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राजस्थान निकाय चुनाव: BJP-कांग्रेस ने 5 शहरों में उतारे 70 जेन-Z उम्मीदवार, 13.72% युवा चेहरे

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राजस्थान निकाय चुनाव: BJP-कांग्रेस ने 5 शहरों में उतारे 70 जेन-Z उम्मीदवार, 13.72% युवा चेहरे

सारांश

राजस्थान के पाँच बड़े शहरों में BJP और कांग्रेस ने मिलकर 70 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं — कुल प्रत्याशियों का 13.72%। कोटा सबसे आगे है जहाँ 18 युवा उम्मीदवार हैं। यह कदम दोनों दलों की युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मुख्य बातें

BJP और कांग्रेस ने राजस्थान के 5 शहरों में 70 जेन-Z उम्मीदवार ( 21–29 वर्ष ) उतारे, जो कुल उम्मीदवारों का 13.72% हैं।
कांग्रेस ने 49 और BJP ने 21 युवा उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
कोटा में सर्वाधिक 18 जेन-Z उम्मीदवार — कांग्रेस से 16, BJP से 2।
जयपुर में कांग्रेस ने BJP के मुकाबले दोगुने ( 12 बनाम 6 ) युवा उम्मीदवार उतारे।
जोधपुर में 17 , उदयपुर में 8 और अजमेर में 9 जेन-Z उम्मीदवार मैदान में हैं।
दोनों पार्टियों ने युवाओं के साथ-साथ 60+ आयु के वरिष्ठ उम्मीदवार भी उतारे हैं।

राजस्थान के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस बार युवाओं पर बड़ा दांव खेला है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा के 510 वार्डों में दोनों दलों ने मिलकर 21 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 70 जेन-Z उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। यह संख्या इन पाँच शहरों में दोनों पार्टियों के कुल उम्मीदवारों का 13.72 प्रतिशत है।

पार्टीवार उम्मीदवारों का विवरण

अब तक जारी सूचियों के अनुसार, कांग्रेस ने पाँचों शहरों में 49 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि BJP ने 21 युवा चेहरों को टिकट दिया है। युवा उम्मीदवारों के साथ-साथ दोनों पार्टियों ने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को भी मैदान में उतारा है, जिससे अनुभव और युवा ऊर्जा का संयोजन देखने को मिलेगा।

जयपुर: कांग्रेस का दोगुना दांव

जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। BJP ने यहाँ 21 से 29 वर्ष आयु के 6 उम्मीदवार उतारे हैं — पलक यादव (21) वार्ड 10, यश राणावत (22) वार्ड 119, शालू मीणा (23) वार्ड 150, निधि जैन (29) वार्ड 143, सूरज गोदीवाल (29) वार्ड 115 और अजय टेपन (29) वार्ड 63। कांग्रेस ने BJP के मुकाबले दोगुने यानी 12 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी का सबसे युवा उम्मीदवार वार्ड 71 से फैज़ हसन (21) हैं।

वरिष्ठ उम्मीदवारों में BJP ने जयपुर में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 10 उम्मीदवार नॉमिनेट किए हैं। सबसे उम्रदराज उम्मीदवार वार्ड 1 से श्रवण बोहरा (66) हैं। कांग्रेस की सूची में इस आयु वर्ग के 13 उम्मीदवार हैं, जिनमें सबसे वरिष्ठ वार्ड 115 से सुरेश बिवाल (67) हैं।

जोधपुर, उदयपुर और अजमेर: युवा भागीदारी का विस्तार

जोधपुर में दोनों पार्टियों के 17 जेन-Z उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं — कांग्रेस से 10 और BJP से 7। कांग्रेस की सबसे युवा उम्मीदवार वार्ड 51 से सरस्वती (21) हैं, जिन्होंने 2025 में स्नातक पूरी की और अभी आगे की पढ़ाई जारी है। BJP ने वार्ड 24 से भाग्यश्री आचार्य (24) को उतारा है, जो एमए की छात्रा हैं और अपना पहला चुनाव लड़ रही हैं। इन 17 उम्मीदवारों में से 5 अविवाहित हैं।

