राहुल गांधी के वोट चोरी आरोपों पर BJP का पलटवार: आरपी सिंह बोले- विपक्ष अराजकता फैला रहा है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश की जनता विपक्ष की राजनीतिक चालों को भली-भाँति समझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना किसी ठोस मुद्दे के विदेशी ताकतों के सहारे देश में अराजकता का वातावरण तैयार करने की कोशिश कर रही है।
वोट चोरी के आरोप और आयोग पर निशाना
आरपी सिंह ने आकाशवाणी भवन परिसर में हुई एक घटना का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर एक निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड ने राहुल गांधी से कहा था कि उन्हें लूट रोकने के लिए भेजा गया था, लेकिन उन्होंने पूरे देश को ही लूट लिया। BJP प्रवक्ता ने इस प्रसंग का हवाला देते हुए कहा कि जनता की समझ विपक्ष से कहीं आगे है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और सेना जैसी संस्थाओं को निशाना बनाकर संदेह का माहौल बनाना लोकतंत्र के लिए घातक है।
महुआ मोइत्रा की टिप्पणी और शालीनता का सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा BJP सांसद निशिकांत दुबे पर की गई विवादित टिप्पणी को सोशल मीडिया से हटाए जाने पर आरपी सिंह ने कहा — 'देर आए, दुरुस्त आए।' उन्होंने मोइत्रा को सलाह दी कि राजनीति में शालीनता बनाए रखना संभव है और हर मुद्दे पर विवाद खड़ा करना न तो ज़रूरी है, न ही उचित।
चीन से जुड़ी कथित फर्जी पोस्ट और माफी की मांग
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की ओर से कांग्रेस से माफी माँगने की मांग पर BJP प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को माफी माँगनी चाहिए। उनका कहना था कि सेना से संबंधित कथित फर्जी वीडियो पोस्ट करके देश में एक विशेष माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियों से न्यायपालिका, मुख्य चुनाव आयुक्त और सशस्त्र बलों जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की विश्वसनीयता को जानबूझकर संदेह के घेरे में डाला जा रहा है।
खड़गे की भाषा और दिवंगत को राजनीति में घसीटने पर आपत्ति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को 'गलती' बताए जाने पर आरपी सिंह ने कहा कि चव्हाण को देर से ही सही, अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों की आलोचना और उनके दिवंगत माता-पिता को राजनीतिक विवादों में घसीटना — ये दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने भी खड़गे की भाषा को अनुचित बताया था। आरपी सिंह ने उम्मीद जताई कि खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी इस मुद्दे पर माफी माँगेंगे।
पंजाब विधानसभा में सुखपाल खैरा का निलंबन
पंजाब विधानसभा में विधायक सुखपाल खैरा को लेकर हुए हंगामे पर BJP प्रवक्ता ने कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि सदन में नशे जैसे गंभीर मुद्दे पर आवाज उठाता है, तो उसे निलंबित कर देना उचित नहीं है। उन्होंने खैरा के निलंबन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में नशे की समस्या पर विधायी बहस तेज हो रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है।