27 अक्टूबर 2026
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यूरोपीय संघ ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की, रेड सी जहाज़रानी और सऊदी अरब पर हमलों पर जताई चिंता

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यूरोपीय संघ ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की, रेड सी जहाज़रानी और सऊदी अरब पर हमलों पर जताई चिंता

सारांश

यूरोपीय संघ ने यमन, सऊदी अरब और लाल सागर में हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमले में 12 की मौत और 309 घायल हुए। EU प्रमुख कोस्टा ने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में बातचीत की अपील करते हुए यमन सरकार को पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

यूरोपीय संघ ने 27 अक्टूबर 2026 को यमन, सऊदी अरब और लाल सागर में हूती हमलों की कड़ी निंदा की।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने यमनी राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी से फोन पर बातचीत कर EU का पूर्ण समर्थन दोहराया।
10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले में 12 लोगों की मौत और 309 घायल ।
मृतकों में सऊदी के 4 और बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन व सूडान सहित 8 विदेशी नागरिक शामिल।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हमले की निंदा कर नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
कोस्टा ने जोर दिया कि यमन में स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक समाधान से ही संभव है।

यूरोपीय संघ (EU) ने 27 अक्टूबर 2026 को यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने हूती समूह से तत्काल हमले रोकने, तनाव कम करने और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में शांति वार्ता की मेज पर लौटने का आह्वान किया।

कोस्टा और यमनी नेतृत्व के बीच बातचीत

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के साथ फोन पर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान कोस्टा ने यमन में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में यमन सरकार को EU के पूर्ण समर्थन और एकजुटता का स्पष्ट आश्वासन दिया।

कोस्टा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यमन में युद्ध तेज हो रहा है, जिससे मानवीय संकट और गहरा रहा है और लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। मैंने अभी राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी से बात की और यमन सरकार तथा शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उसके प्रयासों के प्रति EU की पूर्ण एकजुटता और समर्थन की पुष्टि की।'

उन्होंने आगे जोड़ा कि EU यमन के भीतर, सऊदी अरब के खिलाफ और लाल सागर में जहाज़ों पर हूती हमलों की कड़ी निंदा करता है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यमन में स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक समाधान के जरिए ही संभव है।

रियाद हवाई अड्डे पर घातक हमला

10 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर हूती समूह ने हमला किया था। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 अन्य घायल हुए।

मृतकों में सऊदी अरब के 4 नागरिक और 8 विदेशी निवासी शामिल थे। विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के 2 और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी एक बयान में कहा था, 'मैं सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूतियों के शनिवार को किए गए घातक हमले से बेहद स्तब्ध हूं और इसकी कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में कथित तौर पर 12 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों नागरिक घायल हुए।'

गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है और ऐसे हमले तत्काल बंद होने चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब यमन संघर्ष वैश्विक जहाज़रानी और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं पर भी गहरा असर डाल रहा है।

हूती समूह का रुख और गठबंधन की चेतावनी

हमले के बाद हूती समूह ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह सऊदी अरब के साथ जवाबी कार्रवाई से जुड़े कदमों के लिए तैयार है, ताकि हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और मानवीय कार्यों से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ते सैन्य टकराव से बाहर रखा जा सके।

वहीं, यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर हमले के बाद कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि लाल सागर में हूती हमलों के कारण वैश्विक व्यापार मार्गों पर भारी दबाव बना हुआ है और कई शिपिंग कंपनियाँ वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को विवश हैं।

आगे क्या होगा

यूरोपीय संघ का यह कड़ा रुख यमन संघर्ष में अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की व्यापक कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हूती समूह पर ठोस राजनयिक और आर्थिक दबाव नहीं बनाया जाता, तब तक लाल सागर में जहाज़रानी की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन रहेगा। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में वार्ता की संभावनाओं पर अगले हफ्तों में नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि बयानबाज़ी से आगे EU कितने ठोस कदम उठाने को तैयार है। लाल सागर में हूती हमले वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं और यूरोपीय नौसैनिक अभियान 'एस्पाइड्स' की सीमित प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं। रियाद हवाई अड्डे पर 12 नागरिकों की मौत यह भी दर्शाती है कि संघर्ष अब सीधे नागरिक ढाँचे को निशाना बना रहा है — जो अंतरराष्ट्रीय कानून की खुली अनदेखी है। बिना जवाबदेही तंत्र के केवल निंदा प्रस्तावों से हूती रणनीति पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं दिखती।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोपीय संघ ने हूती हमलों की निंदा क्यों की?
यूरोपीय संघ ने यमन, सऊदी अरब और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों को लेकर 27 अक्टूबर 2026 को कड़ी निंदा की। EU प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने इसे मानवीय संकट को और गहरा करने वाला बताया और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में वार्ता की अपील की।
रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हूती हमले में कितने लोग मारे गए?
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 अन्य घायल हुए। मृतकों में सऊदी के 4 और 8 विदेशी नागरिक शामिल थे।
लाल सागर में हूती हमलों का असर क्या है?
हूती हमलों के कारण लाल सागर से गुज़रने वाले वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हो रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियाँ वैकल्पिक लंबे मार्गों का उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ी है और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर दबाव है।
संयुक्त राष्ट्र ने हूती हमलों पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 अक्टूबर 2026 को रियाद हवाई अड्डे पर हूती हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमले तत्काल बंद करने की माँग की।
यमन में शांति की संभावनाएँ क्या हैं?
EU प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने कहा है कि यमन में स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक समाधान के जरिए ही संभव है। हूती समूह से संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में वार्ता फिर शुरू करने की अपील की गई है, हालाँकि अभी तक दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बनी है।
राष्ट्र प्रेस
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