मेघालय की अर्थव्यवस्था पाँच वर्षों में दोगुनी, पूंजी निवेश चार गुना बढ़ा: CM कॉनराड संगमा
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 15 मई 2026 को नई दिल्ली में घोषणा की कि राज्य की अर्थव्यवस्था पिछले पाँच वर्षों में दोगुनी हो चुकी है और 2018 की तुलना में पूंजी निवेश चार गुना बढ़ गया है। उन्होंने यह बात 'नॉर्थ-ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन 2026' के उद्घाटन समारोह में कही, जो नई दिल्ली स्थित मेघालय हाउस में आयोजित हुआ।
शिखर सम्मेलन का रोडमैप
इस उद्घाटन कार्यक्रम में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का रोडमैप प्रस्तुत किया गया, जो 11 और 12 जून को शिलांग में आयोजित होगा। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्रियों, सभी पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, अवसंरचना विकासकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं के एक मंच पर आने की उम्मीद है।
आर्थिक वृद्धि के मुख्य आँकड़े
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि मेघालय देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है और राज्य ने पिछले तीन से चार वर्षों से लगातार मजबूत आर्थिक गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि इस निरंतर वृद्धि ने निवेशकों का विश्वास उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार ने मेघालय औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के तहत सभी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की हैं। संगमा के अनुसार, मेघालय ने देश के छोटे राज्यों में सबसे मजबूत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक विकसित किया है।
सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए संगमा ने बताया कि मेघालय का पहला आईटी पार्क पहले से ही पूरी क्षमता पर काम कर रहा है। आगामी दूसरे आईटी पार्क में राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों ने जबरदस्त रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम अपने युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के और विस्तार की ओर बढ़ रहे हैं।'
पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खेल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मेघालय की बढ़ती पहचान को भी रेखांकित किया। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में निवेश और अवसंरचना विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की साझा रुचि बढ़ रही है। शिलांग में होने वाला यह सम्मेलन पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत मंच साबित हो सकता है।