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मेघालय CM कॉनराड संगमा का PGI सुधार का निर्देश: स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और सीखने के नतीजों के लिए रोडमैप बनाने का आदेश

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मेघालय CM कॉनराड संगमा का PGI सुधार का निर्देश: स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और सीखने के नतीजों के लिए रोडमैप बनाने का आदेश

सारांश

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने शिक्षा विभाग को PGI रैंकिंग में सुधार के लिए समय-सीमा और फंडिंग सहित विस्तृत रोडमैप बनाने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि राज्य का असली काम रैंकिंग में नहीं दिख रहा — समस्या ज़मीन पर नहीं, रिपोर्टिंग में है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा ने 23 जून 2026 को शिलांग में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
विभाग को PGI में सुधार के लिए स्पष्ट समय-सीमा, फंडिंग और निगरानी तंत्र सहित रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया।
CM के अनुसार कई कमियाँ काम न होने से नहीं, बल्कि रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग की खामियों के कारण सामने आती हैं।
ICT सुविधाएँ, स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और पीने के पानी तक पहुँच बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया।
CWSN के लिए रैंप, सुलभ शौचालय और सहायक तकनीक सुनिश्चित करने की योजनाएँ प्रस्तुत की गईं।
किशोरी मासिक धर्म स्वास्थ्य को स्कूल उपस्थिति से जोड़ते हुए स्वयं सहायता समूहों द्वारा बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड निर्माण की संभावना तलाशने का निर्देश।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार, 23 जून 2026 को शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढाँचे, सीखने के नतीजों और राष्ट्रीय परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में राज्य की स्थिति सुधारने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करे। शिलांग के स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगमा ने स्पष्ट किया कि इस रोडमैप में समय-सीमा, वित्त पोषण की आवश्यकताएँ और निगरानी तंत्र — तीनों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने बैठक में स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्र कल्याण, समावेशी शिक्षा और शैक्षणिक प्रदर्शन से जुड़े चल रहे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेघालय की PGI रैंकिंग राज्य में हो रहे वास्तविक शैक्षणिक कार्यों की सटीक तस्वीर नहीं पेश करती। उनके अनुसार, कई कमियाँ ज़मीनी स्तर पर काम न होने की वजह से नहीं, बल्कि रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग की खामियों के कारण सामने आती हैं।

संगमा ने अधिकारियों को एक व्यवस्थित मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क अपनाने और स्कूलों की विशिष्ट कमियों को चिह्नित करने के लिए टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स का अधिक उपयोग करने का निर्देश दिया, ताकि PGI संकेतकों पर बेहतर अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर

बुनियादी ढाँचे से जुड़े मानकों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने ICT सुविधाओं, स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी, रीडिंग कॉर्नर, आर्ट और क्राफ्ट रूम, पीने के पानी की सुविधाओं और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तक पहुँच बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विभाग को किफायती और चरणबद्ध उपाय खोजने के निर्देश दिए जिससे स्कूल निर्धारित मानकों को पूरा कर सकें और सीखने का माहौल बेहतर हो।

समावेशी शिक्षा और छात्र कल्याण

बैठक में विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों (CWSN) के लिए सुविधाओं को सुदृढ़ करने की योजनाएँ भी प्रस्तुत की गईं, जिनमें रैंप, सुलभ शौचालय, सहायक तकनीक और विशेष शिक्षक प्रशिक्षण शामिल हैं। संगमा ने निर्देश दिया कि स्कूलों को एक्सेसिबिलिटी मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सहयोग दिया जाए।

छात्र कल्याण के तहत स्वास्थ्य जाँच, पोषण, करियर काउंसलिंग और साइबर सुरक्षा जागरूकता से जुड़ी पहलों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से जुड़े उपायों को एकीकृत रूप से लागू किया जाए।

किशोरी स्वास्थ्य और स्वच्छता

संगमा ने किशोर लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे सीधे तौर पर स्कूल में उपस्थिति, स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने टिकाऊ कार्यान्वयन मॉडल की माँग की, जिसमें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड निर्माण की संभावना भी शामिल है।

आगे की राह

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने मेघालय के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सहायक सीखने का माहौल उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को दोहराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रीय स्तर पर PGI रैंकिंग में पूर्वोत्तर राज्यों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि विभाग कितने समय में ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है और उसमें मापने योग्य लक्ष्य किस हद तक शामिल होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

रिपोर्टिंग की विफलता है — यह एक महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति भी है और एक सुविधाजनक बचाव भी। असली सवाल यह है कि यदि डेटा संग्रह और मॉनिटरिंग इतनी कमज़ोर है, तो वर्षों से यह अंतर क्यों नहीं पाटा गया। पूर्वोत्तर के कई राज्य PGI में निचले पायदान पर हैं और रोडमैप की माँग नई नहीं है — परंतु समय-सीमाबद्ध जवाबदेही तंत्र के बिना ये बैठकें अक्सर कागज़ी कवायद बनकर रह जाती हैं। किशोरी स्वास्थ्य और CWSN जैसे मुद्दों को एजेंडे में शामिल करना सकारात्मक है, लेकिन इनके क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) क्या है और मेघालय इसमें कहाँ खड़ा है?
PGI केंद्र सरकार का एक मूल्यांकन उपकरण है जो राज्यों के स्कूली शिक्षा तंत्र को इंफ्रास्ट्रक्चर, सीखने के नतीजों, शासन और समानता जैसे मानकों पर रैंक करता है। मेघालय की PGI रैंकिंग अब तक राज्य की शैक्षणिक पहलों को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाती, ऐसा मुख्यमंत्री संगमा का कहना है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने विभाग को PGI सुधार के लिए स्पष्ट समय-सीमा, फंडिंग आवश्यकताओं और निगरानी तंत्र सहित विस्तृत रोडमैप तैयार करने का आदेश दिया। साथ ही टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स के ज़रिए स्कूलों की विशिष्ट कमियाँ चिह्नित करने को कहा।
मेघालय के स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की क्या योजना है?
बैठक में ICT सुविधाओं, स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी, रीडिंग कॉर्नर, आर्ट-क्राफ्ट रूम, पीने के पानी और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तक पहुँच बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। विभाग को किफायती और चरणबद्ध उपाय सुझाने के निर्देश दिए गए।
विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों (CWSN) के लिए क्या प्रावधान किए जाएँगे?
अधिकारियों ने CWSN के लिए रैंप, सुलभ शौचालय, सहायक तकनीक और विशेष शिक्षक प्रशिक्षण की योजनाएँ प्रस्तुत कीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्कूलों को एक्सेसिबिलिटी मानक पूरे करने के लिए पर्याप्त सहयोग मिले।
किशोरी मासिक धर्म स्वास्थ्य को शिक्षा से क्यों जोड़ा गया?
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता सीधे स्कूल उपस्थिति, स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड निर्माण जैसे टिकाऊ समाधानों की संभावना तलाशने का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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