19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों पर BJP कांग्रेस आमने सामने, तरुण चुघ बोले — 'चुनाव हारने पर EC को दोष देना पुरानी आदत'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों पर BJP कांग्रेस आमने सामने, तरुण चुघ बोले — 'चुनाव हारने पर EC को दोष देना पुरानी आदत'

सारांश

राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों ने BJP और कांग्रेस को एक बार फिर आमने सामने ला दिया है। तरुण चुघ ने हार के बाद चुनाव आयोग को दोष देने को 'पुरानी कांग्रेसी आदत' बताया, तो संदीप दीक्षित ने BJP को तीन साल बाद होने वाले 'खुलासों' की चेतावनी दे डाली।

मुख्य बातें

BJP सांसद तरुण चुघ ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर दोष मढ़ना 'कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक आदत' है।
चुघ ने चेताया कि 140 करोड़ जनता लोकतांत्रिक स्तंभों के खिलाफ झूठ फैलाने की किसी भी कोशिश को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि सरकार बदलना विपक्ष का संवैधानिक कर्तव्य है और राहुल गांधी पिछले 11 सालों से यही कर रहे हैं।
दीक्षित ने BJP को चेतावनी दी कि तीन साल बाद चुनाव हारने पर संस्थाओं के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के खुलासे होंगे।
दीक्षित ने दुर्गा पूजा के दौरान राहुल के विदेश दौरे पर BJP की आलोचना को खारिज किया और प्रधानमंत्री के संसद सत्र में विदेश जाने का हवाला दिया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'वोट चोरी' संबंधी आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच 19 अक्टूबर 2026 को तीखी वाकयुद्ध छिड़ गई। BJP ने इन आरोपों को न केवल झूठा, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर हमला बताया, जबकि कांग्रेस ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को सत्ता से हटाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है।

तरुण चुघ का हमला

BJP सांसद तरुण चुघ ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "अगर राहुल गांधी को सच में देश की जनता और लोकतंत्र पर भरोसा है, तो उन्हें चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र, न्याय तंत्र, मीडिया और संसद जैसी पवित्र संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए। उन्हें आरोप लगाने की बजाय ठोस सबूत सामने लाने चाहिए। हर चुनाव में हार के बाद उसका ठीकरा आयोग पर फोड़ना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक आदत बन चुकी है।"

चुघ ने आगे कहा, "भारत में सरकारें संविधान और लोकतंत्र के जरिए चुनाव से चुनी जाती हैं, न कि सड़क पर खूनी संघर्ष के नारों से। भारत के लोकतांत्रिक स्तंभों के खिलाफ झूठ फैलाकर युवाओं को भड़काने और देश में अस्थिरता पैदा करने की किसी भी कोशिश को देश की 140 करोड़ जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग, संवैधानिक व्यवस्थाओं और न्यायतंत्र को लगातार बदनाम करने का काम कर रहे हैं, जिससे देश में अविश्वास और टकराव का माहौल बन रहा है।

संदीप दीक्षित का पलटवार

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "सरकार बदलना हर विपक्षी दल की जिम्मेदारी और कर्तव्य है। हम सरकार के प्रति तटस्थ रहने के लिए नहीं बने हैं। हमारा काम सरकार को सत्ता से हटाना है, जब वह जनहित में काम नहीं करती।"

दीक्षित ने यह भी कहा, "राहुल गांधी पिछले 11 सालों से लगातार यही कर रहे हैं और अब यह बात एक व्यापक जनभावना बन चुकी है।" उन्होंने BJP को आगाह करते हुए कहा कि तीन साल बाद जब वह चुनाव हारेगी, तो संस्थाओं के साथ किए गए कृत्यों और भ्रष्टाचार के खुलासे होंगे और उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

राहुल के विदेश दौरे पर विवाद

दीक्षित ने राहुल गांधी के विदेश दौरे पर BJP के सवालों का भी जवाब दिया। BJP ने आरोप लगाया था कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान राहुल गांधी विदेश चले गए।

इस पर दीक्षित ने कहा, "राहुल गांधी विदेश जाते हैं या नहीं जाते हैं, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। वह नेता प्रतिपक्ष हैं। जब भी वह विदेश जाते हैं, विश्वविद्यालयों में छात्रों से, वहाँ के व्यापार समुदाय से और भारतीय मूल के लोगों से मिलते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ देश में परंपरा थी कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री विदेश नहीं जाते थे, वहीं मौजूदा प्रधानमंत्री उस दौरान भी विदेश दौरे करते हैं — और इस पर BJP को कोई आपत्ति नहीं होती।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब चुनावी मौसम से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और उसका पुरजोर खंडन करना — यह राजनीतिक बहस का एक स्थायी मोर्चा बनता जा रहा है। आगे आने वाले महीनों में यह बहस और तीखी होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये आरोप प्रत्यारोप संस्थाओं में जनता के भरोसे को धीरे धीरे खोखला करते रहते हैं। संदीप दीक्षित की 'तीन साल बाद खुलासे' वाली चेतावनी राजनीतिक बयानबाजी से आगे तभी जाएगी, जब कांग्रेस विशिष्ट दस्तावेजी प्रमाण के साथ सामने आए। फिलहाल यह बहस सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए एक सुविधाजनक चुनावी नैरेटिव बनाने का अवसर भर है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का आरोप क्यों लगाया?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए 'वोट चोरी' का आरोप लगाया। BJP ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हर हार के बाद चुनाव आयोग को दोष देना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
तरुण चुघ ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे युवाओं को भड़काने और देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
संदीप दीक्षित ने BJP को क्या जवाब दिया?
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि सरकार बदलना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने BJP को चेतावनी दी कि तीन साल बाद चुनाव हारने पर संस्थाओं के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के खुलासे होंगे, इसलिए वह अभी से तैयारी कर ले।
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर विवाद क्यों हुआ?
BJP ने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान राहुल गांधी विदेश चले गए। संदीप दीक्षित ने इसे उनका व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कहा कि वह विदेश में भी भारत से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं और प्रधानमंत्री स्वयं संसद सत्र में भी विदेश दौरे करते हैं।
इस राजनीतिक विवाद का व्यापक संदर्भ क्या है?
यह बहस आगामी चुनावी मौसम से पहले BJP और कांग्रेस के बीच बढ़ते वाकयुद्ध का हिस्सा है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल और उसका खंडन भारतीय राजनीति में एक नियमित पैटर्न बन चुका है, जो आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले