मेघालय के PGI सुधार: CM कोनराड संगमा ने शिक्षा मंत्री प्रधान को सौंपा व्यापक रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 26 मई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राज्य के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में सुधार के लिए एक विस्तृत कार्य-योजना प्रस्तुत की। संगमा ने स्वयं स्वीकार किया कि मेघालय पिछले तीन वर्षों से PGI रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है और अब राज्य सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए ढाँचागत सुधारों की शुरुआत कर दी है।
मुख्य समस्याएँ: संसाधनों का बिखराव और प्रशासनिक जटिलता
संगमा ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि लगभग 30 लाख की आबादी वाले मेघालय में 14,600 स्कूल हैं — असम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में सर्वाधिक। यह संख्या मणिपुर, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा से भी अधिक है। स्कूलों की इस अत्यधिक संख्या के कारण संसाधन बिखरे हुए हैं, ग्रांट-इन-एड (सहायता अनुदान) की कई प्रणालियाँ समानांतर चल रही हैं, और दशकों पुरानी प्रशासनिक जटिलताएँ शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं।
स्कूल युक्तिकरण: 3,198 स्कूल मिलाए या बंद किए
इन चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने निचली प्राथमिक स्कूलों के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 14,582 स्कूलों में से 3,198 स्कूलों को पहले ही आपस में मिला दिया गया है या बंद किया जा चुका है। इस कदम का उद्देश्य छात्र-शिक्षक अनुपात को बेहतर बनाना, प्रयोगशालाओं और डिजिटल सुविधाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी स्कूल संकुल (School Cluster) की अवधारणा को बढ़ावा दे रही है।
शिक्षक सुधार और नई संस्थाएँ
संगमा ने बताया कि राज्य ने एक समान वेतन ढाँचा लागू किया है, जिसमें SSA शिक्षकों के लिए भी निर्धारित वेतनमान शामिल है। इसका उद्देश्य शिक्षकों के बीच समानता लाना, उनका मनोबल बढ़ाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, दीक्षा-आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल और स्व-गति से सीखने के कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस कर रहे हैं।
एक महत्त्वपूर्ण घोषणा में संगमा ने मेघालय शिक्षक प्रशिक्षण अकादमी (MTTA) की स्थापना की जानकारी दी, जो समग्र शिक्षा के तहत शिक्षक-शिक्षा की निगरानी करेगी और शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के घंटे बढ़ाएगी।
पाठ्यक्रम और शैक्षणिक नवाचार
रोडमैप में पाठ्यक्रम स्तर पर भी कई बदलाव शामिल हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 'तीन-भाषा फॉर्मूले' को लागू करना, खासी और गारो भाषाओं की अनिवार्य पढ़ाई, खेल-आधारित शिक्षा, स्थानीय संदर्भों के अनुरूप पाठ्यपुस्तकें, प्रारंभिक कक्षाओं में 'बैगलेस डेज़', और कक्षा दो तक सालाना परीक्षा (Summative Assessment) समाप्त करना शामिल है। गौरतलब है कि ये सुधार NEP 2020 की भावना के अनुरूप हैं।
सीएम लीड फेलोशिप और आगे की राह
संगमा ने 'सीएम लीड फेलोशिप' की भी जानकारी दी, जिसके तहत राज्य के 12 ज़िलों में 12 फेलो तैनात किए जाएंगे जो शिक्षा सुधारों की योजना, समन्वय और निगरानी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करेंगे। ग्रांट-इन-एड की विभिन्न प्रणालियों को भी सरल बनाया जा रहा है ताकि प्रशासनिक बोझ घटे और शैक्षणिक परिणामों पर ध्यान केंद्रित हो सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि स्पष्ट रोडमैप और मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ मेघालय आने वाले वर्षों में अपने PGI प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करेगा।