रियाद हवाई अड्डे पर हूती हमले के बाद यूएई बोला — खाड़ी के सभी देश निशाने पर, सामूहिक सुरक्षा अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने 12 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट चेतावनी दी कि सऊदी अरब पर हो रहे लगातार हमले केवल सऊदी अरब की नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत समस्त खाड़ी देशों की सुरक्षा को कमज़ोर करते हैं। उन्होंने खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने और रक्षा के क्षेत्र में आपसी समन्वय को पुनः सक्रिय करने को अपरिहार्य बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर 2026 को रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए हमले में एक भारतीय नागरिक सहित 13 लोगों की जान ले ली और 300 से अधिक लोग घायल हो गए।
हमले का स्वरूप और विस्तार
हूती विद्रोहियों ने शनिवार रात रियाद एयरपोर्ट पर पहला हमला किया, जिसके बाद सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन तत्काल बंद कर दिया। इससे पहले कि हालात सामान्य हो पाते, हूतियों ने रविवार को घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल-3 और टर्मिनल-4 पर दोबारा हमला कर दिया।
विद्रोहियों ने रविवार को ही रियाद एयरपोर्ट और सऊदी हवाई क्षेत्र के उपयोग न करने की सार्वजनिक चेतावनी जारी की। 10 अक्टूबर का यह हमला पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर हुआ सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।
गर्गाश का एक्स पोस्ट और मुख्य संदेश
गर्गाश ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'खाड़ी देशों की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना अब बेहद ज़रूरी हो गया है। सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में संयुक्त खाड़ी कार्रवाई की उपेक्षा के कारण दूसरे पक्षों को क्षेत्रीय देशों के खिलाफ अपनी कार्रवाई बढ़ाने का मौका मिला है।'
उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों की यह गलत धारणा रही कि युद्ध से बचने की कोशिश कर रहे खाड़ी देश सबसे कमज़ोर कड़ी हैं। इन हमलों ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र के सभी देश निशाने पर हैं और उनकी सुरक्षा एक-दूसरे से अलग नहीं की जा सकती।
भारतीय नागरिकों और उड़ानों पर असर
हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। भारत की विभिन्न एयरलाइनों ने रियाद जाने वाली उड़ानें 14 या 15 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। रियाद हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शनिवार से बंद पड़ी हैं, जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले हज़ारों भारतीय प्रवासियों की यात्रा योजनाएँ प्रभावित हुई हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि सऊदी अरब पर इस पैमाने का आतंकी हमला इससे पहले मई 2015 में हुआ था, जब कातिफ में एक शिया मस्जिद पर हमले में 21 लोगों की मौत हो गई थी और उसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 10 अक्टूबर 2026 का रियाद एयरपोर्ट हमला उस घटना से भी बड़ा और अधिक नुकसानदेह बताया जा रहा है।
दुनिया भर में इस हमले की निंदा हो रही है और इसे एकसुर में क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला खतरनाक कदम करार दिया जा रहा है। गर्गाश ने क्षेत्रीय देशों से अपील की है कि वे साझा सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करें और रक्षा समन्वय को नई ऊर्जा दें।
आगे की स्थिति
हूती विद्रोहियों के हमलों का सिलसिला जारी रहने की आशंका के बीच खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के स्तर पर सामूहिक सुरक्षा प्रतिक्रिया की माँग तेज़ हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रियाद एयरपोर्ट जैसे नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना यमन संघर्ष को एक नए और अधिक खतरनाक चरण में ले जाता है।