मेघालय के रोजगार नीतियों पर सीएम संगमा का बयान: परिणामों की सच्चाई
सारांश
मुख्य बातें
शिलांग, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने विपक्ष के उस आरोप को ठुकरा दिया है जिसमें कहा गया था कि राज्य की रोजगार नीतियां असफल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न पहलों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
विधानसभा में मिजानुर काजी द्वारा उठाए गए मुद्दों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी रोजगार रणनीति को असफल मानना गलत होगा। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी के आंकड़े विभिन्न सर्वेक्षणों में भिन्नता दिखाते हैं और इन्हें सही संदर्भ में देखना चाहिए।
आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए संगमा ने कहा कि पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के अनुसार 2022-23 में मेघालय की बेरोजगारी दर 6.0 प्रतिशत थी और 2023-24 में यह 6.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के अनुसार यह दर 3.1 प्रतिशत है।
उन्होंने आगे बताया कि विभिन्न योजनाओं और हस्तक्षेपों के जरिए हाल के कुछ वर्षों में लगभग 3.66 लाख नए रोजगार सृजित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय का युवा जनसांख्यिकीय ढांचा एक विशेष चुनौती प्रस्तुत करता है, क्योंकि राज्य की लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या 20 वर्ष से कम आयु की है।
उन्होंने सदन में कहा, "रोजगार सृजन एक निरंतर प्रक्रिया है। हो सकता है कि हम अपने सभी लक्ष्यों को अभी तक पूरी तरह से हासिल नहीं कर पाए हों, लेकिन हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि फोकस योजना के तहत 22,500 उत्पादक समूहों को 140 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे लगभग 2.1 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा, फोकस+ पहल के माध्यम से अतिरिक्त 1.5 लाख लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि सीएम-एलीवेट कार्यक्रम को भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है और 20 दिनों के भीतर 22,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिसके कारण सरकार को अस्थायी रूप से पोर्टल बंद करना पड़ा।
बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के पदों के लिए खासी और गारो भाषा में अनिवार्य दक्षता की चिंताओं का भी उत्तर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शर्त केवल बुनियादी संवाद कौशल तक सीमित है, न कि शैक्षणिक स्तर की दक्षता तक। उन्होंने कहा कि प्रभावी सेवा वितरण के लिए भाषा की जानकारी आवश्यक है।
संगमा ने यह भी घोषणा की कि सरकार ने प्राथमिक विद्यालय स्तर पर खासी और गारो भाषा की शिक्षा शुरू करने का निर्णय लिया है और इसके लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं।
प्रशासनिक सुधारों पर उन्होंने कहा कि रोजगार कार्यालयों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है और सीएम-कनेक्ट मंच के माध्यम से शिकायत निवारण तथा सरकारी योजनाओं की निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं सदन को आश्वस्त करता हूं कि आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों का प्रभाव और अधिक दिखाई देगा।"