बंगाल नगर निकाय चुनाव: विपक्ष की माँग — एसआईआर से पहले की मतदाता सूची हो आधार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (WBSEC) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को विपक्षी दलों ने एक साझा माँग रखी — सात शहरी निकायों के आगामी चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से पहले की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएँ। विपक्ष का तर्क है कि चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे उनका मताधिकार खतरे में पड़ गया है।
सर्वदलीय बैठक में उठी आपत्तियाँ
सूत्रों के अनुसार, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) — तीनों के प्रतिनिधियों ने WBSEC के समक्ष यह चिंता दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान हटाए गए कई मतदाताओं का भविष्य अब अपीलीय न्यायाधिकरणों के निर्णयों पर निर्भर है।
WBSEC के एक अधिकारी ने बताया, 'तीनों राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का दावा है कि SIR के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उनका तर्क है कि ऐसी स्थिति में अगर शहरी निकायों के चुनाव SIR के बाद वाली मतदाता सूची के आधार पर कराए जाते हैं, तो यह उन मतदाताओं के साथ अन्याय होगा।'
मतदाता सूची संशोधन का मौजूदा कार्यक्रम
फिलहाल राज्य में मतदाता सूची के विशेष संशोधन की प्रक्रिया जारी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को ड्राफ्ट सूची जारी होगी और 4 जनवरी 2027 को अंतिम संशोधित सूची प्रकाशित की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने पहले स्पष्ट किया था कि जिन लोगों के नाम जुलाई 2026 तक सूची में दर्ज थे, वे मतदान कर सकेंगे।
गौरतलब है कि यदि सात शहरी निकायों के चुनाव नवंबर में होते हैं, तो अक्टूबर की मतदाता सूची ही अंतिम मानी जाएगी — यही वह बिंदु है जिस पर विपक्ष को आपत्ति है, क्योंकि अपीलीय प्रक्रिया अभी लंबित है।
चुनाव कार्यक्रम पर अनिश्चितता
सूत्रों के अनुसार, पहले योजना थी कि इन सात नगर निकायों के चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह में हों और दिसंबर 2026 की शुरुआत तक नए नगर बोर्डों का गठन हो जाए। हालाँकि मतदाता सूची की तैयारी और वार्डों के परिसीमन को लेकर बनी अनिश्चितताओं ने इस समय-सीमा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब नवंबर में चुनाव होने की संभावना काफी क्षीण हो गई है।
किन निकायों में होने हैं चुनाव
साल के अंत तक जिन प्रमुख नगर निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं, उनमें कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम शामिल हैं। शेष शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान फरवरी 2027 में होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे राज्य में राजनीतिक तनाव और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है।
आगे की राह
WBSEC को अब विपक्ष की माँग और चुनाव की संवैधानिक समय-सीमा के बीच संतुलन बिठाना होगा। अपीलीय न्यायाधिकरणों का अंतिम निर्णय और परिसीमन प्रक्रिया की पूर्णता मिलकर तय करेगी कि चुनाव की तारीखों की घोषणा कब होगी।