उदयपुर में दोनों दलों ने मिलकर 8 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं — कांग्रेस से 6 और BJP से 2। BJP उम्मीदवारों में वार्ड 38 से प्रज्ञा पाटीदार (26) शामिल हैं, जो पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं और सामाजिक व स्वयंसेवा कार्यों से भी जुड़ी हैं। अजमेर में BJP के 4 और कांग्रेस के 5 — कुल 9 जेन-Z उम्मीदवार मैदान में हैं।

कोटा: युवा भागीदारी में सबसे आगे

पाँचों शहरों में कोटा युवा उम्मीदवारों की सर्वाधिक भागीदारी वाला शहर बनकर उभरा है। यहाँ कांग्रेस ने 16 और BJP ने 2 जेन-Z उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिससे कुल संख्या 18 हो गई है। गौरतलब है कि कोटा शिक्षा का बड़ा केंद्र होने के कारण यहाँ युवा मतदाताओं का प्रभाव पारंपरिक रूप से अधिक रहा है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने की माँग तेज़ हो रही है। दोनों दलों का यह कदम राजनीतिक पीढ़ी-परिवर्तन की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रचार का दौर शुरू होगा, जिसमें इन युवा उम्मीदवारों की डिजिटल और ज़मीनी रणनीति पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 510 वार्डों में 13.72% की हिस्सेदारी यह भी बताती है कि दोनों पार्टियाँ अभी युवाओं को प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व से आगे ले जाने में हिचकिचा रही हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने BJP से दोगुने से अधिक जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं — यह उस पार्टी के लिए रणनीतिक बदलाव है जो हाल के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में सत्ता गँवा चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या ये युवा चेहरे महज़ मतदाता आकर्षण का माध्यम हैं या इन्हें जीतने योग्य सीटें दी गई हैं — जो उम्मीदवारों की वार्ड-दर-वार्ड जीत-हार के बाद ही स्पष्ट होगा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान निकाय चुनाव में कितने जेन-Z उम्मीदवार हैं?
BJP और कांग्रेस ने मिलकर राजस्थान के पाँच प्रमुख शहरों — जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा — में 21 से 29 वर्ष आयु के 70 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं। यह इन पाँच शहरों के 510 वार्डों में दोनों पार्टियों के कुल उम्मीदवारों का 13.72% है।
BJP और कांग्रेस में से किसने ज़्यादा युवा उम्मीदवार उतारे हैं?
कांग्रेस ने 49 जेन-Z उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि BJP ने 21 युवा प्रत्याशियों को टिकट दिया है। जयपुर में कांग्रेस ने BJP के मुकाबले दोगुने युवा उम्मीदवार (12 बनाम 6) मैदान में उतारे हैं।
किस शहर में सबसे ज़्यादा जेन-Z उम्मीदवार हैं?
कोटा में सबसे अधिक 18 जेन-Z उम्मीदवार हैं — कांग्रेस से 16 और BJP से 2। यह पाँचों सूचीबद्ध शहरों में युवा उम्मीदवारों की सर्वाधिक संख्या है।
राजस्थान निकाय चुनाव में जेन-Z उम्मीदवार कौन हैं?
इनमें जयपुर से BJP की पलक यादव (21) और कांग्रेस के फैज़ हसन (21), जोधपुर से कांग्रेस की सरस्वती (21) और BJP की भाग्यश्री आचार्य (24), तथा उदयपुर से BJP की प्रज्ञा पाटीदार (26) जैसे नाम शामिल हैं। ये उम्मीदवार छात्र, पेशेवर और सामाजिक कार्यकर्ता जैसी विविध पृष्ठभूमि से हैं।
राजस्थान नगर निगम चुनाव में युवाओं को टिकट देने का क्या महत्व है?
दोनों प्रमुख दलों द्वारा 13.72% जेन-Z उम्मीदवार उतारना युवा मतदाताओं को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर युवा राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की माँग के बीच आया है और स्थानीय निकाय राजनीति में पीढ़ी-परिवर्तन का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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