राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों पर BJP कांग्रेस आमने सामने, तरुण चुघ बोले — 'चुनाव हारने पर EC को दोष देना पुरानी आदत'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'वोट चोरी' संबंधी आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच 19 अक्टूबर 2026 को तीखी वाकयुद्ध छिड़ गई। BJP ने इन आरोपों को न केवल झूठा, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर हमला बताया, जबकि कांग्रेस ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को सत्ता से हटाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है।
तरुण चुघ का हमला
BJP सांसद तरुण चुघ ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अगर राहुल गांधी को सच में देश की जनता और लोकतंत्र पर भरोसा है, तो उन्हें चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र, न्याय तंत्र, मीडिया और संसद जैसी पवित्र संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए। उन्हें आरोप लगाने की बजाय ठोस सबूत सामने लाने चाहिए। हर चुनाव में हार के बाद उसका ठीकरा आयोग पर फोड़ना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक आदत बन चुकी है।"
चुघ ने आगे कहा, "भारत में सरकारें संविधान और लोकतंत्र के जरिए चुनाव से चुनी जाती हैं, न कि सड़क पर खूनी संघर्ष के नारों से। भारत के लोकतांत्रिक स्तंभों के खिलाफ झूठ फैलाकर युवाओं को भड़काने और देश में अस्थिरता पैदा करने की किसी भी कोशिश को देश की 140 करोड़ जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग, संवैधानिक व्यवस्थाओं और न्यायतंत्र को लगातार बदनाम करने का काम कर रहे हैं, जिससे देश में अविश्वास और टकराव का माहौल बन रहा है।
संदीप दीक्षित का पलटवार
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "सरकार बदलना हर विपक्षी दल की जिम्मेदारी और कर्तव्य है। हम सरकार के प्रति तटस्थ रहने के लिए नहीं बने हैं। हमारा काम सरकार को सत्ता से हटाना है, जब वह जनहित में काम नहीं करती।"
दीक्षित ने यह भी कहा, "राहुल गांधी पिछले 11 सालों से लगातार यही कर रहे हैं और अब यह बात एक व्यापक जनभावना बन चुकी है।" उन्होंने BJP को आगाह करते हुए कहा कि तीन साल बाद जब वह चुनाव हारेगी, तो संस्थाओं के साथ किए गए कृत्यों और भ्रष्टाचार के खुलासे होंगे और उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
राहुल के विदेश दौरे पर विवाद
दीक्षित ने राहुल गांधी के विदेश दौरे पर BJP के सवालों का भी जवाब दिया। BJP ने आरोप लगाया था कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान राहुल गांधी विदेश चले गए।
इस पर दीक्षित ने कहा, "राहुल गांधी विदेश जाते हैं या नहीं जाते हैं, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। वह नेता प्रतिपक्ष हैं। जब भी वह विदेश जाते हैं, विश्वविद्यालयों में छात्रों से, वहाँ के व्यापार समुदाय से और भारतीय मूल के लोगों से मिलते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ देश में परंपरा थी कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री विदेश नहीं जाते थे, वहीं मौजूदा प्रधानमंत्री उस दौरान भी विदेश दौरे करते हैं — और इस पर BJP को कोई आपत्ति नहीं होती।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब चुनावी मौसम से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और उसका पुरजोर खंडन करना — यह राजनीतिक बहस का एक स्थायी मोर्चा बनता जा रहा है। आगे आने वाले महीनों में यह बहस और तीखी होने के आसार हैं।