30 सितंबर 2026
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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: भाजपा-कांग्रेस में तीखी बयानबाजी, EVM-SIR पर भी घमासान

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: भाजपा-कांग्रेस में तीखी बयानबाजी, EVM-SIR पर भी घमासान

सारांश

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा-कांग्रेस का सियासी घमासान शुरू हो गया है। एक तरफ भाजपा ऐतिहासिक जीत के दावे कर रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस वोट शेयर के आँकड़े और EVM-SIR विवाद को हथियार बना रही है। नागौर से अभियान की शुरुआत कांग्रेस की जमीनी रणनीति की झलक देती है।

मुख्य बातें

मंत्री जोगाराम पटेल ने दावा किया कि राजस्थान पंचायत चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक सफलता मिलेगी।
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने हालिया निकाय चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा किया।
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के अनुसार निकाय चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 14-15% तक घटा; दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर 1% से कम रहा।
कांग्रेस 1 अक्टूबर 2026 को नागौर में पंचायती राज कार्यकर्ता सम्मेलन से पंचायत चुनाव अभियान की शुरुआत करेगी।
जूली ने SIR और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर कांग्रेस की लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया।
भाजपा ने EVM और SIR मुद्दों को विपक्ष की 'हार के बाद की राजनीति' करार दिया।

राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सियासी बयानबाजी 30 सितंबर 2026 को और तेज हो गई। मंत्री जोगाराम पटेल, डिप्टी मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने न केवल पंचायत चुनाव की तैयारियों पर, बल्कि इंडिया गठबंधन की बैठक, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर (SIR) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जैसे विवादित मुद्दों पर भी अपनी-अपनी राय सामने रखी।

भाजपा का दावा: पंचायत चुनाव में ऐतिहासिक जीत होगी

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के मौसम में सक्रिय होने वाली पार्टी नहीं है — उसके कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच काम करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पंचायत चुनावों में भी भाजपा को ऐतिहासिक सफलता मिलेगी।

पटेल ने हालिया निकाय चुनावों में भाजपा की जीत को जनता का जनादेश बताया और कहा कि यही मिशन पंचायत चुनावों में भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास न कोई विजन है, न संकल्प, और आंतरिक खींचतान जारी है।

डिप्टी सीएम बैरवा की प्रतिक्रिया

डिप्टी मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने इंडिया गठबंधन की बैठक और पंचायत चुनावों पर कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच उपस्थित रहता है। उन्होंने कांग्रेस के रोड शो संबंधी बयानों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस अब भाजपा की कार्यशैली का अनुसरण कर रही है, तो यह उसकी वर्तमान स्थिति का प्रमाण है।

बैरवा ने जोर देकर कहा कि हालिया निकाय चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला और पार्टी का संगठन जमीन पर सक्रिय है।

विपक्ष का पलटवार: वोट शेयर में भाजपा पिछड़ी

विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भाजपा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि निकाय चुनावों में भाजपा को करारी हार मिली है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 14-15 प्रतिशत तक घटा है, जबकि कांग्रेस के वोट शेयर में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर एक प्रतिशत से भी कम रह गया।

जूली ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से वे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा नागौर में पंचायती राज कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए अभियान की शुरुआत करेंगे। गौरतलब है कि भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत राजस्थान के नागौर से ही हुई थी, और कांग्रेस उसी ऐतिहासिक महत्व को अपने अभियान का केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।

EVM और SIR पर विवाद

जूली ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि 'वोट चोरी' का मुद्दा सबूतों के साथ जनता के सामने रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ा।

दूसरी ओर, मंत्री जोगाराम पटेल ने EVM और SIR जैसे मुद्दों को विपक्ष की चुनावी हार के बाद की प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है तो इन मुद्दों को उठाना उसकी स्थायी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने नागौर से अभियान शुरू कर पंचायत चुनावों में जमीनी संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया है। भाजपा भी अपने निकाय चुनावों की जीत की गति को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। राजस्थान में पंचायत चुनावों की तारीखों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन दोनों दलों की सियासी तैयारी यह स्पष्ट करती है कि मुकाबला कड़ा होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कांग्रेस वोट शेयर के घटने को अपनी ताकत बताती है। असली सवाल यह है कि जब दोनों पक्ष एक ही चुनाव को अपनी जीत बता रहे हों, तो जनता का भरोसा किस तरफ झुका है। SIR और EVM का मुद्दा चुनाव दर चुनाव उठता रहा है, लेकिन इसका असर ज़मीनी संगठन और उम्मीदवार चयन पर पड़ता है — और इस मोर्चे पर दोनों दल अभी भी रणनीति बना रहे हैं। नागौर से कांग्रेस का अभियान शुरू करना प्रतीकात्मक रूप से मजबूत है, पर असली परीक्षा जमीनी तैयारी की होगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 को लेकर भाजपा और कांग्रेस में किस बात पर विवाद है?
दोनों दल हालिया निकाय चुनावों के नतीजों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। भाजपा बहुमत की जीत का दावा करती है, जबकि कांग्रेस के नेता टीकाराम जूली कहते हैं कि भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 14-15% घटा है और दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर 1% से कम रह गया।
कांग्रेस पंचायत चुनाव अभियान की शुरुआत कहाँ और कब करेगी?
कांग्रेस 1 अक्टूबर 2026 को नागौर में पंचायती राज कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए अभियान की शुरुआत करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विपक्ष के नेता टीकाराम जूली इस सम्मेलन का नेतृत्व करेंगे। नागौर का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत वहीं से हुई थी।
राजस्थान में SIR और EVM विवाद क्या है?
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने राहुल गांधी के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची (SIR) से हटाए गए, जिससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा। भाजपा ने इन आरोपों को चुनावी हार के बाद उठाई जाने वाली राजनीति बताया।
भाजपा के मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई विजन या संकल्प नहीं है और पार्टी में आंतरिक खींचतान जारी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इंडिया गठबंधन में राहुल गांधी को नेता के रूप में आगे रखने को लेकर विपक्षी दलों में मतभेद बढ़ रहे हैं।
इंडिया गठबंधन के बारे में भाजपा और कांग्रेस की क्या स्थिति है?
भाजपा के जोगाराम पटेल ने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में जनता का भाजपा पर भरोसा बढ़ रहा है और इंडिया गठबंधन में आंतरिक मतभेद हैं। कांग्रेस के टीकाराम जूली ने पलटवार करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन मजबूत है और भाजपा को अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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