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किशन रेड्डी का कांग्रेस पर हमला: 'जीत पर श्रेय, हार पर EVM दोष — यही दोहरा मापदंड है'

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किशन रेड्डी का कांग्रेस पर हमला: 'जीत पर श्रेय, हार पर EVM दोष — यही दोहरा मापदंड है'

सारांश

जीत पर चुनाव आयोग की तारीफ, हार पर EVM पर आरोप — केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने हैदराबाद में कांग्रेस के इस 'पाखंड' को सार्वजनिक रूप से उजागर किया और राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के दावों को निराधार बताया। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर यह बहस राष्ट्रीय राजनीति में नया मोर्चा खोल रही है।

मुख्य बातें

किशन रेड्डी ने 27 सितंबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के दावे को BJP ने सिरे से खारिज किया।
तीनों चुनाव आयुक्तों ने व्यक्तिगत मुलाकात कर स्पष्ट किया कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है।
SIR प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत संचालित — किशन रेड्डी का बचाव।
कांग्रेस पर 1975 के आपातकाल और 2009 में चुनाव आयुक्तों को हटाने की सिफारिश का ऐतिहासिक हवाला।
राहुल गांधी पर सेना, न्यायपालिका, CBI , GST सहित कई संस्थाओं को 'कमजोर' करने का आरोप।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 27 सितंबर 2026 को हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर जीत का श्रेय लेना और हारने पर EVM तथा चुनाव आयोग को कोसना उनके 'दोहरे मापदंड' और 'निम्न स्तरीय राजनीति' का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) वोट नहीं चुराती, बल्कि जनता का दिल जीतती है।

कांग्रेस के 'पाखंड' पर सीधा निशाना

किशन रेड्डी ने विस्तार से आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में जीत के बाद चुनाव आयोग को 'उत्कृष्ट कार्य करने वाला' बताया और केरल में फर्जी वोट हटाने की प्रक्रिया की सराहना भी की। उन्होंने कहा, 'लेकिन जब भी BJP जीतती है, वे EVM और चुनाव आयोग को ही दोषी ठहराते हैं।' केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना नहीं है, और न ही EVM का काम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है।

चुनाव आयुक्तों के बीच 'मतभेद' पर सफाई

चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच कथित मतभेदों की खबरों पर किशन रेड्डी ने कहा कि आयुक्तों के बीच पत्रों का आदान-प्रदान और आंतरिक विचार-विमर्श होना एक स्वाभाविक प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने व्यक्तिगत मुलाकात कर स्पष्ट कर दिया है कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष को इस मामले पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोई आवश्यकता नहीं।

SIR प्रक्रिया पर BJP का बचाव

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का बचाव करते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और पर्यवेक्षण के तहत संचालित हो रही है। मृतकों के नाम, डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ और गलत विवरण हटाकर मतदाता सूची को दुरुस्त करना एक संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केरल और तमिलनाडु में इसे स्वीकार्य मानती है, लेकिन पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में इसकी आलोचना करती है — यही उनके दोहरे मानदंड का उदाहरण है।

इमरजेंसी और संवैधानिक संस्थाओं पर पलटवार

किशन रेड्डी ने कांग्रेस पर 1975 में आपातकाल लागू करने, प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने और विपक्षी नेताओं को जेल में बंद करने का इतिहास उठाते हुए कहा कि ऐसे दल को संविधान पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने 2009 में राष्ट्रपति को चुनाव आयुक्तों को हटाने की सिफारिश इसलिए की थी क्योंकि वे उनकी इच्छाओं का पालन नहीं कर रहे थे।

राहुल गांधी पर संस्थाओं को 'कमजोर' करने का आरोप

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर सेना प्रमुख, वायुसेना, सर्जिकल स्ट्राइक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, लोकसभा अध्यक्ष, मुख्य न्यायाधीश, CBI, खुफिया ब्यूरो, मीडिया संस्थानों, संसद और GST प्रणाली पर 'दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार' फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति देश की संवैधानिक और सुरक्षा संस्थाओं को कमजोर करती है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भले ही वे न्यायालय-निर्देशित हों। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि दोनों पक्षों का आचरण मिलकर संस्थाओं पर नागरिकों के भरोसे को कमजोर करता है।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशन रेड्डी ने कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप क्यों लगाया?
किशन रेड्डी का कहना है कि कांग्रेस ने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में जीत के बाद चुनाव आयोग की तारीफ की, लेकिन BJP की जीत पर EVM और आयोग को दोषी ठहराती है। उनके अनुसार यही 'पाखंड' और दोहरे मापदंड का प्रमाण है।
चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेद क्या थे?
मीडिया रिपोर्टों में आयुक्तों के बीच पत्रों के आदान-प्रदान को लेकर खबरें आई थीं। किशन रेड्डी ने कहा कि तीनों आयुक्तों ने व्यक्तिगत मुलाकात कर स्पष्ट कर दिया कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है और मामला शांत हो चुका है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है और इसका विवाद क्यों है?
SIR एक मतदाता सूची परिष्करण प्रक्रिया है जिसमें मृतकों के नाम, डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ और गलत विवरण हटाए जाते हैं। यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत संचालित है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि कुछ राज्यों में इसे चुनिंदा तरीके से लागू किया जा रहा है।
किशन रेड्डी ने कांग्रेस के संवैधानिक रिकॉर्ड पर क्या कहा?
उन्होंने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रेस की स्वतंत्रता दबाई, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा और 2009 में राष्ट्रपति को चुनाव आयुक्तों को हटाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि इस इतिहास के साथ कांग्रेस को संविधान पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं।
राहुल गांधी पर किशन रेड्डी के क्या आरोप हैं?
किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सेना, वायुसेना, सर्जिकल स्ट्राइक, NSA अजीत डोवाल, CBI, मुख्य न्यायाधीश, संसद और GST प्रणाली सहित कई संस्थाओं पर 'दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार' फैलाया है, जो देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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