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रमों के तहत ज़मीनी स्तर के कई उद्यमियों ने छोटे कारोबार से शुरुआत कर अपने उत्पाद बड़े शहरों तक पहुँचाने में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री संगमा ने इसे सरकारी सहयोग और उद्यमी जज़्बे के सफल संयोजन का उदाहरण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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