राजस्थान पंचायत चुनाव: यूथ कांग्रेस का 'पंचायत टास्क फोर्स' गठित, 50% टिकट युवाओं को देने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की युवा इकाई ने 19 अगस्त 2026 को जयपुर में एक विशेष 'पंचायत टास्क फोर्स' का गठन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत युवा उम्मीदवार उतारना है। इस पहल की औपचारिक शुरुआत यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली की उपस्थिति में की गई।
पंचायत टास्क फोर्स का ढाँचा और कार्यप्रणाली
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने बताया कि यह टास्क फोर्स उन युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने का काम करेगी, जो अब तक संगठन तक अपनी बात नहीं पहुँचा पाए हैं। टास्क फोर्स के तहत यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक राजस्थान के सभी जिलों में ब्लॉक और पंचायत स्तर पर दौरे करेंगे।
संगठन विशेष रूप से 39 वर्ष से कम आयु के ऐसे युवाओं की पहचान करेगा जो कांग्रेस से सीधे नहीं जुड़े हैं, लेकिन संविधान में आस्था रखते हैं। ऐसे संभावित उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए प्रशिक्षण और सांगठनिक सहायता प्रदान की जाएगी।
टिकट की गारंटी नहीं, चयन प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया कि टास्क फोर्स द्वारा चिह्नित किए जाने से पार्टी टिकट की कोई स्वतः गारंटी नहीं होगी। टास्क फोर्स संभावित उम्मीदवारों के नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेगी और अंतिम टिकट बंटवारा पार्टी की स्थापित चयन प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।
डोटासरा ने कहा कि युवाओं को राजनीति की मुख्यधारा में लाना कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्राथमिकता रही है और पार्टी इसी दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
भाजपा पर हमला और सरकार पर आरोप
डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी के भीतर आंतरिक कलह है। उन्होंने कहा, 'कमजोर पड़ते साये की परवाह कौन करता है?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली में विफल रही है और 'डमी उम्मीदवार' उतारने का प्रचलन रहा है।
विपक्ष के नेता जूली के विधानसभा मुद्दे
विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर लगाई गई रोक का मुद्दा उठाया और सरकार से यह आदेश तत्काल वापस लेने की माँग की। जूली ने कहा, 'यह कोई कानून-विहीन शासन नहीं है; हम स्कूलों का दौरा करेंगे। यहाँ सरकार नहीं बल्कि सर्कस चल रहा है।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूलों में कमियाँ उजागर करने पर लोगों को पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। जूली ने माँग की कि आगामी विधानसभा सत्र कम से कम 15 दिन और अधिकतम 25 दिन तक चले, ताकि जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त बहस हो सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन सवालों पर मंत्रियों ने पहले आश्वासन दिए थे, उन्हें बाद में विधानसभा की वेबसाइट से हटा दिया गया।
आगे क्या होगा
पंचायत टास्क फोर्स के गठन के बाद अब यूथ कांग्रेस के समन्वयक राजस्थान के जिलों में जमीनी दौरे शुरू करेंगे और संभावित युवा उम्मीदवारों की सूची तैयार करेंगे। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या पार्टी वास्तव में 50 प्रतिशत युवा उम्मीदवारों का लक्ष्य हासिल कर पाती है, जो राजस्थान की पंचायत राजनीति में एक उल्लेखनीय बदलाव होगा।